साहिबगंज में लापता हुए 4 बांग्लादेशी नागरिक, पाकिस्तानी कनेक्शन से बढ़ी सुरक्षा एजेंसियों की चिंता
Bangladesh-Pakistan Link: झारखंड के साहिबगंज में चार बांग्लादेशी नागरिकों के गुम होने से स्थानीय पुलिस और खुफिया एजेंसियों की चिंता बढ़ गई है।

साहिबगंज में पकड़ा गया बांग्लादेशी नागरिक सुमन मियां। (फोटो सौजन्य)
HighLights
साहिबगंज में चार बांग्लादेशी नागरिकों का रहस्यमय ढंग से गुम होना।
पकड़े गए एक बांग्लादेशी से पाकिस्तानी नोट बरामद, लिंक की जांच।
केंद्रीय खुफिया एजेंसियां और एनआईए मामले की गहनता से जांच में जुटी।
डा. प्रणेश, साहिबगंज। झारखंड के साहिबगंज जिले में करमटोला से साहिबगंज के बीच गुरुवार की रात गुम हुए चार बांग्लादेशी नागरिकों ने स्थानीय पुलिस के साथ-साथ खुफिया एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है।
मेघालय की सीमा से भारत में घुसे 18 बांग्लादेशियों की तलाश में खुफिया एजेंसियां जुटी ही थी तभी यह नई टेंशन सामने आ गयी है। चूंकि पकड़े गए उनके एक साथी 26 वर्षीय सुमन मियां के पास से पाकिस्तानी व नेपाली नोट भी मिला है, इसलिए उनके पाकिस्तानी लिंक से भी इन्कार नहीं किया जा सकता है।
इसे देखते हुए शुक्रवार की रात केंद्रीय खुफिया एजेंसी के अफसरों ने आरपीएफ पोस्ट पहुंचकर पकड़े गए युवक से पूछताछ की। इस दौरान उसने कई महत्वपूर्ण जानकारी दी। मिली सूचना से वरीय अधिकारियों को अवगत कराया कराया गया है जिसके बाद श्रीनगर में रह रहे इनके अन्य साथियों को पकड़ने की कोशिश की जा रही है।
उससे पूछताछ के लिए एनआइए के अधिकारियों के भी शनिवार देर रात तक यहां पहुंचने की उम्मीद है। इस मामले में आरपीएफ इंस्पेक्टर समीरन चौधरी के बयान पर साहिबगंज रेल थाने में प्राथमिकी दर्ज की गयी है।
क्या है मामला
आठ अक्टूबर को साहिबगंज-भागलपुर रेलखंड पर स्थित करमटोला स्टेशन के पास चेन पुलिंग की वजह से 15657 डाउन ब्रह्मपुत्र मेल रुक गयी। ट्रेन मैनेजर ने इसकी शिकायत कियूल से मालदा के बीच गश्त कर रही आरपीएफ टीम के प्रमुख एएसआइ सुरेश पासवान से की।
इसके बाद गश्ती पार्टी ने ट्रेन में छानबीन शुरू की। इस बीच आरपीएफ को देखते हुए चार युवक ट्रेन से उतर कर अंधेरे में गुम हो गए जबकि सुमन मियां पकड़ा गया। उससे पूछताछ के क्रम में ही ट्रेन साहिबगंज से खुल गयी और बरहड़वा पहुंच गयी।
बरहड़वा में उक्त युवक को उतार कर पुन: हावड़ा गया एक्सप्रेस से साहिबगंज लाया गया जहां उससे गहन पूछताछ की गयी। उसके पास से एक एंड्रायड मोबाइल फोन बरामद किया गया जिसमें सिम लगा हुआ था जबकि दो कीपैड फोन, पाकिस्तानी व नेपाली नोट, बांग्लादेश का आइकार्ड बरामद किया गया।
दोनों कीपैड फोन में सिम नहीं था। आई कार्ड पर दर्ज पते के अनुसार वह बांग्लादेश के सिलेट जिले के रानीगंज का रहनेवाला है। सिलेट जिला असम की सीमा पर है।
जुलाई में सीमा पार कर आया था असम
पूछताछ के दौरान उसने बताया कि वह जुलाई में अंतरराष्ट्रीय सीमा पार कर असम में घुसा था। इसके लिए उसे एक दलाल को 10 हजार रुपये का भुगतान करना पड़ा। वह मजदूरी करने के लिए भारत आया था। इसके बाद वह गुवाहाटी-दिल्ली होते हुए श्रीनगर गया।
वहां सफर अली नामक कबाड़ व्यवसायी से मिला। वह भी बांग्लादेश का रहनेवाला है लेकिन 30 साल से वहां रह रहा है। सफर अली ने उसे काम पर लगा दिया। इसके बाद उसने एक पुराना मोबाइल खरीदा जिसमें सफल अली द्वारा उपलब्ध कराया गया सिम (9149778865) लगा कर चालू किया।
इसके बाद वह वाट्सअप व आइएमओ के माध्यम से अपने घरवालों को काल करता था। कुछ दिनों पूर्व जब श्रीनगर में बांग्लादेशियों की धड़पकड़ शुरू हुई तो सफर अली वहां से भाग गया। कोई काम न मिलने पर सुमन मियां अपने चार अन्य साथियों के साथ ब्रह्मपुत्र मेल से लौट रहा था।
सात अक्टूबर को वह ब्रह्मपुत्र मेल में सवार हुआ। उसके पास दिल्ली से गुवाहाटी तक का टिकट भी बरामद किया गया।
वह ट्रेन की जेनरल बोगी में सामान रखने वाले स्टैंड पर सो गया। भूलवश उसने ट्रेन रोकने वाली जंजीर को पकड़ लिया। दवाब पड़ने की वजह से ट्रेन रुक गयी और वह पकड़ा गया।
18 बांग्लादेशी देश में घुसे
पिछले दिनों देश की सुरक्षा व्यवस्था में सेंध लगाते हुए 18 बांग्लादेशी भारत में घुस गए। वे ट्रेन के माध्यम से देश के विभिन्न राज्यों में स्थित सुरक्षित ठिकानों तक पहुंचने की कोशिश में हैं।
इस तरह की खुफिया सूचना के बाद झारखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश व मध्य प्रदेश में अलर्ट जारी किया गया है। ट्रेनों पर विशेष नजर रखी जा रही है।
बताया जा रहा है कि आठ बांग्लादेशी नागरिक आठ सितंबर को मेघालय के मौसिनराम के रास्ते भारत में घुसे। 10 बांग्लादेशी नागरिकों का एक दूसरा जत्था मेघालय के डाउकी क्षेत्र से भारत में घुसा।
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