भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन 24-25 अक्टूबर को रांची में, गिरिडीह उपचुनाव पर चर्चा; चाचा के आवास पर रुकेंगे
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन 24-25 अक्टूबर को रांची में प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में शामिल होंगे, जहां तीन ...और पढ़ें

24 और 25 अक्टूबर को भाजपा कार्यसमिति की बैठक में बनेगी तीन साल की कार्ययोजना।
HighLights
नितिन नबीन 24-25 अक्टूबर को रांची में भाजपा बैठक में।
गिरिडीह उपचुनाव रणनीति, तीन साल की कार्ययोजना पर चर्चा।
प्रधानमंत्री मोदी के जनजातीय समाज कार्यों की सराहना हुई।
राज्य ब्यूरो, रांची। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन 23 अक्टूबर को रांची पहुंचेंगे। 24 अक्टूबर को प्रारंभ हो रही भाजपा प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में नितिन नबीन उपस्थित रहेंगे और कार्यकर्ताओं का मार्गदर्शन करेंगे। 24 और 25 अक्टूबर को भाजपा का दो दिवसीय प्रदेश कार्यसमिति बैठक रांची में आयोजित है।
राष्ट्रीय अध्यक्ष के अलावा पार्टी के संगठन महामंत्री बीएल संतोष भी प्रदेश कार्यसमिति बैठक में शामिल होंगे। 25 अक्टूबर को समापन सत्र में उनकी उपस्थिति रहने की संभावना है। भाजपा के दोनों बड़े नेताओं का दौरा गिरिडीह विधानसभा उपचुनाव की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है।
दो दिनों के प्रवास में नितिन नबीन उपचुनाव में भाजपा की जीत के समीकरण पर चर्चा करेंगे। स्थानीय स्तर पर मुद्दों की पहचान और प्रत्याशी के नाम पर भी आरंभिक चर्चा होने की बात पार्टी के नेता कह रहे हैं। राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष पार्टी की तरफ से एसआइआर प्रक्रिया में हुई प्रगति की भी जानकारी लेंगे।
सभी संगठन प्रभारी बैठक की तैयारी पर रखेंगे नजर
भारतीय जनता पार्टी द्वारा केंद्रीय स्तर से नियुक्त संगठन प्रभारी गजेंद्र पटेल, सह प्रभारी सौरभ सिंह और निवेदिता सिंह भी राष्ट्रीय अध्यक्ष के दौरे से पहले रांची पहुंच जाएंगे। प्रदेश कार्यसमिति के लिए एजेंडा तय करने और इसकी तैयारियों पर केंद्रीय नेतृत्व के निर्देश के अनुसार तीनों प्रभारी स्थानीय स्तर पर सहयोग करेंगे।
पार्टी के राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री और झारखंड के प्रभारी सौदान सिंह भी 17 अक्टूबर को रांची आकर इसकी तैयारियों की समीक्षा करेंगे। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष आदित्या साहू ने पिछले दिनों दिल्ली में राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन से मुलाकात कर पूरे कार्यक्रम की जानकारी दी है।
चाचा के आवास पर रहेंगे नबीन
भाजपा अध्यक्ष रांची प्रवास के दौरान कांके के अरसंडे स्थित अपने चाचा के आवास पर रहेंगे और यहीं लोगों से मिलेंगे भी। नबीन का जन्म भी इसी आवास में हुआ था। उनकी शादी भी रांची में ही हुई है। इस दौरान वे अपने सगे संबंधियों से मिलेंगे और पुरानी यादें ताजा करेंगे।
प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में जनजातीय समाज को मिला गौरव और सम्मान: भाजपा
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश पदाधिकारियों, सांसदों और विधायकों की बैठक में झारखंड के जनजातीय समाज, संस्कृति और विरासत के सम्मान, संरक्षण तथा विकास के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रयासों की सराहना की गई।
बुधवार को प्रदेश कार्यालय में राजनीतिक प्रस्ताव पेश किया गया, जिसे सर्वसम्मति से पारित किया गया। प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने प्रस्ताव रखा। नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा, केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ और विधायक पूर्णिमा साहू ने इसका अनुमोदन किया।
बैठक में मौजूद सभी पदाधिकारियों और सदस्यों ने हाथ उठाकर समर्थन किया। कार्यक्रम का संचालन प्रदेश महामंत्री और सेवा एवं नेतृत्व कार्यक्रम के संयोजक अमर कुमार बाउरी ने किया। आदित्य साहू ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने गरीबों, वंचितों और जनजातीय समाज की पीड़ा को संवेदनशीलता से समझा है।
उन्होंने कहा कि आजादी के बाद लंबे समय तक जनजातीय समाज बुनियादी सुविधाओं, शिक्षा, स्वास्थ्य और विकास के पर्याप्त अवसरों से वंचित रहा तथा पूर्ववर्ती सरकारों ने इसकी अनदेखी की। मोदी के नेतृत्व में समाज के सम्मान, अधिकार और विकास को प्राथमिकता देने के लिए कई पहल हुई हैं। प्रदेश प्रभारी गजेंद्र सिंह पटेल ने कहा कि झारखंड के विकास के बिना विकसित भारत का सपना पूरा नहीं हो सकता।
राज्य जनजातीय संस्कृति, गौरवशाली परंपराओं, संघर्ष और बलिदान की ऐतिहासिक भूमि है। जनजातीय समाज, गरीबों, वंचितों और ग्रामीण क्षेत्रों की विकास में पूरी भागीदारी के बिना विकसित भारत का संकल्प अधूरा रहेगा।
बाबूलाल मरांडी ने कहा कि मोदी का सार्वजनिक जीवन सेवा, समर्पण और राष्ट्र निर्माण का प्रेरक उदाहरण है। गुजरात के सीएम से प्रधानमंत्री तक की उनकी यात्रा गरीबों, वंचितों, किसानों, युवाओं और जनजातीय समाज के जीवन में सकारात्मक बदलाव के संकल्प से जुड़ी है।
(नोट: यह खबर भाजपा झारखंड की ओर से जारी प्रेस रिलीज के आधार पर बनाई गई है।)
यह भी पढ़ें- 'एससी मोर्चा को मजबूत करेंगे, भाजपा के लिए वोट जुटाएंगे' ओडिशा के नवनियुक्त राज्यपाल ब्रज मोहन राम के बयान पर विवाद
यह भी पढ़ें- गिरिडीह उपचुनाव: झामुमो के गढ़ में भाजपा की घेराबंदी तेज, झारखंड के उपचुनावों में सत्ता पक्ष भारी रहा है या विपक्ष?
