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रांची के बोड़ेया गांव में ग्राम सभा का बड़ा फैसला: पादरियों और ईसाई प्रचारकों के प्रवेश पर रोक

By Sanjay KumarEdited By: Mritunjay Pathak
Published: Mon, 26 Oct 2026 10:22 PM (IST)

Ranchi Bodeya Village Controversy: बोड़ेया गांव में ग्राम सभा ने पेसा कानून के तहत ईसाई पादरियों और धर्म प्रचारकों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया है।

Ranchi Bodeya Village Christian Entry Ban: बोड़ेया गांव में मतांतरण का विरोध करते ग्रामीण।(फोटो साैजन्य)

Ranchi Bodeya Village Christian Entry Ban: बोड़ेया गांव में मतांतरण का विरोध करते ग्रामीण।(फोटो साैजन्य)

HighLights

  1. बोड़ेया ग्राम सभा ने ईसाई प्रचारकों के प्रवेश पर रोक लगाई।

  2. पेसा कानून के तहत मतांतरण रोकने का लिया गया निर्णय।

  3. आदिवासी संस्कृति और प्रथागत स्वशासन की रक्षा का उद्देश्य।

जागरण संवाददाता, रांची। Ranchi Bodeya Village Protest: झारखंड में पेसा कानून लागू होने के बाद से मतांतरण के खिलाफ ग्राम सभा सक्रिय होकर कार्य कर रही है। कई गांवों में मतांतरण पर रोक लगाने के लिए ग्राम सभा बैठक कर निर्णय ले रही है।

Bodeya Village

सोमवार को रांची जिले के बोड़ेया पंचायत के बोड़ेया गांव के ग्राम प्रधान अनिल उरांव की अध्यक्षता में बैठक कर गांव में ईसाई, पादरी, पास्टर और ईसाई धर्म प्रचारकों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है।

इससे संबंधित बोर्ड बोड़ेया चौक पर लगा दिया गया है। इससे पहले इसी माह इटकी के हरमू सालोटोली गांव में संबंधित बोर्ड लगाकर गांव में पादरियों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई थी।

बोड़ेया गांव के मुखिया सोमा उरांव ने बताया कि सोमवार को ग्राम सभा की बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लेकर गांव में खास उद्देश्य के लिए बीमारी ठीक करने के नाम पर चंगाई प्रार्थना सभा व प्रार्थना महोत्सव इत्यादि के आयोजन पर प्रतिबंध लगा दिया गया।

वहीं झारखंड आदिवासी सरना विकास समिति धुर्वा रांची के अध्यक्ष मेघा उरांव ने कहा कि मतांतरण से सामाजिक धार्मिक सांस्कृतिक और आदिवासी/ जनजातियों का प्रथागत स्वशासन व्यवस्था में प्रतिकूल असर पड़ रहा है। इसको रोकना आवश्यक है।

जनजाति सुरक्षा मंच के क्षेत्रीय संयोजक संदीप उरांव ने कहा कि जहां-जहां पांचवीं अनुसूचित क्षेत्र है वहां संविधान और पेसा कानून के तहत ग्राम सभा को काफी अधिकार दिए गए हैं। उन्हें गांवों के विकास के साथ-साथ अपनी धर्म और संस्कृति की रक्षा करने का भी अधिकार है।

इस कार्यक्रम में शामिल झरी उरांव, राजन उरांव, अरविंद साहू, फूलचंद तिर्की, आदित्य महतो, संतु कुमार महतो, जिला परिषद किरण देवी, वार्ड सदस्य कैलाश मंडा, जनजाति सुरक्षा मंच के प्रदेश सदस्य सनी उरांव, प्रदीप टोप्पो, परना उरांव, बालेश्वर पाहन, प्रदीप पाहन, मालती देवी, सुनीता देवी, बासो देवी, बीरन देवी, प्रोफेसर गंवा तिग्गा,राजु उरांव, रामधन उरांव एवं अन्य लोग शामिल थे।

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