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गिरिडीह उपचुनाव: झामुमो के गढ़ में भाजपा की घेराबंदी तेज, झारखंड के उपचुनावों में सत्ता पक्ष भारी रहा है या विपक्ष?

Published: Wed, 14 Oct 2026 09:07 AM (IST)

गिरिडीह उपचुनाव को लेकर राजनीतिक दलों में सरगर्मी तेज हो गई है। भाजपा ने अपनी घेराबंदी तेज कर दी है, ...और पढ़ें

झामुमो की पराजय के लिए भाजपा ने तेज की घेराबंदी।

झामुमो की पराजय के लिए भाजपा ने तेज की घेराबंदी।

HighLights

  1. भाजपा ने गिरिडीह उपचुनाव के लिए घेराबंदी तेज की।

  2. झामुमो फिलहाल कम सक्रिय, श्वेता शर्मा बाद में होंगी सक्रिय।

  3. आजसू और जेकेएलएम भी मुकाबले को रोचक बना सकते हैं।

अश्विनी रघुवंशी, रांची। कैबिनेट मंत्री सुदिव्य सोनू के निधन के बाद संवैधानिक व्यवस्था के मुताबिक पांच मार्च 2027 तक गिरिडीह में उप चुनाव होना है। बावजूद इसके राजनीतिक दलों में गिरिडीह का किला फतह करने की आतुरता है।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की माता स्वर्गीय रूपी सोरेन का लंबी बीमारी के बाद निधन हो चुका है। इन्हीं कारणों से सत्तारूढ़ झामुमो उतना सक्रिय नहीं है। सिर्फ स्वर्गीय सुदिव्य सोनू की पत्नी श्वेता शर्मा थोड़ा बहुत घर से बाहर कदम निकाल रही है।

सुदिव्य सोनू के निधन के घर की परंपरा के मुताबिक 45 दिन तक शुभ काम नहीं हो सकते। उसके बाद उनकी पत्नी श्वेता शर्मा दमखम लगाएंगी। इस बीच विपक्षी दल भाजपा ने वहां जोर लगा दिया है। 2019 में हेमंत सोरेन के मुख्यमंत्री बनने के बाद आठ उप चुनाव हुए हैं।

सात में इंडिया गठबंधन जीता है तो एक में एनडीए युति। भाजपा को गहरा अहसास है कि झामुमो की चुनावी मशीनरी से पार पाना आसान नहीं है। नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी के साथ भाजपा अध्यक्ष आदित्य साहू चुनावी मैदान में उतर चुके हैं।

मरांडी की अगुवाई में गिरिडीह शहर के झंडा मैदान में भाजपा द्वारा सेवा ज्योति यात्रा निकाली गई। झामुमो के गढ़ पीरटांड़ में भाजपा की हरलाडीह और पीरटांड़ मंडल समिति की बैठक में खुद मरांडी गए। उन्होंने कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया कि आदिवासी समाज के बीच जनसंपर्क तेज करे। इससे पहले 12 सितंबर को बाबूलाल मरांडी के नेतृत्व में जेपीएससी परीक्षा में धांधली के विरोध में भाजपा ने गिरिडीह समाहरणालय का घेराव और प्रदर्शन किया था। भाजपा अध्यक्ष आदित्य साहू भी बनियाडीह में चुनावी सभा कर चुके हैं।

भाजपा से दोबारा शाहाबादी या इस बार कोई और

2024 के विधानसभा चुनाव में भाजपा उम्मीदवार रहे निर्भय शाहाबादी ने सार्वजनिक कहा था कि यह उनका अंतिम चुनाव है। वे हार गए थे। इस बार गिरिडीह से चुनाव लड़ने को भाजपा नेताओं की सूची लंबी है।

वैसे, शाहाबादी फिर टिकट का दावा ठोंक दे तो आश्चर्य नहीं है। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र राय, सुरेश साव, चुन्नू कांत, विभाकर पांडेय, डाक्टर विनिता कुमारी, विनय कुमार सिंह, शालिनी वैशखियार, दिनेश यादव, प्रकाश सेठ, मुकेश जालान समेत सूची लंबी है।

सुदेश महतो भी गिरिडीह में खेला कर दे तो आश्चर्य नहीं

हालिया समय में हरेलाल महतो समेत कई आजसू नेताओं के लिए भाजपा ने अपना दरवाजा खोल दिया है। आजसू अध्यक्ष सुदेश महतो ने सार्वजनिक नाराजगी भी जताई है। आजसू पार्टी के चंद्रप्रकाश चौधरी गिरिडीह से सांसद हैं।

सुदेश महतो और चंद्रप्रकाश चौधरी ने भी गिरिडीह में राजनीतिक आयोजन कर अपनी पार्टी की ताकत को दिखाने का प्रयास किया है। उप चुनाव में अपना प्रत्याशी उतार कर सुदेश महतो खेला कर दे तो भाजपा का तनाव बढ़ेगा।

चुनाव परिणाम फिर प्रभावित करना चाहेगा जेकेएलएम

2024 के विधानसभा चुनाव में झामुमो उम्मीदवार सुदिव्य कुमार सोनू ने भाजपा प्रत्याशी निर्भय शाहाबादी को 3838 मतों से हराया था। आशय यह कि मुकाबना बेहद नजदीकी था।

उस चुनाव में जयराम महतो की पार्टी जेकेएलएम के उम्मीदवार नवीन आनंद 10767 वोट पाने में कामयाब रहे थे। ठीकठाक मत मिला था। जयराम की पार्टी फिर गिरिडीह उप चुनाव में उतर सकती है तो मुकाबला रोचक होगा।

हेमंत राज में ये उप चुनाव

  • दुमका : नवंबर 2020 : हेमंत सोरेन ने सीट छोड़ी थी। उनके भाई बसंत सोरेन ने झामुमो उम्मीदवार के तौर पर भाजपा की लुइस मरांडी को हराया था।
  • बेरमो : नवंबर 2020 : बेरमो : राजेंद्र सिंह के निधन के कारण हुए उप चुनाव में उनके पुत्र जय मंगल उर्फ अनूप सिंह ने कांग्रेस के टिकट पर भाजपा के योगेश्वर महतो बाटुल को हराया था।
  • मधुपुर : अप्रैल 2021 : कैबिनेट मंत्री हाजी हुसैन अंसारी के निधन के बाद उनके पुत्र हफीजुल हसन ने झामुमो प्रत्याशी के नाते भाजपा के गंगा नारायण सिंह को पराजित किया था।
  • मांडर : जून 2022 : न्यायिक फैसले के बाद बंधु तिर्की की सदस्यता चली गई। उनकी बेटी शिल्पी नेहा तिर्की ने कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ा और भाजपा की गंगोत्री कुजूर को हराया था।
  • रामगढ़ : फरवरी 2023 : न्यायिक आदेश के कारण कांग्रेस विधायक ममता देवी की सदस्यता चली गई थी। आजसू की सुनीता चौधरी ने कांग्रेस के बजट महतो को पटखनी दी थी।
  • डुमरी : सितंबर 2023 : शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो के निधन के बाद झामुमो के टिकट पर उनकी पत्नी बेबी देवी ने आजसू पार्टी की यशोधा देवी को हराया था।
  • गांडेय : मई 2024 : गांडेय : डाक्टर सरफराज अहमद के इस्तीफा के बाद खाली सीट पर उप चुनाव हुआ तो झामुमो की कल्पना सोरेन ने भाजपा उम्मीदवार दिलीप कुमार वर्मा को हराया था।
  • घाटशिला : नवंबर 2025 : शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन के निधन के बाद झामुमो के टिकट पर उनके पुत्र सोमेश सोरेन ने भाजपा उम्मीदवार चंपई सोरेन के बेटा बाबूलाल सोरेन को पराजित किया था।