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झारखंड में अब नहीं कटेगी बिजली! टीवीएनएल के नए सुपर प्लांट से जगमगाएगा आधा राज्य

Published: Sat, 07 Nov 2026 09:23 AM (IST)

झारखंड सरकार के पूर्ण स्वामित्व वाले तेनुघाट विद्युत निगम लिमिटेड (टीवीएनएल) में 10,000 करोड़ रुपये की लागत से 610 मेगावाट के दो नए प्लांट स्थापित करने की परियोजना तैयार है।

टीवीएनएल के नया सुपर प्लांट (एआई जेनरेटेड तस्वीर)

टीवीएनएल के नया सुपर प्लांट (एआई जेनरेटेड तस्वीर)

HighLights

  1. टीवीएनएल 10,000 करोड़ के निवेश से दो नए प्लांट लगाएगा।

  2. 610 मेगावाट के प्लांट से आधा झारखंड बिजली से जगमगाएगा।

  3. विस्तार परियोजना को वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की मंजूरी का इंतजार।

अश्विनी रघुवंशी, रांची। झारखंड सरकार के पूर्ण स्वामित्व के तेनुघाट विद्युत निगम लिमिटेड (टीवीएनएल) में निकट भविष्य में बिजली का इतना उत्पादन होगा कि आधा झारखंड जगमग करेगा। 

टीवीएनएल में अभी 210 मेगावाट के दो प्लांट है जहां 70 फीसद से अधिक बिजली का लगातार उत्पादन हो रहा है। बिजली की मांग बढ़ती तो पूर्ण क्षमता की ओर जाने को भी तैयार रहते हैं। 

अब टीवीएनएल के विद्युत संयंत्र के विस्तारीकरण की परियोजना तैयार है। 610 मेगावाट के दो प्लांट स्थापित किए जाएंगे, जिसमें 10 हजार करोड़ का निवेश होगा। अभी विस्तारीकरण परियोजना का प्रस्ताव भारत सरकार के वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की विशेषज्ञ मूल्यांकन समिति के पास है। वहां से मंजूरी मिली तो आगे की कार्यवाही शुरू होगी।

टीवीएनएल के पास कुल 1800 एकड़ जमीन

बोकारो के ललपनिया के टीवीएनएल के पास कुल 1800 एकड़ जमीन है। इसमें 600 एकड़ जमीन सिर्फ कारखाना के लिए है। अधिकारी एवं कर्मचारी की कालोनी, रेल लाइन, नागरिक सुविधा आदि के लिए भी पर्याप्त जमीन उपलब्ध है। 

आशय यह है कि नया प्लांट स्थापित होने में जमीन की समस्या नहीं आएगी, जैसा कि झारखंड में अमूमन किसी कारखाना को स्थापित करने में होता रहा है। अभी टीवीएनएल में साढ़े 5 सौ स्थाई कर्मचारी हैं तो उतने ही अस्थायी। 

टीवीएनएल का 81 सौ करोड़ का बकाया

मानव संसाधन इतना कुशल है कि 30 साल से भी अधिक पुराने प्लांट में क्षमता से अधिक बिजली पैदा कर प्रोडक्शन इंसेंटिव भत्ता ले रहे हैं। भविष्य में प्लांट विस्तारीकरण होने पर दक्ष मानव संसाधन भी उपलब्ध रहेगा। जहां तक नए प्लांट की लागत का मसला है तो झारखंड राज्य बिजली वितरण निगम के पास टीवीएनएल का 81 सौ करोड़ का बकाया भी है। 

सारा हिसाब किताब हो जाएगा तो भी विस्तारीकरण प्रोजेक्ट की आधी राशि पांच हजार करोड़ का इंतजाम हो जाएगा। बाकी राशि के लिए झारखंड सरकार की मदद की दरकार होगी।

कभी टीवीएनएल झारखंड को आधी बिजली देता था

झारखंड बना था तो तकरीबन 800 से 1000 मेगावाट की खपत थी। उस वक्त 400 मेगावाट बिजली सिर्फ टीवीएनएल से मिल जाती थी। अभी दैनिक मांग 2500 से तीन हजार मेगावाट है। तेनुघाट का विस्तार हो गया तो सामान्य दिनों में जरूरत की आधी बिजली आसानी से मिल जाएगी।

1996 से टीवीएनएल के वर्तमान प्लांट से पूर्ण क्षमता के साथ उत्पादन शुरू किया गया था। 30 साल हो चुके हैं। बेहतर देखभाल के कारण का वर्तमान में भी 70 फीसद से अधिक बिजली सहजता से उत्पापित हो रही है। दीर्घकालिक जरूरत के लिए प्लांट के विस्तारीकरण की परियोजना तैयार है। वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय में भेजा गया है। वहां से स्वीकृति मिलने के बाद प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा। - अनिल शर्मा, प्रबंध निदेशक, टीवीएनएल

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