रिम्स ने मुफ्त नीट कोचिंग के लिए जारी की 30 छात्रों की लिस्ट, 3 जुलाई को होगा एडमिशन
रिम्स रांची ने आर्थिक रूप से कमजोर 30 मेधावी छात्रों को मुफ्त नीट-यूजी कोचिंग के लिए चुना है। इन छात्रों ...और पढ़ें

रिम्स ने मुफ्त नीट कोचिंग के लिए जारी की 30 छात्रों की लिस्ट
HighLights
रिम्स ने 30 छात्रों को मुफ्त नीट कोचिंग के लिए चुना।
चयनित छात्रों का अंतिम नामांकन 3 जुलाई को निर्धारित किया गया है।
कोचिंग निशुल्क, पर आवास-भोजन की व्यवस्था छात्रों को स्वयं करनी होगी।
जागरण संवाददाता, रांची। राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) ने आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन प्रतिभावान विद्यार्थियों को डॉक्टर बनने का अवसर देने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए मुफ्त नीट-यूजी कोचिंग कार्यक्रम के लिए 30 विद्यार्थियों का चयन कर लिया है।
रिम्स प्रशासन ने स्क्रीनिंग परीक्षा के आधार पर चयनित अभ्यर्थियों की सूची जारी कर दी है। सभी चयनित विद्यार्थियों को तीन जुलाई को अंतिम नामांकन के लिए बुलाया गया है।
कुल 30 विद्यार्थियों का चयन
रिम्स के डीन कार्यालय की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार 18 जून को आयोजित स्क्रीनिंग परीक्षा के आधार पर विभिन्न आरक्षण श्रेणियों से कुल 30 विद्यार्थियों का चयन किया गया है।
इनमें अनारक्षित वर्ग से 12, अनुसूचित जनजाति से आठ, अनुसूचित जाति से तीन, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग से तीन तथा पिछड़ा वर्ग-1 और पिछड़ा वर्ग-2 से दो-दो विद्यार्थी शामिल हैं।
नौकरी नहीं, डॉक्टर बनाने की पहल
रिम्स द्वारा शुरू की गई यह पहल राज्य के ऐसे मेधावी विद्यार्थियों के लिए है, जो आर्थिक कारणों से महंगी निजी कोचिंग नहीं कर पाते। संस्थान की ओर से कोचिंग पूरी तरह निशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी। हालांकि विद्यार्थियों को आवास, भोजन और आवागमन की व्यवस्था स्वयं करनी होगी।
तीन जुलाई को होगा अंतिम नामांकन
चयनित अभ्यर्थियों को तीन जुलाई को अपने माता-पिता के साथ रिम्स पहुंचकर नामांकन कराना होगा। यदि कोई विद्यार्थी निर्धारित तिथि पर उपस्थित नहीं होता है तो उसका चयन स्वत निरस्त कर दिया जाएगा और प्रतीक्षा सूची के अभ्यर्थी को अवसर मिलेगा। नामांकन के समय मैट्रिक और इंटर की अंकपत्र, जाति, आवासीय एवं आय प्रमाण पत्र, आधार कार्ड तथा पासपोर्ट आकार के फोटो सहित सभी मूल प्रमाणपत्र प्रस्तुत करने होंगे।
कड़े नियमों के साथ चलेगी कोचिंग
रिम्स ने कोचिंग कार्यक्रम के लिए विस्तृत नियमावली भी जारी की है। इसके तहत विद्यार्थियों को अनुशासन, नियमित उपस्थिति और शैक्षणिक प्रदर्शन से जुड़े सभी मानकों का पालन करना होगा।
सफलता की कोई गारंटी नहीं
नियमावली में यह भी स्पष्ट किया गया है कि कोचिंग कार्यक्रम में प्रवेश मिलने का अर्थ मेडिकल कॉलेज में प्रवेश की गारंटी नहीं है। सफलता पूरी तरह विद्यार्थी की मेहनत, प्रदर्शन और तैयारी पर निर्भर करेगी।
रिम्स प्रशासन ने कार्यक्रम के दौरान आवश्यकता पड़ने पर पाठ्यक्रम, समय-सारिणी, परीक्षा प्रणाली और अन्य शैक्षणिक व्यवस्थाओं में बदलाव का अधिकार अपने पास सुरक्षित रखा है। प्रवेश, अनुशासन और कार्यक्रम से जुड़े सभी मामलों में संस्थान के निदेशक का निर्णय अंतिम और बाध्यकारी होगा।
