रांची में 25 जनवरी से शुरू होगी जनसंख्या गणना, पहली बार डिजिटल तरीके से होगी जनगणना
रांची जिले में 25 जनवरी 2027 से डिजिटल माध्यम से जनसंख्या गणना शुरू होगी, जिसमें मोबाइल ऐप के जरिए घर-घर ...और पढ़ें

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HighLights
25 जनवरी 2027 से रांची में डिजिटल जनगणना शुरू होगी।
नागरिकों को 10-24 जनवरी 2027 तक स्व-गणना का विकल्प।
जागरण संवाददाता, रांची। भारत की जनगणना-2027 के दूसरे चरण की तैयारी शुरू हो गई है। रांची जिले में 25 जनवरी से 28 फरवरी 2027 तक जनसंख्या गणना की जाएगी। इस बार जनगणना पूरी तरह डिजिटल माध्यम से होगी। प्रगणक मोबाइल एप्लिकेशन के जरिए घर-घर जाकर परिवारों और प्रत्येक व्यक्ति से संबंधित निर्धारित जानकारी जुटाएंगे।
वहीं, आम नागरिकों को 10 से 24 जनवरी 2027 तक स्व-गणना का विकल्प भी मिलेगा। इस चरण में जाति संबंधी जानकारी भी एकत्र की जाएगी।
जनगणना के दूसरे चरण की तैयारियों को लेकर उपायुक्त सह प्रधान जिला जनगणना पदाधिकारी मंजूनाथ भजंत्री की अध्यक्षता में 30 और 31 अक्टूबर को समाहरणालय सभागार में दो दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
इसमें जिला, अनुमंडल, शहरी और चार्ज स्तर पर प्रतिनियुक्त जनगणना पदाधिकारियों, क्षेत्रीय पदाधिकारियों और कर्मियों को प्रशिक्षण दिया गया। केंद्रीय प्रशिक्षक दल ने जनगणना के तकनीकी और व्यावहारिक पहलुओं की जानकारी दी। इसमें मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से आंकड़े जुटाने, डिजिटल डाटा एंट्री और फील्ड में काम करने के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में बताया गया।
उपायुक्त ने अधिकारियों और कर्मियों को निर्देश दिया कि प्रशिक्षण के प्रत्येक बिंदु को गंभीरता से समझें, ताकि फील्ड में काम के दौरान किसी तरह की तकनीकी या व्यावहारिक परेशानी नहीं हो। उन्होंने कहा कि जनगणना राष्ट्रीय महत्व का कार्य है।
इसके आंकड़ों के आधार पर भविष्य की विकास योजनाओं और जनकल्याणकारी नीतियों का निर्धारण होता है। इसलिए सभी पदाधिकारी आपसी समन्वय के साथ निर्धारित समय-सीमा में सटीक और त्रुटिरहित आंकड़ों का संकलन सुनिश्चित करें।
पहला चरण पूरा, अब जनसंख्या की गणना की तैयारी
रांची जिले के सभी चार्जों में जनगणना का पहला चरण यानी मकान सूचीकरण और मकानों की गणना का कार्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। उपायुक्त ने इस कार्य में लगे अधिकारियों और कर्मियों के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी समयबद्ध तरीके से आंकड़ों का संकलन किया गया।
अब दूसरे चरण में जिले के प्रत्येक व्यक्ति और परिवार से संबंधित निर्धारित जानकारी जुटाई जाएगी। इसके लिए प्रगणकों और पर्यवेक्षकों को जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। जिला प्रशासन ने सभी क्षेत्रों में शत-प्रतिशत कवरेज सुनिश्चित करने और नियमित निगरानी का निर्देश दिया है।
जनगणना में जुटाई जाएगी ये जानकारी
दूसरे चरण में प्रत्येक व्यक्ति की गणना के साथ आयु, वैवाहिक स्थिति, शिक्षा, साक्षरता, सामाजिक विशेषताओं, आर्थिक गतिविधियों, रोजगार, प्रवासन और प्रजनन से संबंधित निर्धारित जानकारी एकत्र की जाएगी। इसके अलावा धर्म, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति, भाषा सहित अन्य निर्धारित जानकारियां भी दर्ज की जाएंगी। मकानों की स्थिति, उपलब्ध सुविधाओं और संपत्तियों से संबंधित जानकारी भी जनगणना के आंकड़ों का हिस्सा होगी।
अधिकारियों को सौंपी गई जिम्मेदारी
प्रशिक्षण में जनगणना कर्मियों की नियुक्ति, प्रशिक्षण, क्षेत्रवार जिम्मेदारी, नियमित समीक्षा, पर्यवेक्षण और निगरानी पर विशेष जोर दिया गया। डिजिटल उपकरणों और तकनीकी व्यवस्थाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ आम नागरिकों के बीच जागरूकता बढ़ाने की भी जिम्मेदारी तय की गई। उपायुक्त ने नागरिकों से अपील की कि जनगणना कर्मियों को सही जानकारी उपलब्ध कराकर इस राष्ट्रीय कार्य में सहयोग करें।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में अपर समाहर्ता सह जिला जनगणना पदाधिकारी राम नारायण सिंह, अपर जिला दंडाधिकारी (विधि-व्यवस्था) धनंजय, अनुमंडल पदाधिकारी सदर कुमार रजत, जिला सांख्यिकी पदाधिकारी शेषनाथ बैठा, जनगणना कार्य निदेशालय झारखंड के उप निदेशक सह उप मुख्य प्रधान जनगणना पदाधिकारी केश्या नायक आर, संजीव कुमार और मो. ताशिकुर रहमान सहित संबंधित अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे।
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