रांची स्टेशन से अगवा 4 वर्षीय विवान साहिबगंज से बरामद, 6 गिरफ्तार; झारखंड में बच्चा चोरी का बड़ा सिंडिकेट
रांची पुलिस ने रेलवे स्टेशन से अपहृत चार वर्षीय विवान रजवाड़ को साहिबगंज के तीनपहाड़ से सकुशल बरामद कर लिया ...और पढ़ें

रांची में अपहृत विवान साहिबगंज से बरामद।
HighLights
रांची से अपहृत चार वर्षीय विवान रजवाड़ सकुशल बरामद।
साहिबगंज के तीनपहाड़ से बच्चा चोर गिरोह के छह सदस्य गिरफ्तार।
पुलिस ने अंतरराज्यीय बाल तस्करी नेटवर्क का किया खुलासा।
जागरण संवाददाता, रांची। रांची रेलवे स्टेशन के बाहर से अपहृत चार वर्षीय बालक विवान रजवाड़ को पुलिस ने रविवार को साहिबगंज के तीन पहाड़ से सकुशल बरामद कर लिया। चुटिया थाना क्षेत्र से बच्चे के अपहरण के मामले में पुलिस ने धनबाद, साहिबगंज और राजमहल में कार्रवाई करते हुए छह आरोपितों को गिरफ्तार किया है।
इनमें धनबाद से गिरफ्तार रोहित मुखर्जी उर्फ डान भी शामिल है। पुलिस के अनुसार, रोहित से पूछताछ के बाद मिली जानकारी के आधार पर तीनपहाड़ में छापेमारी कर बच्चे को बरामद किया गया। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क में कितने लोग शामिल हैं और इससे पहले कितने बच्चों को निशाना बनाया गया है।
घटना 24 सितंबर की सुबह की है। छत्तीसगढ़ निवासी दिलमेत रजवाड़ अपने दो बच्चों के साथ रांची रेलवे स्टेशन पहुंची थी। उसे अंबिकापुर जाना था। स्टेशन के बाहर वह आटो की व्यवस्था करने में लगी थी। इसी दौरान उसका चार वर्षीय बेटा विवान अचानक गायब हो गया।
काफी तलाश के बाद भी बच्चे का पता नहीं चला। इसके बाद चुटिया थाना में बच्चे के अपहरण की प्राथमिकी दर्ज कराई गई। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एसएसपी राकेश रंजन निर्देश पर विशेष टीम गठित की गई।
पुलिस ने स्टेशन और आसपास के इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। तकनीकी अनुसंधान और मानवीय सूचना के आधार पर पुलिस को कुछ महत्वपूर्ण सुराग मिले।
धनबाद रेलवे स्टेशन के पास पकड़ा गया पहला आरोपित
जांच के दौरान पुलिस को रोहित मुखर्जी उर्फ डान के बारे में जानकारी मिली। पुलिस टीम ने धनबाद पुलिस के सहयोग से शनिवार की रात धनबाद रेलवे स्टेशन के पास छापेमारी कर रोहित को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में रोहित ने पुलिस को बताया कि उसने विवान को बेच दिया है। इसके बदले उसे मोटी रकम मिली है।
पूछताछ में उससे मिली जानकारी के आधार पर पुलिस को बच्चे के साहिबगंज जिले के तीनपहाड़ में होने का सुराग मिला। इसके बाद रांची पुलिस ने साहिबगंज पुलिस के सहयोग से तीनपहाड़ में सघन छापेमारी अभियान चलाया। पुलिस टीम ने बाबूपाड़ा गांव में बिट्टू सिंह के घर पर कार्रवाई की। वहां से चार वर्षीय विवान को सकुशल बरामद कर लिया गया।
मौके से बिट्टू सिंह और पाकुड़ के कयूम अंसारी को भी गिरफ्तार किया गया। बच्चे की बरामदगी के बाद पुलिस ने नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में भी कार्रवाई की। राजमहल से जमादार शेख, तीनपहाड़ के नीचे टोला से तसबीर शेख और बाबूपुर गांव से छोटू नोनिया को गिरफ्तार किया गया। इस तरह मामले में अब तक छह आरोपित पुलिस की गिरफ्त में हैं।
पुलिस सभी आरोपितों से पूछताछ कर रही है। जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि बच्चे को किस उद्देश्य से अगवा किया गया था और उसे किसके हवाले किया जाना था। पुलिस इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि आरोपितों के तार किसी बड़े बाल तस्करी या चोरी कराने वाले नेटवर्क से जुड़े हैं या नहीं।
विवान को किया जाता बड़ा फिर दी जाती चोरी की ट्रेनिंग
पुलिस के अनुसार, तीनपहाड़ और आसपास के इलाकों में बच्चों के इस्तेमाल से चोरी कराने वाले गिरोह को लेकर पहले भी पुलिस के पास सूचनाएं रही हैं। जांच में यह बात सामने आई है कि कुछ बच्चों को मोबाइल चोरी समेत अन्य छोटी मोटी चोरी की घटनाओं के लिए तैयार किया जाता है।
रांची सहित दूसरे जिलों की पुलिस पूर्व में भी तीनपहाड़ क्षेत्र से बच्चों को पकड़कर बाल सुधार गृह भेज चुकी है। तीन पहाड़ से बच्चे आते हैं और कुछ दिनों तक मोबाइल चोरी की घटना को अंजाम देकर फिर तीन पहाड़ निकल जाते हैं।
विवान को तीन पहाड़ में रखकर बड़ा किया जाता फिर उसे चोरी करने की ट्रेनिंग दी जाती। लेकिन इससे पहलेे पुलिस ने उसे बरामद कर लिया और पूरे मामले का खुलासा कर दिया।
दूसरे राज्यों की पुलिस भी पहुंचती रही है तीनपहाड़
पुलिस के अनुसार, रांची पुलिस की टीम जब तीनपहाड़ में छापेमारी के लिए पहुंची, उस दौरान दूसरे राज्यों की पुलिस की टीमें भी अलग-अलग मामलों में वहां कार्रवाई कर रही थीं।
इससे तीनपहाड़ क्षेत्र में सक्रिय आपराधिक नेटवर्क की जांच का दायरा और बढ़ गया है। रांची पुलिस अब अन्य जिलों की पुलिस से भी इनपुट लेकर गिरफ्तार आरोपितों के पुराने आपराधिक संपर्कों की जानकारी जुटा रही है।
अंतरजिला समन्वय से मिली सफलता
रांची पुलिस के अनुसार, बच्चे की बरामदगी में धनबाद, जामताड़ा और साहिबगंज पुलिस के साथ पुलिस महानिरीक्षक, संथाल परगना का भी सहयोग रहा। देर रात तक चले अभियान में अलग-अलग जिलों की पुलिस ने आपसी समन्वय के साथ कार्रवाई की।
पुलिस अब गिरफ्तार आरोपितों से पूछताछ के आधार पर पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। बच्चे को बरामद करने के बाद उसे सुरक्षित रूप से परिजनों को सौंपने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
पुलिस का कहना है कि अपहरण के कारण और पूरे नेटवर्क का पता लगाने के लिए अनुसंधान जारी है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इस गिरोह ने पहले कितने बच्चों को निशाना बनाया है और क्या दूसरे जिलों में हुई बच्चों की गुमशुदगी की घटनाओं से गिरफ्तार आरोपितों का कोई संबंध है।
एसआईटी को किया जाएगा सम्मानित
इस कांड का खुलासा करने के लिए एसआईटी का गठन किया गया था। एसआइटी में जितने पुलिसकर्मी शामिल थे सभी को सम्मानित किया जाएगा। रांची पुलिस के लिए यह बड़ी सफलता है।
-राकेश रंजन, एसएसपी, रांची
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