'छात्रों के आंदोलन पर राजनीति बंद हो', रांची में प्रदर्शन कर SFI ने हेमंत सरकार और BJP दोनों को घेरा
एसएफआई ने रांची में राज्य की नियुक्ति परीक्षाओं में अनियमितता के खिलाफ आंदोलन कर रहे छात्रों पर कथित लाठीचार्ज और एफआईआर के विरोध में प्रदर्शन किया।

एसएफआई के संयुक्त सचिव आईशी घोष। (ANI)
HighLights
एसएफआई ने रांची में छात्रों पर लाठीचार्ज का विरोध किया।
नियुक्ति परीक्षाओं में अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों का आंदोलन।
एसएफआई ने भाजपा पर राजनीति करने का आरोप लगाया।
राज्य ब्यूरो, रांची। राज्य में नियुक्ति परीक्षाओं में हुई अनियमितता के विरोध में आंदोलन कर रहे छात्रों की कथित पिटाई और उनपर एफआईआर की निंदा करते हुए स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) ने रविवार को राजधानी रांची में प्रदर्शन किया है।
एसएफआई के संयुक्त सचिव आईशी घोष ने कहा कि सत्ता में बैठे लोगों को ज्यादा जिम्मेदारी दिखानी चाहिए। उन्होंने भाजपा पर भी इस मुद्दे पर राजनीति करने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि नीट परीक्षा में हुई गड़बड़ियों पर भाजपा का रवैया अलग है, जबकि झारखंड के मामले में पार्टी आंदोलन कर रही है।
उन्होंने कहा कि यदि भाजपा छात्रों के लिए काम करने का दावा कर रही है तो यह उसका झूठा दावा है। उन्हों कहा कि झारखंड के छात्र अपनी लड़ाई लड़ रहे हैं। एसएफआई छात्रों के आंदोलन के साथ है और सभी पक्षों से जिम्मेदारी भरे व्यवहार की उम्मीद करती है।
बीजेपी पर साधा निशाना
घोष ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर भी निशाना साधा और उस पर परीक्षा से जुड़े मुद्दों को हल करने में चुनिंदा भूमिका निभाने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि अगर BJP झारखंड में छात्रों के लिए काम करने का दिखावा कर रही है, तो यह एक झूठा दिखावा है क्योंकि NEET परीक्षा में अनियमितताएं हुईं और हाल ही में तीन NTA NET परीक्षा के पेपर रद कर दिए गए।
BJP NTA जैसी संस्था को खत्म क्यों नहीं कर रही है? ऐसा नहीं हो सकता कि BJP राष्ट्रीय स्तर पर चुप रहे और अचानक झारखंड में छात्रों की परवाह करने लगे।
इस तरह की राजनीतिक चालबाजी नहीं होनी चाहिए। छात्रों की अपनी समझ है। हमारा मानना है कि झारखंड के छात्र अपनी लड़ाई खुद लड़ रहे हैं और हम उनके साथ खड़े हैं।
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