रांची छात्र आंदोलन: 'आखिरी सांस तक शान से तिरंगा फहराना चाहता हूं', स्टूडेंट लीडर देवेंद्र महतो की हुंकार
रांची में प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली के खिलाफ छात्रों का आंदोलन स्वतंत्रता दिवस पर भी जारी रहा, जिसमें छात्र नेता ...और पढ़ें

'आखिरी सांस तक शान से तिरंगा फहराना चाहता हूं', छात्र नेता देवेंद्र महतो की हुंकार
HighLights
देवेंद्र महतो ने इलाज के फैसले खुद लेने का संकल्प लिया।
स्वतंत्रता दिवस पर छात्रों ने रांची में 'तिरंगा यात्रा' निकाली।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की चुप्पी से छात्र निराश हुए।
डिजिटल डेस्क, रांची। प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित धांधली को लेकर झारखंड की राजधानी रांची में चल रहा छात्रों का आंदोलन स्वतंत्रता दिवस के मौके पर भी शांत नहीं हुआ।
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो के स्वास्थ्य और उनके जज्बे ने इस प्रदर्शन को और भी संवेदनशील बना दिया है। गिरती सेहत के बावजूद देवेंद्र महतो के हौसले बुलंद हैं और उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि वे अपने स्वास्थ्य और इलाज के फैसले खुद लेंगे।
इलाज को लेकर देवेंद्र महतो का सख्त रुख
अस्पताल से अपनी प्रतिक्रिया देते हुए देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि अगर आपको लगता है कि मेरे स्वास्थ्य में गिरावट आ रही है, तो मैं अपनी मर्जी से इलाज कराने के लिए पूरी तरह स्वतंत्र हूं। अगर मुझे कुछ गंभीर होता है, तो इसके लिए अस्पताल प्रशासन नहीं, बल्कि मैं खुद जिम्मेदार होऊंगा। मुझे यह चुनने की पूरी आजादी है कि मैं अपना इलाज कहां करवाना चाहता हूं।
देवेंद्र महतो ने आगे कहा कि अपनी आखिरी सांस तक, मैं पूरे गर्व और शान के साथ अपना राष्ट्रीय ध्वज फहराना चाहता हूं।
VIDEO | Ranchi protest: Student Leader Devendra Nath Mahto says, "If you believe that my health is deteriorating, then I am free to seek treatment as I choose. If something serious happens, I will be responsible for it, not the hospital. I have the freedom to choose where I want… pic.twitter.com/c2iPHcaznX
— Press Trust of India (@PTI_News) August 15, 2026
देवेंद्र महतो को मिलने से परिजनों को रोका गया
इस बीच, देवेंद्र के भाई धनेश्वर महतो ने रांची जिला प्रशासन पर उन्हें रोकने का आरोप लगाया है। धनेश्वर महतो ने कहा कि देवेंद्र महतो आज तिरंगा यात्रा में शामिल होना चाहते थे, लेकिन उन्हें रोक दिया गया। हम लोग उनसे मिलने यहां आए हैं, लेकिन हमें उनसे मिलने की अनुमति नहीं दी जा रही है।
धनेश्वर महतो ने यह भी कहा कि हम उन्हें बेहतर चिकित्सा और उपचार के लिए अपने साथ ले जाना चाहते हैं।
सीएम हेमंत सोरेन की चुप्पी से छात्रों में निराशा
तिरंगा यात्रा में हिस्सा लेने के बाद आंदोलनकारी छात्र राधे कुमार ने अपनी निराशा व्यक्त करते हुए कहा कि हमें पूरी उम्मीद थी कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर हमारी मांगों को स्वीकार कर लेंगे, लेकिन उन्होंने इस विषय पर कुछ भी नहीं कहा।
रांची में छात्रों की तिरंगा यात्रा
छात्रों ने शनिवार को रांची में 'तिरंगा यात्रा' निकाली। देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर निकाली गई इस यात्रा के जरिए छात्रों ने परीक्षा प्रणाली में सुधार और अधिक पारदर्शिता की अपनी मांग को मजबूती से उठाया।
यह मार्च 'जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म्स मंच' के बैनर तले आयोजित किया गया था। यात्रा की शुरुआत जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से हुई, जो इन छात्रों के मौजूदा आंदोलन का मुख्य स्थल है, और इसका समापन अल्बर्ट एक्का चौक पर हुआ।
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