रांची छात्र आंदोलन: भ्रम और मंथन के बाद फिर एकजुट हुए अभ्यर्थी, जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में धरना जारी
रांची में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में छात्र आंदोलन जारी है।
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जयपाल सिंह स्टेडियम से रांची के अल्बर्ट एक्का चौक पहुंचे मोबाइल फ्लैशलाइट मार्च में छात्र। (जागरण)
HighLights
रांची में प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितताओं के खिलाफ छात्र आंदोलन जारी।
मंथन के बाद छात्र फिर एकजुट हुए, धरना-प्रदर्शन जारी रखने का निर्णय।
अनशनकारियों का स्वास्थ्य जांचा गया, एक की तबीयत बिगड़ी।
जागरण संवाददाता, रांची। झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और अभ्यर्थियों की विभिन्न मांगों को लेकर जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में चल रहा छात्र आंदोलन मंगलवार को भी जारी रहा।
सोमवार को विधानसभा घेराव के बाद मंगलवार सुबह आंदोलन स्थल पर पहुंचे छात्र-छात्राएं सरकार के अगले कदम और रुख को लेकर कुछ विचलित नजर आए।
सुबह से ही आंदोलन स्थल पर इस बात को लेकर मंथन चलता रहा कि सरकार उनकी मांगों पर क्या निर्णय लेगी। हालांकि, करीब चार घंटे की चर्चा और आपसी विचार-विमर्श के बाद छात्र फिर एकजुट हुए और धरना-प्रदर्शन जारी रखने का निर्णय लिया।
सुबह नौ बजे से शुरू हुआ मंथन
सुबह करीब नौ बजे से ही स्टेडियम में छात्र-छात्राओं की गतिविधियां तेज हो गई थीं। सोमवार के विधानसभा घेराव के बाद आंदोलन की आगे की रणनीति को लेकर अलग-अलग समूहों में चर्चा होती रही।
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कुछ छात्र सरकार की ओर से किसी ठोस पहल की उम्मीद लगाए बैठे थे, तो कुछ आंदोलन को आगे बढ़ाने की रणनीति पर विचार कर रहे थे। करीब 10 से 11 बजे तक यह सिलसिला चलता रहा। इसके बाद छात्र एकजुट होकर अपने मंच के आसपास जुटने लगे।
दोपहर एक बजे तक छात्रों ने धरना जारी रखा। मंच से वक्ताओं ने प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच, लंबित नियुक्तियों में तेजी और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता समेत विभिन्न मांगों को दोहराया। छात्रों ने कहा कि सरकार की ओर से ठोस और लिखित निर्णय मिलने तक आंदोलन जारी रहेगा।
दोपहर में पहुंचा भोजन, बढ़ाया मनोबल
दोपहर करीब एक बजे कई स्वयंसेवी संगठनों की ओर से आंदोलन स्थल पर भोजन पहुंचाया गया। भोजन को छात्रों के बीच वितरित किया गया। लगातार धरने और अनशन के बीच भोजन मिलने से छात्रों को राहत मिली। स्वयंसेवी संगठनों ने आंदोलनरत छात्रों का मनोबल बढ़ाते हुए उनके साथ खड़े रहने की बात कही।
स्टेडियम में दो स्थानों पर चल रहा धरना
जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में फिलहाल दो अलग-अलग स्थानों पर छात्र धरना दे रहे हैं। एक छोर पर छात्रों का मुख्य मंच है, जहां से आंदोलन की मांगों और आगे की रणनीति को लेकर वक्ता अपनी बात रखते रहे।
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इस मंच से जुड़े छात्रों का कहना है कि उनका आंदोलन किसी राजनीतिक दल से जुड़ा नहीं है और वे प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितता एवं रोजगार से जुड़े मुद्दों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं।
दूसरी ओर करीब 300 मीटर की दूरी पर छात्र नेता देवेंद्र महतो के नेतृत्व में भी अनशन और धरना चल रहा है। दोनों स्थानों पर छात्र एक ही मांगों को लेकर डटे हुए हैं।
26 अनशनकारियों की स्वास्थ्य जांच
मंगलवार को आंदोलन स्थल पर सदर अस्पताल की मेडिकल टीम भी पहुंची। चिकित्सकों ने अनशन पर बैठे 26 लोगों के स्वास्थ्य की जांच की। इनमें आंदोलनकारी देवेंद्र महतो समेत छात्र समूह के अन्य अनशनकारी शामिल रहे।
जांच के दौरान एक अनशनकारी प्रेम नायक की तबीयत बिगड़ने की जानकारी सामने आई। चिकित्सकों ने अनशनकारियों के स्वास्थ्य की निगरानी की और आवश्यक चिकित्सकीय सलाह दी।
शाम तक जारी रहा धरना
शाम होते-होते स्टेडियम में छात्रों की गतिविधियां फिर तेज हुईं। छात्र समूहों में बैठकर दिनभर की घटनाओं और सरकार के रुख पर चर्चा करते रहे। मंच से लगातार मांगों को दोहराया गया।
करीब सात बजे तक छात्र स्टेडियम में डटे रहे और मौन जुलूस निकाला। उनका कहना था कि सोमवार के विधानसभा घेराव के बाद सरकार की ओर से अब तक स्पष्ट और ठोस निर्णय सामने नहीं आया है। ऐसे में आंदोलन को जारी रखने के अलावा उनके पास कोई विकल्प नहीं है।
निष्पक्ष जांच और लिखित कार्रवाई की मांग
छात्रों की प्रमुख मांग झारखंड लोक सेवा आयोग समेत विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराना है।
इसके साथ ही दोषियों पर कार्रवाई, लंबित नियुक्ति प्रक्रियाओं में तेजी, योग्य अभ्यर्थियों के हितों की रक्षा और भर्ती परीक्षाओं को पारदर्शी तरीके से कराने की मांग की जा रही है।
छात्रों का कहना है कि सरकार को उनकी मांगों पर केवल आश्वासन देने के बजाय लिखित और ठोस कार्रवाई करनी चाहिए।
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