रांची में मधुमक्खियों के छत्ते जैसा बना दुर्गा पूजा पंडाल, अंदर सुनाई देगी भिनभिनाहट; 14 फीट ऊंची मां की प्रतिमा
रांची में दुर्गा पूजा के अवसर पर पिस्का मोड़ स्थित शिव सेना दुर्गा पूजा समिति ने मधुमक्खियों के छत्ते की ...और पढ़ें

एआई जेनरेटेड इमेज।
HighLights
पिस्का मोड़ पर मधुमक्खी के छत्ते जैसा भव्य पंडाल।
पंडाल में 14 फीट ऊंची मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित।
जागरण संवाददाता, रांची। दुर्गा पूजा के अवसर पर राजधानी रांची में आकर्षक और अनोखे पूजा पंडाल श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बन रहे हैं। इसी कड़ी में पिस्का मोड़ स्थित लकड़ी टाल में शिव सेना दुर्गा पूजा समिति की ओर से मधुमक्खियों के छत्ते की आकृति में भव्य पंडाल तैयार किया गया है।
इसकी बनावट और सजावट श्रद्धालुओं को मधुमक्खियों की दुनिया का एहसास कराएगी। पंडाल के अंदर मधुमक्खियों की भिनभिनाहट भी सुनाई देगी, जो दर्शन करने आने वाले लोगों के लिए खास अनुभव होगा।
प्राकृतिक रूप में दिखेगा पंडाल का नजारा
पंडाल को मधुमक्खियों के छत्ते का रूप देने के लिए विशेष सजावट की गई है। इसके अंदर जगह-जगह मधुमक्खियों के छोटे-छोटे छत्ते बनाए गए हैं। साथ ही पेड़-पौधों के प्रारूप तैयार कर पूरे परिसर को प्राकृतिक रूप देने का प्रयास किया गया है। पंडाल में प्रवेश करते ही श्रद्धालुओं को अलग तरह का वातावरण देखने को मिलेगा।
पंडाल की लंबाई 80 फीट और चौड़ाई 100 फीट है। इसके भीतर मां दुर्गा की 14 फीट ऊंची प्रतिमा स्थापित की गई है। समिति की ओर से पूजा और पंडाल निर्माण सहित पूरे आयोजन पर करीब 22 लाख रुपये खर्च किए जा रहे हैं।

पिस्का मोड़ से ओटीसी मैदान तक रोशनी की सजावट
दुर्गा पूजा के मद्देनजर पिस्का मोड़ से ओटीसी मैदान तक आकर्षक विद्युत सज्जा की गई है। रंग-बिरंगी रोशनी से पूरे इलाके को सजाया जा रहा है। लाइटिंग को खास और आकर्षक बनाने के लिए बंगाल से कारीगर बुलाए गए हैं। उनकी कलाकारी से पूजा क्षेत्र में उत्सव का माहौल तैयार किया गया है।
विजयादशमी पर होगा भंडारा
विजयादशमी के अवसर पर शिव सेना दुर्गा पूजा समिति की ओर से भंडारे का आयोजन किया जाएगा। इसमें श्रद्धालुओं के बीच पूड़ी-सब्जी, बुंदिया सहित अन्य व्यंजन वितरित किए जाएंगे। समिति की तैयारी है कि पूजा के दौरान पंडाल में आने वाले श्रद्धालुओं को आकर्षक सजावट के साथ बेहतर व्यवस्था भी मिल सके।
बूटी मोड़ में महाशक्ति दुर्गा पूजा पंडाल का उद्घाटन, राज्यपाल और महापौर हुए शामिल
राजधानी में दुर्गा पूजा को लेकर उत्साह का माहौल है। शुक्रवार को बूटी मोड़ स्थित शिवाजी चौक में महाशक्ति दुर्गा पूजा समिति के पूजा पंडाल का उद्घाटन किया गया। इस अवसर पर झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार और रांची की महापौर रोशनी खलखो विशेष रूप से उपस्थित रहीं। मौके पर समिति के पदाधिकारी व सदस्य आदि उपस्थित थे।

तिरुपति बालाजी मंदिर की झलक, महाभारत के प्रसंगों ने मोहा मन
पिंजरा पोल, गौशाला स्थित कल्पना लोक दुर्गा पूजा समिति का पंडाल इस वर्ष श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने शुक्रवार को पंडाल का उद्घाटन किया। पंडाल को तिरुपति बालाजी मंदिर की स्थापत्य शैली पर तैयार किया गया है।
वहीं, महाभारत के विभिन्न प्रसंगों का चित्रण भारतीय संस्कृति, धर्म और कर्तव्य का संदेश दे रहा है। समिति वर्ष 1969 से लगातार दुर्गा पूजा का आयोजन कर रही है। इस बार धार्मिक आस्था के साथ भारतीय कला और सांस्कृतिक विरासत को विशेष रूप से प्रदर्शित किया गया है। पंडाल की सजावट और पौराणिक प्रसंग श्रद्धालुओं को आकर्षित कर रहे हैं। आयोजन में मुख्य संरक्षक सीए दीपक बंका, अध्यक्ष शैलेंद्र यादव, सचिव पवन मुरारका, संयोजक विनय काबरा आदि उपस्थित थे।

चुटिया में संधि पूजा की विशेष मान्यता, मां के हाथों से गिरता है कमल का फूल
चुटिया के कृष्णापुरी स्थित साउथ रेलवे कालोनी फुटबाल मैदान में श्रीश्री दुर्गा पूजा समिति की ओर से दुर्गा पूजा पूरे विधि-विधान से मनाई जा रही है। झारखंड सरकार के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने पूजा पंडाल का उद्घाटन किया। समिति के अनुसार, इस वर्ष आयोजन पर करीब 10 लाख रुपये खर्च किए जा रहे हैं। समिति की संधि पूजा विशेष रूप से प्रसिद्ध है।
मान्यता है कि इस दौरान मां दुर्गा के हाथों से कमल का फूल नीचे गिरता है। इस अनूठी परंपरा को देखने के लिए श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह रहता है। पिछले दो दशकों से पश्चिम बंगाल के स्वर्ण पदक प्राप्त पंडित एककड़ी चट्टोपाध्याय यहां पूजा कराते आ रहे हैं। आयोजन को सफल बनाने में अध्यक्ष राज राम, सचिव गोपाल पांडे, संयोजक अरिंदम सरकार सहित समिति के अन्य सदस्य जुटे हैं।
कोकर में रोशनी का दिखा अनोखा जादू, लेजर लाइट शो बनेगा आकर्षण का केंद्र
दुर्गा पूजा में इस बार कोकर में श्रद्धालुओं को रोशनी का अनोखा नजारा देखने को मिल रहा है। कोकर दुर्गा पूजा समिति की ओर से विशेष लेजर लाइट शो का आयोजन किया गया है। जो श्रद्धालुओं के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। इसके लिए पश्चिम बंगाल के कारीगरों ने विशेष थीम पर पूजा पंडाल तैयार किया है। पंडाल के साथ मुख्य मार्ग को भी आकर्षक विद्युत सजावट से सजाया गया है। रंग-बिरंगी रोशनी और लेजर लाइट शो श्रद्धालुओं को एक अलग अनुभव कराएगा।
ऐतिहासिक बड़कागढ़ एस्टेट में तांत्रिक विधि से हुई बलवरन पूजा
ऐतिहासिक बड़कागढ़ एस्टेट में दुर्गा पूजा की परंपरा के तहत गुरुवार शाम सात बजे पूरे रीति-रिवाज के साथ बलवरन पूजा संपन्न हुई। यह पूजा तांत्रिक पद्धति से की जाती है। परंपरा के अनुसार, मां भगवती का आह्वान किया गया और बकरे की बलि दी गई। इसके बाद मां की मंगल आरती हुई और श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद वितरित किया गया। आन्नी मौजा स्थित प्राचीन देवी घर में बड़कागढ़ के पुरोहित सदन गोपाल शर्मा ने पूजा-अर्चना कराई।
इस दौरान बड़कागढ़ के ठाकुर सुधांशु नाथ शाहदेव यजमान बने। पूजा में बड़कागढ़, जगन्नाथपुर और लटमा राज परिवार के सदस्य शामिल हुए। शुक्रवार सुबह 10 बजे ऐतिहासिक ठाकुर निवास से मां भगवती चिंतामणि और नवपत्रिका देवी की डोली प्राचीन देवी घर के लिए निकाली जाएगी। इसमें बड़कागढ़ के लोग शामिल होकर माता के जयकारे लगाएंगे।
तुपुदाना में एक ही पंडाल में दिखेगा स्वर्ग और नर्क का नजारा
दुर्गा पूजा में इस बार तुपुदाना में श्रद्धालुओं को स्वर्ग और नर्क की अनोखी दुनिया देखने को मिलेगी। श्री सार्वजनिक दुर्गा पूजा पंडाल समिति की ओर से स्वर्ग और नर्क द्वार की थीम पर पंडाल तैयार किया गया है। पंडाल के बाहरी हिस्से में भैंसे, राक्षस समेत कई आकर्षक आकृतियां बनाई गई हैं।
वहीं, रंग-बिरंगी रोशनी से पूरे पंडाल को सजाया गया है। पंडाल की ऊंचाई 55 फीट और चौड़ाई 40 फीट है। इसके अंदर मां दुर्गा की भव्य प्रतिमा स्थापित की गई है। पंडाल के निर्माण में करीब 5.30 लाख रुपये खर्च हुए हैं।
