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दीपावाली-छठ पर रांची लौटना मुश्किल: राजधानी में वेटिंग 200 के पार, कई ट्रेनों में 'नो रूम'

Published: Thu, 05 Nov 2026 09:08 AM (IST)

दीपावली और छठ महापर्व पर रांची लौटने वाले यात्रियों को ट्रेन टिकट की भारी किल्लत का सामना करना पड़ रहा ...और पढ़ें

दीपावाली-छठ पर रांची लौटना मुश्किल

दीपावाली-छठ पर रांची लौटना मुश्किल

HighLights

  1. रांची आने वाली ट्रेनों में भारी वेटिंग लिस्ट।

  2. राजधानी एक्सप्रेस में थर्ड एसी वेटिंग 200 पार।

  3. त्योहारों पर हवाई किराया महंगा, विकल्प सीमित।

जागरण संवाददाता, रांची। दीपावाली और छठ महापर्व पर अपने घर लौटने की तैयारी कर रहे यात्रियों के लिए इस बार रेल यात्रा आसान नहीं रह गई है। रांची आने वाली लंबी दूरी की प्रमुख ट्रेनों में सीटों की भारी किल्लत है। कई ट्रेनों में प्रतीक्षा सूची इतनी लंबी हो गई है कि कन्फर्म टिकट मिलने की उम्मीद भी मुश्किल नजर आ रही है। 

स्थिति यह है कि राजधानी एक्सप्रेस जैसी प्रीमियम ट्रेन में भी थर्ड एसी की वेटिंग लिस्ट 200 के पार पहुंच गई है। वहीं, कुछ ट्रेनों के विभिन्न श्रेणियों में टिकट बुकिंग के दौरान रिग्रेट की स्थिति बन गई है। ऐसे में त्योहार पर घर पहुंचने के लिए यात्रियों को जद्दोजहद करनी पड़ रही है।

राजधानी से लेकर संपर्क क्रांति तक सीटों का संकट

नई दिल्ली से रांची आने वाली 20840 राजधानी एक्सप्रेस में 6 नवंबर को थर्ड एसी की वेटिंग लिस्ट 209 और सेकेंड एसी की 81 है। फर्स्ट एसी में रिग्रेट की स्थिति है। नौ नवंबर को भी थर्ड एसी में 122 और सेकेंड एसी में 53 वेटिंग है। 

वहीं, 12454 राजधानी एक्सप्रेस में सात नवंबर को थर्ड एसी की प्रतीक्षा सूची 226, सेकेंड एसी की 50 और फर्स्ट एसी की 21 है। 14 नवंबर को भी थर्ड एसी में 122 और सेकेंड एसी में 47 वेटिंग है।

झारखंड स्वर्ण जयंती एक्सप्रेस में भी यात्रियों को राहत नहीं 

आनंद विहार टर्मिनल से हटिया आने वाली झारखंड स्वर्ण जयंती एक्सप्रेस में भी यात्रियों को राहत नहीं मिल रही है। 12874 ट्रेन में छह नवंबर को स्लीपर में रिग्रेट, थर्ड एसी में 64 और एसी थ्री में 116 वेटिंग है। 

वहीं, 12818 ट्रेन में सात नवंबर को स्लीपर की वेटिंग 107, थर्ड इकोनॉमी की 57 और थर्ड एसी की 101 है। आनंद विहार से रांची आने वाली संपर्क क्रांति एक्सप्रेस में सात नवंबर को स्लीपर की वेटिंग 146, थर्ड इकोनॉमी की 66 और थर्ड एसी की 76 है।

दूसरे शहरों से आने वाली ट्रेनों में भी परेशानी

बेंगलुरु, मुंबई और पुणे से रांची आने वाली ट्रेनों में भी सीटों की उपलब्धता सीमित है। बेंगलुरु-हटिया एक्सप्रेस में पांच नवंबर को स्लीपर में रिग्रेट और थर्ड इकोनॉमी में 54 वेटिंग है। मुंबई से हटिया आने वाली 12811 एक्सप्रेस में आठ नवंबर को स्लीपर की वेटिंग 124 और थर्ड एसी की 88 है। पुणे-हटिया एक्सप्रेस में आठ नवंबर को स्लीपर की वेटिंग 134 और थर्ड एसी की 19 है।

विकल्प कम, किराया अधिक होने से बढ़ी परेशानी

ट्रेनों में सीट नहीं मिलने के कारण यात्रियों के सामने विकल्प सीमित हो गए हैं। विमान से यात्रा करना आसान विकल्प हो सकता है, लेकिन त्योहार के दौरान हवाई किराया काफी अधिक होने से आम यात्रियों के लिए यह खर्च उठाना मुश्किल है। वहीं, लंबी दूरी के कारण निजी वाहन बुक कराकर रांची पहुंचना भी व्यावहारिक और किफायती विकल्प नहीं है। ऐसे में कई यात्रियों को मजबूरी में महंगे विमान टिकट की ओर रुख करना पड़ रहा है।

स्पेशल ट्रेनें भी नहीं दे पा रहीं पूरी राहत

दिवाली और छठ के बीच रेलवे आधा दर्जन से अधिक स्पेशल ट्रेनों का परिचालन कर रहा है। इनमें गोरखपुर, झंझारपुर, प्रयागराज, दुर्ग सहित अन्य शहरों से चलने वाली ट्रेनें शामिल हैं। बिहार और उत्तर प्रदेश जाने वाले यात्रियों के लिए भी स्पेशल ट्रेनें चलाई जा रही हैं। 

इसके अलावा कुछ ट्रेनें पहले से स्पेशल के रूप में संचालित हो रही हैं। हालांकि, यात्रियों की बढ़ती संख्या के मुकाबले ट्रेनों की उपलब्धता पर्याप्त नहीं है। सभी शहरों के लिए स्पेशल ट्रेन नहीं होने से घर लौटने की समस्या बनी हुई है।

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