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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 28, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

फिर बढ़ीं मधु कोड़ा की मुश्किलें, तीन साल तक नहीं लड़ सकेंगे चुनाव

By Sachin MishraEdited By:
Published: Thu, 28 Sep 2017 09:15 AM (IST)Updated: Thu, 28 Sep 2017 03:00 PM (IST)

झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा कई घोटालों के भी आरोपी हैं।

फिर बढ़ीं मधु कोड़ा की मुश्किलें, तीन साल तक नहीं लड़ सकेंगे चुनाव
फिर बढ़ीं मधु कोड़ा की मुश्किलें, तीन साल तक नहीं लड़ सकेंगे चुनाव

राज्य ब्यूरो, रांची। पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई है। इस बार चुनाव आयोग ने उन्हें चुनाव लड़ने पर तीन साल का प्रतिबंध लगा दिया है। कारण, उन्होंने चुनाव के दौरान हुए खर्च का पूरा ब्यौरा चुनाव आयोग को नहीं सौंपा था। मधु कोड़ा कई घोटालों के भी आरोपी हैं। उनकी सरकार को यूपीए के घटक दलों ने समर्थन दिया था, जिनमें कांग्रेस, राजद और झारखंड मुक्ति मोर्चा शामिल थे।

मधु कोड़ा पर हवाला के माध्यम से हजारों करोड़ रुपये का लेनदेन, दक्षिण पूर्व एशियाई देशों में निवेश करने, ग्रामीण विद्युतीकरण योजना में गलत ढंग से ठेका देने एवं सरकारी योजनाओं में भ्रष्टाचार का भी आरोप है। इसकी जांच सीबीआई, प्रवर्तन निदेशालय, आयकर विभाग और झारखंड निगरानी ब्यूरो कर रहे हैं। 

चुनाव आयोग ने झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा को बड़ा झटका दिया है। आयोग ने बुधवार को उन्हें तीन वर्षो तक चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य घोषित कर दिया। पूर्व मुख्यमंत्री ने 2009 के लोकसभा चुनाव में हुए खर्च का ब्योरा नहीं सौंपा था। वह झारखंड के सिंहभूम लोकसभा क्षेत्र से चुने गए थे। खर्च का ब्योरा नहीं सौंपने को गंभीर मानते हुए आयोग ने यह कदम उठाया है।

मुख्य चुनाव आयुक्त एके ज्योति और चुनाव आयुक्त ओपी रावत की ओर से जारी आदेश में जनप्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 10 ए का हवाला दिया गया है। इसी धारा के तहत कोड़ा को अयोग्य घोषित किया गया है। आयोग में पूर्व मुख्यमंत्री के खिलाफ सुनवाई चल रही थी।

2009 में निर्दलीय सांसद चुने गए कोड़ा को चुनाव आयोग ने 2010 में नोटिस जारी कर पूछा था कि उन्हें क्यों न अयोग्य घोषित कर दिया जाए। आयोग ने कहा था कि उन्होंने वास्तविक राशि 18,92,353 रुपये से बहुत कम खर्च दर्शाया है। कोडा ने आयोग के अधिकार क्षेत्र को दिल्ली हाई कोर्ट में चुनौती दी थी। बाद में हाई कोर्ट ने आयोग को कोड़ा के खिलाफ कार्रवाई की अनुमति दे दी।

निर्दलीय विधायक रहते मुख्यमंत्री बने थे कोड़ा

 मधु कोड़ा ने झारखंड के पांचवें मुख्यमंत्री के तौर पर 2006 में कुर्सी संभाली थी। मुख्यमंत्री बनते समय वह निर्दलीय विधायक थे। कोड़ा ने ऑल झारखंड स्टूडेंट यूनियन के कार्यकर्ता के रूप में राजनैतिक सफर की शुरुआत की थी। बाबूलाल मरांडी के नेतृत्व में बनी सरकार में वह पंचायती राज मंत्री थे। 2003 में अर्जुन मुंडा सरकार में भी उन्होंने इसी विभाग की कमान संभाली।

2005 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़ा और जीते। उन्होंने भाजपा की अगुआई वाली अर्जुन मुंडा सरकार को समर्थन दिया। सितंबर 2006 में कोड़ा और तीन अन्य निर्दलीय विधायकों ने मुंडा सरकार से समर्थन वापस ले लिया। बाद में कांग्रेस की अगुआई वाले गठबंधन संप्रग ने उन्हें मुख्यमंत्री की कुर्सी तक पहुंचा दिया।

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