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साहिबगंज में गला रेतकर हत्या का खुला राज, चचेरे भाई ने ही उतारा था अमीन को मौत के घाट; पुलिस ने किया गिरफ्तार

Published: Mon, 05 Oct 2026 02:58 PM (IST)

Sahibganj News: राजमहल के मोहनपुर में गौर चंद्र बागती की हत्या की गुत्थी सुलझ गई है, जिसमें उसके चचेरे भाई ...और पढ़ें

गिरफ्त में बहादुर बागती और घटना की जानकारी देते एसडीपीओ विमलेश त्रिपाठी। (फोटो जागरण)

गिरफ्त में बहादुर बागती और घटना की जानकारी देते एसडीपीओ विमलेश त्रिपाठी। (फोटो जागरण)

संवाद सहयोगी, राजमहल/उधवा (साहिबगंज)। साहिबगंज जिले के राधानगर थाना क्षेत्र के मोहनपुर में रविवार सुबह हुई 55 वर्षीय गौर चंद्र बागती की हत्या की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। उसकी हत्या आपसी रंजिश में उसके चचेरे भाई बहादुर बागती ने की थी।

पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है। घटना में प्रयुक्त चाकू भी बरामद कर ली गयी है। यह जानकारी सोमवार को अपने कार्यालय में एसडीपीओ विमलेश त्रिपाठी ने पत्रकारों को दी।

उन्होंने बताया कि रविवार की सुबह करीब 4:45 बजे राधानगर थाना पुलिस को सूचना मिली थी कि मोहनपुर चौक के पास वहीं के रहने वाले गौर चंद्र बागती की गला रेतकर हत्या कर दी गई है। सूचना मिलते ही वरीय अधिकारियों को जानकारी दी गई।

इसके बाद पुलिस अधीक्षक ने उनके नेतृत्व में विशेष छापामारी दल का गठन किया। पुलिस टीम ने मानवीय और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर मृतक के चचेरे भाई बहादुर बागती को हिरासत में लेकर पूछताछ की। कड़ाई से पूछताछ में बहादुर बागती ने हत्या में अपनी संलिप्तता स्वीकार की।

उसने पुलिस को बताया कि आपसी रंजिश के कारण उसने घटना को अंजाम दिया। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त चाकू और घटनास्थल से चप्पल भी बरामद की है। गिरफ्तार आरोपित को न्यायिक अभिरक्षा में भेजा जा रहा है।

इस मौके पर पुलिस निरीक्षक राजीव रंजन, राजमहल थाना प्रभारी हसनैन अंसारी, गंगा नदी थाना प्रभारी अरुण कुमार सिंह, राधानगर थाना के संग्राम सिंह सोय सहित पुलिस बल शामिल रहे। गौरतलब हो कि गौर चंद्र बागती मार्निंग वाक के लिए सुबह में निकला था।

घटनास्थल के पास वह अपने दोस्त श्रीपद मंडल का इंतजार कर रहा था तभी पीछे से आरोपित ने उस पर चाकू से हमला कर दिया तथा गला रेत दिया। उसने मदद के लिए आवाज लगाई तथा अपने बचाव का प्रयास भी किया लेकिन लोगों को जब-तक समझ में आता, आराेपित चाकू से उसका गला रेतकर फरार हो गया।

प्राइवेट अमीन का करता था काम

गौर बागती प्राइवेट अमीन के रूप में कार्य कर अपने परिवार का भरन पोषण करता था। उसकी पत्नी घर में छोटी सा किराना दुकान चलाती है। घर में बूढ़ी मां और एक पुत्र है। लगभग छह महीने पहले उसकी बेटी का असमय निधन हो गया था।

गौर चंद्र बागती के पुत्र अमित बागती ने बताया कि उसके पिता का हाल फिलहाल में किसी से कोई विवाद नहीं हुआ है। इस संबंध में अमित बागती के बयान पर हत्या का मामला दर्ज किया गया था।

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