रांची में ही होंगे जगन्नाथ पुरी के दर्शन! इस बार दुर्गा पूजा में बन रहा 85 फीट ऊंचा भव्य धाम
रांची के पीएचईडी कॉलोनी, बूटी में शिव मंदिर दुर्गा पूजा समिति पुरी के प्रसिद्ध जगन्नाथ मंदिर के प्रारूप पर भव्य ...और पढ़ें

पुरी के जगन्नाथ मंदिर का भव्य प्रारूप बन रहा।
HighLights
पुरी के जगन्नाथ मंदिर का भव्य प्रारूप बन रहा।
पंडाल की ऊंचाई 85 फीट और चौड़ाई 70 फीट होगी।
जागरण संवाददाता, रांची। पीएचईडी कॉलोनी बूटी में ओडिशा, पुरी का प्रसिद्ध मंदिर जगन्नाथ मंदिर का प्रारूप बन रहा है। शिव मंदिर दुर्गा पूजा समिति की ओर से तैयारियां की जा रही हैं। कारीगर दिन-रात निर्माण में जुटे हैं।
राजधानी रांची के पीएचईडी कॉलोनी, बूटी स्थित शिव मंदिर परिसर में पंडाल का निर्माण हो रहा है। हर वर्ष अपने अनूठे थीम और आकर्षक आयोजनों के लिए प्रसिद्ध यह समिति इस बार श्रद्धालुओं को जगन्नाथ पुरी मंदिर के भव्य स्थापत्य और आध्यात्मिक स्वरूप का दर्शन कराने की तैयारी में है।
समिति के सदस्य एवं आयोजक
पूजा उत्सव को भव्य और सफल बनाने में शिव मंदिर दुर्गा पूजा समिति के पदाधिकारी एवं सदस्य दिन-रात मेहनत कर रहे हैं। आयोजन समिति में मुख्य रूप से राजेश कुमार सिंह, संजीव कुमार, संजीव तिवारी, संदीप कुमार, बिनोद कुमार झा, सुमंजन कुमार, आलोक कुमार झा, दिलीप कुमार, अनिल कुमार, विपुल पांडे, रंजन पांडे , प्रवीण कुमार इत्यादि सक्रीय भूमिका निभा रहे हैं।
समिति का संदेश:
समिति के सदस्यों ने बताया कि पंडाल का निर्माण कार्य तेज़ी से चल रहा है। षष्ठी-सप्तमी की शाम को पट खुलते ही यह भव्य मंदिर रूपी पंडाल पूरे रांची शहर एवं बूटी क्षेत्र के श्रद्धालुओं और दर्शनार्थियों के आकर्षण का मुख्य केंद्र बनेगा।
पंडाल व आयोजन की प्रमुख विशेषताएं
जगन्नाथ पुरी मंदिर का प्रारूप: पंडाल का मुख्य ढांचा और ऊंचा शिखर ओड़िशा स्थित प्राचीन श्री जगन्नाथ मंदिर की हुबहू प्रतिकृति होगा। इसके लिए कुशल कारीगरों द्वारा लकड़ी, प्लाईवुड और कपड़े का बारीकी से उपयोग किया जा रहा है। पंडाल की ऊचाई 85 फीट और चौड़ाई 70 फीट होगा।
कलात्मक नक्काशी एवं रोशनी: मंदिर के मुख्य द्वार से लेकर अंदर तक पारंपरिक ओड़िया कला व नक्काशी देखने को मिलेगी। वहीं, रात्रि के समय विशेष वार्म-लाइट्स और फोकस लाइट्स से पंडाल जगमगाएगा।
श्रद्धालुओं के लिए विशेष सुविधा:
बूटी मोड़ और आसपास के बड़े इलाकों से आने वाली भीड़ को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा, सुगम आवागमन, पार्किंग तथा महिलाओं व वरिष्ठ नागरिकों के लिए कतारबद्ध दर्शन की व्यवस्था की जा रही है। पूजा पंडाल के पास मेले का भी आयोजन किया जा रहा है। यहां पर श्रद्धालु के लिए जलपान एवं खाने का स्टाल भी लगाया जा रहा है।
