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रांची रिम्स के कायाकल्प की तैयारी, जर्जर और पुराने भवन हटाकर बनेगा हाईटेक चिकित्सा केंद्र

Published: Tue, 30 Jun 2026 08:12 AM (IST)

रिम्स रांची परिसर को आधुनिक स्वास्थ्य केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना पर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक हुई। जर्जर ...और पढ़ें

रांची रिम्स के कायाकल्प की तैयारी

रांची रिम्स के कायाकल्प की तैयारी

HighLights

  1. रिम्स परिसर के पुनर्विकास पर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक हुई।

  2. जर्जर बीएसएनएल, एसआर क्वार्टर, एफएमटी भवन हटाए जाएंगे।

  3. आधुनिक सुविधाओं से लैस नया चिकित्सा केंद्र बनेगा।

जागरण संवाददाता, रांची। राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) परिसर को आधुनिक स्वास्थ्य केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में सरकार ने पुनर्विकास योजना को गति दे दी है। इसी कड़ी में सोमवार को स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में रिम्स परिसर के पुनर्विकास को लेकर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक हुई। 

बैठक में जर्जर और पुराने भवनों को चरणबद्ध तरीके से हटाकर उनकी जगह अत्याधुनिक चिकित्सा अधोसंरचना विकसित करने की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई। 

बैठक में संयुक्त सचिव सह आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के निदेशक दिनेश यादव, रिम्स के कार्यकारी निदेशक, चिकित्सा अधीक्षक, उप चिकित्सा अधीक्षक, विभिन्न विभागाध्यक्ष और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

इन भवनों के पुनर्निर्माण पर बनी सहमति

समीक्षा बैठक में रिम्स परिसर स्थित पुराने बीएसएनएल कार्यालय भवन, सीनियर रेजिडेंट (एसआर) क्वार्टर तथा फॉरेंसिक मेडिसिन एवं टॉक्सिकोलॉजी (एफएमटी) विभाग के पुराने भवन को ध्वस्त कर नए भवन बनाने के प्रस्ताव पर विस्तार से विचार किया गया। 

अधिकारियों ने भवनों की जर्जर स्थिति, सुरक्षा मानकों और भविष्य की आवश्यकताओं को देखते हुए उपलब्ध भूमि के बेहतर उपयोग पर चर्चा की।

एफएमटी विभाग को मिलेगा आधुनिक भवन

बैठक में स्पष्ट किया गया कि फॉरेंसिक मेडिसिन एवं टॉक्सिकोलॉजी विभाग की सेवाएं फिलहाल सामान्य रूप से संचालित होती रहेगी। पुनर्विकास योजना के तहत विभाग के पुराने भवन की जगह उसी परिसर में अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस नया भवन बनाया जाएगा। इससे चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान और फॉरेंसिक सेवाओं को नई मजबूती मिलेगी।

मरीजों को मिलेगी बेहतर सुविधा

सरकार का उद्देश्य रिम्स परिसर को आधुनिक चिकित्सा संस्थान के रूप में विकसित करना है, ताकि मरीजों को बेहतर इलाज, चिकित्सकों को उन्नत कार्यस्थल और मेडिकल छात्रों को आधुनिक शिक्षण एवं अनुसंधान की सुविधाएं उपलब्ध हो सके। नए भवन बनने से स्वास्थ्य सेवाओं की क्षमता में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

समयबद्ध तरीके से पूरा होगा कार्य

अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि पुनर्विकास से जुड़ी सभी तकनीकी, प्रशासनिक और वैधानिक औपचारिकताएं निर्धारित मानकों के अनुरूप शीघ्र पूरी की जाएं। 

उन्होंने कहा कि सभी परियोजनाओं का क्रियान्वयन सुनियोजित और समयबद्ध ढंग से शुरू किया जाए, ताकि रिम्स के आधुनिकीकरण की प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब न हो।

रिम्स के व्यापक विस्तार की दिशा में बड़ा कदम

गौरतलब है कि राज्य सरकार रिम्स में चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार, डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने और बढ़ते मरीजों के दबाव के अनुरूप अधोसंरचना विकसित करने की दिशा में लगातार काम कर रही है। पुराने भवनों के पुनर्विकास को इसी व्यापक योजना का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।

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