कल्पना सोरेन के '5 आम' और JMM का '61' वाला दावा, झारखंड में होने वाला है कोई बड़ा 'खेला'?
कल्पना सोरेन के 'पांच आमों' वाले पोस्ट ने झारखंड राज्यसभा चुनाव में सियासी हलचल बढ़ा दी है। इसे सत्तारूढ़ गठबंधन ...और पढ़ें

कल्पना सोरेन के '5 आम' और JMM का '61' वाला दावा, क्या झारखंड में होने वाला है कोई बड़ा 'खेला'?
HighLights
कल्पना सोरेन ने 'पांच आमों' की तस्वीर पोस्ट की।
इसे राज्यसभा चुनाव में पांच विधायकों के समर्थन का संकेत।
बिरसा हरित ग्राम योजना की सफलता भी उजागर हुई।
राज्य ब्यूरो, रांची। मंगलवार को झामुमो (JMM) ने अपने अधिकृत एक्स हैंडल पर ''56 नहीं 61'' का पोस्ट डालकर सियासी सरगर्मी बढ़ा दी थी। बाद में पार्टी के महासचिव विनोद पांडेय ने भी इसे अपने एक्स हैंडल पर पोस्ट किया।
इसे लेकर सियासी मायने लगाए जाते रहे कि सत्तारूढ़ गठबंधन के प्रत्याशियों के समर्थन के लिए उसके 56 विधायकों के ही नहीं, एनडीए खेमे के पांच विधायकों का भी समर्थन प्राप्त हो गया है।
बुधवार को इसी तरह का संकेत गांडेय विधायक कल्पना सोरेन (Kalpana Soren) ने भी अपने फेसबुक एकाउंट में पांच आमों की तस्वीर पोस्ट कर दिया है।
रांची स्थित हमारे आवास के पेड़ों के आम!
— Kalpana Murmu Soren (@JMMKalpanaSoren) June 17, 2026
राज्य के लगभग सभी जिलों में आम की बागवानी का विस्तार हुआ है और उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की जा रही है।
बिरसा हरित ग्राम योजना ने हजारों किसानों, खासकर हमारी मईयां को फलदार बागवानी से जोड़कर न केवल फलदार पेड़ों की संख्या को… pic.twitter.com/NJIOUMlEQy
कल्पना द्वारा पोस्ट की गई हाथ में पांच ताजा आम की तस्वीर के मायने राज्यसभा चुनाव के मद्देनजर सत्तारूढ़ गठबंधन की पुख्ता तैयारी के संकेत के रूप में निकाले जा रहे हैं। इसे इसका संकेत बताया जा रहा है कि गठबंधन के साथ विपक्षी दलों के पांच विधायकों का समर्थन सत्तारूढ़ गठबंधन को प्राप्त है।
कल्पना ने लिखा है- रांची स्थित हमारे आवास के पेड़ों के आम!
राज्य के लगभग सभी जिलों में आम की बागवानी का विस्तार हुआ है और उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की जा रही है। बिरसा हरित ग्राम योजना ने हजारों किसानों, खासकर हमारी मंइयां को फलदार बागवानी से जोड़कर न केवल फलदार पेड़ों की संख्या को बढ़ाई है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई मजबूती प्रदान की है।
आज लाखों किसान बड़े पैमाने पर आम और फलदार पेड़ों की खेती कर सशक्त बन रहे हैं और झारखंड के आम देश-विदेश में अपनी पहचान बना रहे हैं। हालांकि, उनका यह पोस्ट राज्य सरकार द्वारा संचालित बिरसा हरित ग्राम योजना की सफलता को राज्यवासियों के सामने लाने के रूप में भी देखा जा सकता है।
