विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

परीक्षा के लिए पुश्तैनी जमीन रखी गिरवी, लेकिन मेरिट लिस्ट में नहीं आ सका; JSSC Scam के दोषियों की जमानत खारिज

Published: Wed, 14 Oct 2026 12:40 PM (IST)

झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) सीजीएल पेपर लीक मामले में सफल अभ्यर्थी सह एजेंट रामकृष्ण कुमार सिंह और एजेंट रितेश ...और पढ़ें

26 सितंबर को गिरफ्तार हुआ था रामकृष्ण कुमार सिंह, गिरिडीह का है रहने वाला।

26 सितंबर को गिरफ्तार हुआ था रामकृष्ण कुमार सिंह, गिरिडीह का है रहने वाला।

HighLights

  1. रामकृष्ण कुमार सिंह और रितेश कुमार सिंह की जमानत खारिज।

  2. रामकृष्ण ने परीक्षा के लिए पुश्तैनी जमीन गिरवी रखी थी।

  3. रितेश ने अभ्यर्थियों को बोकारो में उत्तर रटवाए थे।

राज्य ब्यूरो, रांची। झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की संयुक्त स्नातक स्तरीय (सीजीएल) में कथित पेपर लीक मामले की जांच कर रही सीआईडी ने सौंपे गए सबूतों के बाद कोर्ट ने सफल अभ्यर्थी सह एजेंट रामकृष्ण कुमार सिंह तथा एजेंट रितेश कुमार सिंह की जमानत याचिका खारिज कर दी है।

रामकृष्ण कुमार सिंह गिरिडीह जिले के धनवार थाना क्षेत्र के कटरियाटांड़ का निवासी है, जो दस्तावेज सत्यापन में सफल हुआ था, लेकिन मेरिट लिस्ट में उसका नाम नहीं आया था। वहीं, एजेंट रितेश कुमार सिंह इस अनियमितता सिंडिकेट के मास्टरमाइंड मिथिलेश सिंह का रिश्तेदार है।

सीआईडी ने कोर्ट को जानकारी दी है कि रामकृष्ण कुमार सिंह ने जेएसएससी सीजीएल की परीक्षा पास कराने वाले सिंडिकेट को रुपये देने के लिए अपनी पुश्तैनी जमीन तक गिरवी रख दी थी। इसके बावजूद उसका नाम मेरिट लिस्ट में नहीं आ सका था। उसकी गिरफ्तारी 26 सितंबर को हुई थी।

उसने अपने साथ-साथ अन्य अभ्यर्थियों की भी सेटिंग कराई थी और उनके मूल शैक्षणिक प्रमाण पत्रों को बंधक के रूप में जमा करवाया था। 25 दिसंबर 2024 को दस्तावेज सत्यापन के लिए शैक्षणिक प्रमाण पत्र देने से लेकर सत्यापन तक अभ्यर्थियों के साथ सिंडिकेट के साथी भी मौजूद रहे, ताकि इस पूरे खेल का भंडाफोड़ न हो सके।

रांची से लेकर पटना तक बिचौलिए सक्रिय रहे। एक बिचौलिए संजय कुमार को अभ्यर्थियों ने परीक्षा पास करवाने के लिए साढ़े पांच लाख रुपये भी दिए गए थे। दूसरे आरोपित रितेश कुमार सिंह के बारे में सीआइडी को छानबीन में जानकारी मिली कि वह अभ्यर्थी के साथ-साथ अभ्यर्थियों का सेटर भी था।

उसने मास्टरमाइंड मिथिलेश सिंह के निर्देश पर सेटिंग वाले अभ्यर्थियों को 20 सितंबर 2024 काे बोकारो के दुग्धा केंद्र पर 20-22 अभ्यर्थियों को प्रश्न व उत्तर रटवाया था। प्रत्येक अभ्यर्थियों से मोटी रकम की डील हुई थी।

यह भी पढ़ें- होने वाले दामाद को दहेज में पास कराई JSSC की सीजीएल परीक्षा, ICN एजेंसी संचालक मिथिलेश सिंह अब तक फरार

यह भी पढ़ें- पिता के इलाज के लिए फ्रेंडली ऋण नहीं, पेपर लीक के लिए दिए थे पांच लाख, कोलकाता में आंसर रट बना अफसर