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दिवाली से पहले घर की सफाई और मरम्मत की टेंशन खत्म! रांची में एक फोन कॉल पर मिल रही सारी सुविधा

Published: Sat, 24 Oct 2026 07:00 AM (IST)

त्योहारों के मौसम में घरों की साफ-सफाई और मरम्मत के लिए ऑनलाइन ऐप आधारित सेवाएं तेजी से लोकप्रिय हो रही ...और पढ़ें

एआई जेनरेटेड इमेज।

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HighLights

  1. ऑनलाइन ऐप से त्योहारों की सफाई और मरम्मत हुई आसान।

  2. एक क्लिक पर घर बुला सकते हैं मैकेनिक, प्लंबर और इलेक्ट्रिशियन।

  3. बुकिंग से पहले अतिरिक्त शुल्क और सेवा की गुणवत्ता जरूर जांचें।

जागरण संवाददाता, रांची। त्योहारों का मौसम आते ही घरों की साफ-सफाई और मरम्मत का काम तेज हो जाता है। ऐसे में लोगों की सुविधा के लिए आनलाइन ऐप (अर्बन ऐप) आधारित सेवाएं तेजी से लोकप्रिय हो रही हैं। इन सेवाओं के जरिए घर बैठे पंखे, फ्रिज, सोफा, किचन एग्जास्ट, वाटर टैंक की सफाई से लेकर प्लंबिंग और इलेक्ट्रिशियन तक की सुविधा मिल रही है। खासकर शहरी क्षेत्रों में लोग समय बचाने के लिए इन विकल्पों का इस्तेमाल कर रहे हैं।

इन ऐप के माध्यम से वाटर टैंक की सफाई के लिए टंकी की क्षमता के अनुसार शुल्क लिया जा रहा है। 500 लीटर की टंकी की सफाई के लिए करीब 600 रुपये, 1000 लीटर के लिए 900 रुपये और 2000 लीटर या उससे अधिक क्षमता वाली टंकी के लिए लगभग 1100 रुपये तक खर्च करने पड़ रहे हैं।

वहीं सोफा क्लीनिंग का शुल्क करीब 550 रुपये बताया जा रहा है। एसी और फ्रिज की मरम्मत के लिए 1100 से 2250 रुपये तक खर्च हो सकते हैं, जबकि फ्रिज की सामान्य मरम्मत का शुल्क करीब 600 रुपये से शुरू होता है। प्लंबिंग, इलेक्ट्रिशियन और ड्रेनेज क्लीनिंग जैसी सेवाओं के लिए शुरुआती शुल्क लगभग 100 रुपये है। हालांकि, कुछ सेवाओं में न्यूनतम 500 रुपये का काम कराना अनिवार्य होता है। बुकिंग के दौरान अग्रिम भुगतान भी करना पड़ सकता है।

समय पर मिल रहे कारीगर

ऐप आधारित सेवाओं का इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों का कहना है कि इसका सबसे बड़ा फायदा जरूरत के समय कारीगर उपलब्ध होना है। ग्राहक स्नेहा ने कहा कि उनका फ्रिज खराब हो गया था। आसपास कोई जानकार मैकेनिक नहीं मिलने पर उन्होंने ऐप के जरिए सेवा बुक की। इसके बाद दो लोग घर पहुंचे और फ्रिज की मरम्मत कर दी।

उन्होंने कहा कि इस सुविधा से समय पर मैकेनिक मिल गया और परेशानी दूर हुई। रांची के मेन रोड स्थित एक निजी सैलून में काम करने वाली रेखा ने बताया कि सैलून में बिजली का प्लग खराब होने पर उन्होंने जल्दबाजी में ऐप के जरिए इलेक्ट्रिशियन बुलाया। करीब आधे घंटे में इलेक्ट्रिशियन पहुंच गया और प्लग ठीक कर दिया। इससे सैलून का काम बाधित नहीं हुआ।

टंकी की सफाई के लिए बढ़ रहा इस्तेमाल

घरों में पानी की टंकियों की सफाई के लिए भी लोग इन सेवाओं का सहारा ले रहे हैं। सेवा प्रदाता के अनुसार, टंकी की सफाई में औसतन 45 मिनट का समय लगता है। त्योहारों से पहले घरों को स्वच्छ रखने की जरूरत के बीच ऐसी सुविधाएं लोगों के लिए उपयोगी विकल्प बन रही हैं। हालांकि, बुकिंग से पहले शुल्क, अतिरिक्त खर्च और सेवा की गुणवत्ता की जानकारी लेना जरूरी है। 

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