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पिता के इलाज के लिए फ्रेंडली ऋण नहीं, पेपर लीक के लिए दिए थे पांच लाख, कोलकाता में आंसर रट बना अफसर

Published: Tue, 13 Oct 2026 11:18 AM (IST)

जेएसएससी सीजीएल पेपर लीक: सीआईडी की जांच में खुलासा हुआ है कि रितेश कुमार सिंह ने जेएसएससी सीजीएल परीक्षा पास ...और पढ़ें

JSSC CGL पेपर लीक: रितेश ने कुंदन से लिए थे पांच लाख, कोलकाता में रटवाए थे प्रश्न।

JSSC CGL पेपर लीक: रितेश ने कुंदन से लिए थे पांच लाख, कोलकाता में रटवाए थे प्रश्न।

HighLights

  1. रितेश ने कुंदन से परीक्षा पास कराने के लिए ₹5 लाख लिए।

  2. अभ्यर्थियों को कोलकाता ले जाकर प्रश्न-उत्तर रटवाए गए।

  3. मास्टरमाइंड मिथिलेश सिंह का रिश्तेदार है एजेंट रितेश।

राज्य ब्यूरो, रांची। झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की संयुक्त स्नातक स्तरीय (सीजीएल) प्रतियोगिता परीक्षा-2023 के सफल अभ्यर्थी कुंदन कुमार से एजेंट रितेश कुमार सिंह उर्फ मुन्ना सिंह ने पांच लाख रुपये अपने पिता के इलाज के एवज में फ्रेंडली ऋण के रूप में नहीं लिया था। यह राशि रितेश ने कुंदन कुमार से उसे परीक्षा पास करवाने के एवज में ली थी।

रितेश ने उक्त राशि 16 जनवरी 2026 को अपने खाते में ली थी। इसका खुलासा सीआइडी की विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने अपनी जांच में की है। रितेश ने जिस कुंदन से पांच लाख रुपये लिए थे, उस कुंदन को उक्त परीक्षा में सफलता हासिल हुई थी और वह वर्तमान में गुमला के सिसई प्रखंड में प्रखंड कल्याण पदाधिकारी के पद पर पदस्थापित था।

कुंदन मूल रूप से पलामू जिले के नौडीहा बाजार थाना क्षेत्र के नमोदाग स्थित डुमरी का निवासी है और छह सितंबर को गिरफ्तार होने के बाद से रांची के होटवार स्थित बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा में बंद है। उसने अभ्यर्थी के साथ-साथ एजेंट की भी भूमिका निभाई थी।

एसआइटी ने जांच में पाया है कि रितेश कुंदन के अलावा अमित सिंह, अमित लकड़ा व अन्य अभ्यर्थियों को कोलकाता स्थित होटल एनके-07 में ले गया था। यहां सभी अभ्यर्थियों को प्रश्न व उत्तर रटवाया गया था।

रितेश सिंह है आइसीएन के संचालक मिथिलेश सिंह का रिश्तेदार

सीआईडी की जांच में यह खुलासा हुआ है कि एक अक्टूबर को गिरफ्तार रितेश कुमार सिंह उर्फ मुन्ना सिंह जेएसएससी सीजीएल कथित पेपर लीक के मास्टरमाइंड मिथिलेश सिंह का रिश्तेदार है। उसने सीआईडी के सामने स्वीकार किया है कि वह एजेंट के रूप में काम किया, उसने अभ्यर्थियों की सेटिंग कराई, उन्हें प्रश्न व उत्तर रटवाया।

उनसे राशि वसूली, उनके मूल शैक्षणिक प्रमाण पत्रों का संग्रह किया और वसूली गई राशि को मिथिलेश सिंह तक पहुंचाया। वह भी बिहार के भोजपुर का मूल निवासी है और लंबे समय से बोकारो के दुग्धा में रहता था। मुख्य आरोपित मिथिलेश सिंह फिलहाल फरार है।

पेपर लीक मामले में दो एजेंट को नहीं मिली जमानत

अपर न्यायायुक्त योगेश कुमार की अदालत ने जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा-2023 में धांधली और पेपर लीक मामले के आरोपित दो एजेंट मिथिलेश कुमार पांडेय और मनु कुमार सिंह की जमानत याचिका खारिज कर दी। दोनों आरोपितों ने पांच अक्टूबर को याचिका दाखिल की थी।

सीआईडी ने कार्रवाई करते हुए दो अक्टूबर को मिथिलेश कुमार पांडेय और 24 सितंबर को मनु कुमार सिंह को गिरफ्तार किया था। जांच में खुलासा हुआ है कि दोनों आरोपित अपने निजी संपर्कों और मजबूत नेटवर्क के जरिए कई परीक्षार्थियों की सेटिंग कराने में सक्रिय रूप से शामिल थे।

इन आरोपितों ने अभ्यर्थियों को धनबाद और बोकारो के विभिन्न ठिकानों पर इकट्ठा कर परीक्षा से पहले ही लीक प्रश्न और उनके उत्तर रटवाए था। इस संगठित रैकेट की जड़ें काफी गहरी हैं। सीआइडी द्वारा गिरफ्तार अन्य आरोपितों से लगातार पूछताछ की जा रही है, जिसके आधार पर ताबड़तोड़ कार्रवाई जारी है।

मामले में अब तक परीक्षा संचालन करने वाली एजेंसी, प्रिंटिंग एजेंसी से जुड़े लोगों, सफल अभ्यर्थियों, कोचिंग संचालकों और एजेंटों सहित तीन दर्जन से अधिक लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। 

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