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ओडिशा के नवनियुक्त राज्यपाल ब्रज मोहन राम के बयान पर विवाद, भाजपा के लिए वोट जुटाने की बात कही

Published: Wed, 14 Oct 2026 12:22 PM (IST)

नवनियुक्त ओडिशा राज्यपाल ब्रज मोहन राम ने भाजपा के एससी मोर्चा को मजबूत करने और पार्टी के लिए वोट जुटाने ...और पढ़ें

HighLights

  1. नवनियुक्त राज्यपाल ने भाजपा एससी मोर्चा मजबूत करने की बात कही।

  2. ओडिशा में भाजपा के लिए वोट जुटाने की चिंता करेंगे।

  3. संवैधानिक पद की मर्यादा का पालन करने का आश्वासन दिया।

डिजिटल डेस्क, रांची। ओडिशा के नवनियुक्त राज्यपाल ब्रज मोहन राम ने कहा है कि वे ओडिशा जाकर भाजपा के एससी मोर्चा के संगठन को मजबूत करेंगे और दलित समुदाय से भाजपा के पक्ष में वोट दिलाने की भी चिंता करेंगे।

रांची में न्यूज एजेंसी पीटीआई से बातचीत में उन्होंने पार्टी के प्रति अपनी वफादारी और भविष्य की योजनाओं का विस्तार से जिक्र किया। रांची के मोराबादी स्थित हनुमान मंदिर में परिवार के साथ पूजा-अर्चना के बाद नवनियुक्त ओडिशा राज्यपाल ब्रज मोहन राम ने पत्रकारों से बात की।

उन्होंने कहा, “पार्टी ने मुझ जैसे एक साधारण कार्यकर्ता को मान्यता दी है। इसने संगठन में हमारे द्वारा किए गए कठिन परिश्रम और निरंतर प्रयासों को स्वीकार किया है। टिकट न मिलने के बाद भी हमने ईमानदारी और सक्रियता से पार्टी के लिए काम किया। आजकल लोग टिकट न मिलने की शाम को ही दूसरी पार्टी या तीसरी पार्टी में चले जाते हैं।

लेकिन मुझे तीन बार टिकट नहीं मिला, फिर भी मैं पार्टी के साथ रहा और भाजपा प्रत्याशी की जीत सुनिश्चित करने के लिए काम किया। प्रत्याशी बार-बार चुनाव जीतते रहे… मुझे बड़ी उम्मीद थी कि पार्टी जरूर मेरे लिए कुछ सोचेगी। माता रानी की कृपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा अमित शाह के आशीर्वाद से मुझे अब यह उपयुक्त संवैधानिक पद मिला है।”

ओडिशा में अपने कामकाज को लेकर उन्होंने साफ कहा कि वे वहां जाकर एससी समुदाय की स्थिति देखेंगे। बीजेपी का एससी मोर्चा का संगठन वहां भी है। वहां भी लोगों को जोड़ेंगे और देखेंगे कि बीजेपी के पक्ष में वोट कैसे आए, उसकी चिंता करेंगे।

उन्होंने आगे बताया कि वे पिछले करीब 20 साल से झारखंड में एससी मोर्चा के प्रदेश प्रभारी/अध्यक्ष के रूप में काम कर रहे हैं। पार्टी में एससी समुदाय के अधिक से अधिक लोगों को जोड़ने का काम उन्होंने किया है, जिसका नतीजा यह है कि उन्हें यह पद मिला।

गरीबों और राज्य के विकास को लेकर उन्होंने कहा, मैं गरीबों के लिए काम करूंगा और उन लोगों को न्याय दिलाऊंगा जो इससे वंचित हैं। मैं बुनियादी मुद्दों को हल करने और लोगों की आवश्यक जरूरतों को पूरा करने की कोशिश करूंगा, ताकि उन्हें कोई परेशानी न हो।

मैं राज्य की खुशहाली के लिए काम करूंगा। ब्रज मोहन राम पलामू से तीन बार लोकसभा सांसद रह चुके हैं और वर्तमान में झारखंड भाजपा के अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रभारी हैं।

तीन बार टिकट नहीं मिलने के बावजूद वफादार रहा

ओडिशा के नए राज्यपाल ब्रज मोहन राम ने रांची में कहा कि भाजपा ने उनके संगठन में किए गए परिश्रम को स्वीकार किया है। उन्होंने बताया कि तीन बार टिकट न मिलने के बावजूद वे पार्टी के साथ जुड़े रहे और भाजपा प्रत्याशियों की जीत के लिए काम करते रहे।

माता रानी की कृपा तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के आशीर्वाद से उन्हें यह संवैधानिक पद मिला है। राम ने कहा कि वे गरीबों के लिए काम करेंगे, बुनियादी समस्याओं का समाधान करेंगे और राज्य की समृद्धि के लिए प्रयास करेंगे। सोशल मीडिया पर उनके संगठन और वोट वाले बयान को लेकर काफी चर्चा है। पार्टी वफादारी वाले बयान पर विभिन्न प्रतिक्रियाएं आ रही हैं।

विवाद बढ़ने पर ब्रज मोहन राम का कहना है कि अभी उन्होंने भाजपा से त्यागपत्र नहीं दिया है। ऐसे में पार्टी कार्यकर्ता की भावनाओं के हिसाब से यह बात कही। लेकिन राज्यपाल का पद संवैधानिक है और इसकी मर्यादा का पूरा पालन होगा। राज्यपाल किसी पार्टी के नहीं होते हैं। 

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