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Eastern Railway: गंगा कटाव से साहिबगंज-बरहड़वा खंड पर रेल सेवा चरमराई, 1 दर्जन ट्रेनें रद; यात्री हलकान

Published: Wed, 30 Sep 2026 04:12 AM (IST)

Sahibganj News: गंगा में कटाव के कारण साहिबगंज-बरहड़वा रेलखंड पर मिट्टी धंसने से रेल सेवा चरमरा गई है। इसके चलते कई ट्रेनें रद्द या मार्ग परिवर्तित की गई हैं।

ट्रेनों का परिचालन रद होने से साहिबगंज स्टेशन पर परेशान यात्री। (फोटो जागरण)

ट्रेनों का परिचालन रद होने से साहिबगंज स्टेशन पर परेशान यात्री। (फोटो जागरण)

HighLights

  1. गंगा कटाव से साहिबगंज-बरहड़वा रेलखंड पर मिट्टी धंसने से परिचालन बाधित।

  2. कई ट्रेनें रद्द या मार्ग परिवर्तित, यात्रियों को भारी परेशानी हुई।

  3. रेलवे द्वारा युद्धस्तर पर कटावरोधी कार्य जारी, अधिकारी स्थिति पर नजर।

जागरण संवाददाता, साहिबगंज। पूर्व रेलवे के मालदा रेल मंडल के बरहड़वा-साहिबगंज रेलखंड पर महाराजपुर और सकरीगली के बीच झुंझरी पुल के समीप मंगलवार दोपहर अचानक गंगा में कटाव तेज हो गया। डाउन लाइन के पोल संख्या 219/32 के पास मिट्टी धंसने के बाद इस लाइन पर ट्रेनों का परिचालन रोक दिया गया।

रेलवे ने 29 सितंबर को चलने वाली 63073 रामपुरहाट-साहिबगंज और 63406 साहिबगंज-रामपुरहाट पैसेंजर तथा 30 सितंबर को चलने वाली 63074 साहिबगंज-रामपुरहाट और 13428 साहिबगंज-हावड़ा इंटरसिटी एक्सप्रेस को रद कर दिया।

मंगलवार को 53408 जमालपुर-रामपुरहाट पैसेंजर और 13410 किऊल-मालदा टाउन ट्रेन को साहिबगंज में ही रोक दिया गया।

वहीं, 13024 गया-हावड़ा, 13404 भागलपुर-रांची वनांचल एक्सप्रेस और 13072 जमालपुर-हावड़ा एक्सप्रेस को दुमका होकर चलाया गया। 15657 दिल्ली-कामाख्या ब्रह्मपुत्र मेल और 15744 फरक्का एक्सप्रेस को जमालपुर-मुंगेर-कटिहार के रास्ते चलाया गया।

ट्रेन रद होने से स्टेशन पर अफरा-तफरी

 

जमालपुर से रामपुरहाट जाने वाली 53408 डाउन पैसेंजर ट्रेन से सफर करने के लिए बड़ी संख्या में यात्री स्टेशन पहुंच चुके थे। करीब डेढ़ घंटे तक ट्रेन के रुके रहने के बाद इसके रद होने की घोषणा की गई। इससे साहिबगंज रेलवे स्टेशन पर अफरा-तफरी मच गई।

अन्य ट्रेनों के यात्री भी स्टेशन पहुंच गए, जिससे स्टेशन पर मेले जैसा दृश्य बन गया। ट्रेन रद होने के बाद बड़ी संख्या में यात्री टिकट वापस कराने के लिए भी स्टेशन पहुंचे। कई यात्रियों को वनांचल एक्सप्रेस से रांची जाना था। ट्रेन रद होने से उन्हें काफी परेशानी हुई।

पटरी बचाने के लिए युद्धस्तर पर काम

कटाव की सूचना मिलते ही रेलवे ने बचाव और कटावरोधी कार्य शुरू कर दिया। गंगा का पानी अब रेल पटरी से महज 20 मीटर दूर है।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए रेलवे कर्मियों ने मौके पर पहुंचकर बोल्डर, गिट्टी और अन्य सामग्री डालकर कटाव रोकने तथा धंसी मिट्टी की मरम्मत का काम शुरू किया।

रेलवे प्रशासन की ओर से ट्रैक को सुरक्षित रखने के लिए युद्धस्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। महाराजपुर स्टेशन प्रबंधक अमरजीत कुमार ने बताया कि मंगलवार दोपहर पोल संख्या 219/32 के समीप मिट्टी धंसने की सूचना मिली थी। इसकी जानकारी तत्काल रेल विभाग के अधिकारियों को दी गई।

सूचना मिलते ही रेलवे की टीम मौके पर पहुंची और बोल्डर, गिट्टी व अन्य सामग्री डालकर धंसे हिस्से की मरम्मत शुरू की। रेलवे प्रशासन कटाव की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।

मालदा के एडीआरएम अमरेंद्र कुमार मौर्य समेत अन्य रेल अधिकारी भी महाराजपुर रेलवे स्टेशन पहुंचकर स्थिति का जायजा ले रहे हैं।

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