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झारखंड छात्र आंदोलन: तिरंगा यात्रा में शामिल होने पर अड़े देवेंद्र नाथ, अस्पताल में पुलिस के साथ धक्का-मुक्की

Published: Sat, 15 Aug 2026 11:57 AM (IST)

अनशन पर बैठे देवेंद्र नाथ महतो ने जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में तिरंगा फहराने और यात्रा में शामिल होने की ...और पढ़ें

HighLights

  1. देवेंद्र नाथ महतो ने तिरंगा फहराने और यात्रा में शामिल होने की इच्छा जताई।

  2. सदर अस्पताल में उनके कमरे के बाहर भारी पुलिस बल तैनात किया गया।

  3. पुलिस के रोकने के बावजूद देवेंद्र नाथ महतो यात्रा में शामिल होंगे।

जागरण संवाददाता, रांची। जेपीएससी-जएसएससी की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ आंदोलन कर रहे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो को शनिवार को तिरंगा यात्रा में शामिल होने से पुलिस ने रोक दिया।

करीब एक घंटे तक सदर अस्पताल के एचडीयू के बाहर भारी पुलिस बल की मौजूदगी में उन्हें बाहर निकलने नहीं दिया गया। इस दौरान पुलिस और देवेंद्र महतो के समर्थकों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई।

देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि हमने लिखकर दिया है कि अगर हमारी जान जाती है तो इसकी जिम्मेदारी अस्पताल की नहीं होगी, इसके बाद भी तिरंगा फहराने से रोका जा रहा है। उन्होंने पूछा, क्या यही आजादी है?

देवेंद्र नाथ महतो लगातार 14वें दिन अनशन पर हैं। जिसके चलते उनका शरीर काफी कमजोर हो चुका है। ऐसे में विधानसभा घेराव के दिन (10 अगस्त) को प्रशासन की तरफ से रांची के सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। इसके बावजूद वे जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से छात्रों द्वारा निकाली जा रही तिरंगा यात्रा में शामिल होना चाहते थे।

पुलिस के साथ हुई धक्का मुक्की

समर्थकों के अनुसार, जैसे ही उन्होंने यात्रा में जाने का प्रयास किया, अस्पताल के एचडीयू के बाहर तैनात पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोक दिया। काफी देर तक उन्हें बाहर नहीं निकलने दिया गया।

इस दौरान देवेंद्र महतो के समर्थकों और पुलिस के बीच भी तीखी नोकझोंक हुई। स्थिति को देखते हुए मौके पर अतिरिक्त पुलिस बल की मौजूदगी बनी रही। समर्थकों का आरोप है कि देवेंद्र महतो को जबरन रोका गया और उनके साथ धक्का-मुक्की की गई।

दूसरे अस्पताल ले जाना चाहते हैं भाई 

भाई धनेश्वर महतो ने कहा कि देवेंद्र नाथ ने प्रतिज्ञा ली है, वे पूरे झारखंड के अधिकारों के लिए लड़ रहे हैं। मैं उनसे एक दिन अस्पताल में मिला था और उन्होंने कुछ भी खाने से इनकार कर दिया था, लेकिन ऐसा लगता है कि यहां के अधिकारी नहीं चाहते कि उनकी इच्छा पूरी हो।

भाई ने कहा कि देवेंद्र नाथ छात्रों की तिरंगा यात्रा में शामिल होना चाहते थे, लेकिन उन्हें यहां से जाने की इजाजत नहीं दी गई। वह उन्हें दूसरे अस्पताल में ले जाना चाहता है, लेकिन उनकी किसी डॉक्टर या पुलिस से बात नहीं हो पाई है। उन्हें भी रोक लिया गया है।

इधर, छात्रों की तिरंगा यात्रा को लेकर स्टेडियम में भी बड़ी संख्या में छात्र जुटे रहे। उनके समर्थकों का कहना है कि देवेंद्र महतो की तबीयत खराब होने के बावजूद उनका तिरंगा यात्रा में शामिल होने का निर्णय छात्रों के प्रति उनके समर्थन और आंदोलन से जुड़े रहने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। आंदोलनकारी छात्रों ने पुलिस की कार्रवाई पर नाराजगी जताई है।

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