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JSSC-CGL पेपर लीक: गिरिडीह बना मुख्य केंद्र, 33 आरोपी गिरफ्तार; बिहार-यूपी तक फैला सिंडिकेट

Published: Fri, 25 Sep 2026 08:30 PM (IST)

सीआईडी ने जेएसएससी सीजीएल परीक्षा पेपर लीक मामले में अब तक 33 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें सर्वाधिक गिरिडीह ...और पढ़ें

बड़े सिंडिकेट के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए अब तक 33 आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

बड़े सिंडिकेट के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए अब तक 33 आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

HighLights

  1. सीआईडी ने सीजीएल पेपर लीक में 33 आरोपी गिरफ्तार किए।

  2. सर्वाधिक गिरफ्तारियां गिरिडीह व आसपास के क्षेत्रों से हुईं।

  3. मास्टरमाइंड अभय तिवारी सहित कई पुलिसकर्मी भी शामिल।

दिलीप कुमार, रांची। झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की संयुक्त स्नातक स्तरीय (सीजीएल) परीक्षा में कथित पेपर लीक, अनियमितता आदि मामले की जांच कर रही सीआईडी की कार्रवाई लगातार जारी है। सीआईडी ने कथित पेपर लीक, परीक्षा पास कराने वाले वाले कथित दलाल, एजेंट, प्रश्न-उत्तर रटवाने वाले व सीट बेचने वालों के बड़े सिंडिकेट के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए अब तक 33 आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

सर्वाधिक गिरफ्तारी गिरिडीह व आसपास के क्षेत्र से हुई है। जो रडार पर हैं, उनमें भी सर्वाधिक गिरिडीह के ही हैं। कुछ से पूछताछ भी हो चुकी है। वर्तमान में जमशेदपुर के फूड इंस्पेक्टर संजय कुमार से सीआईडी की पूछताछ चल रही है।

वह फूड इंस्पेक्टर भी गिरिडीह जिले के गांवा थाना क्षेत्र के पिहरा गांव का निवासी है। इतना ही नहीं, इस केस में गिरफ्तार मास्टरमाइंड अभय कुमार तिवारी का ससुराल भी गिरिडीह में है। अभय कुमार तिवारी ने स्वयं अपने सहित उसकी पत्नी सुषमा कुमारी व भाई अक्षय तिवारी की नौकरी जेएसएससी सीजीएल में सेटिंग से लगवाई थी और दोनों की गिरफ्तारी हो चुकी है।

सीआईडी ने एक जनवरी 2025 को सीआइडी थाना कांड संख्या 01/2025 में प्राथमिकी दर्ज की थी। इस मामले की जांच के क्रम में अब तक कुल 33 आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है। इनमें पूर्व में 16 आरोपित व वर्तमान में 17 आरोपित गिरफ्तार हुए हैं।

पूर्व में गिरफ्तार आरोपितों में अधिकतर झारखंड पुलिस के जवान थे। उनपर परीक्षा पास कराने के एवज में वसूली करने तथा अभ्यर्थियों को प्रश्न व उत्तर रटवाने के आरोप हैं।

ये हैं गिरिडीह व इसके आसपास के जिले के आरोपित, जो हो चुके हैं गिरफ्तार

सिपाही रोबिन कुमार (खेरवानी, धनवार, गिरिडीह), सिपाही अभिलाष कुमार (पिहरा, गांवा, गिरिडीह), सफल अभ्यर्थी समीर कुमार (बेंगाबाद, गिरिडीह), अभय कुमार तिवारी, उसकी पत्नी सुषमा कुमारी व भाई अक्षय तिवारी (तीनों आरोपित गिरिडीह से जुड़े हुए), दीपक कुमार (नावाडीह, धनबाद), उमेश कुमार राय (दुग्दा, बोकारो), विजय कुमार तिवारी (राजगंज, धनबाद), आनंद कुमार सिंह (सुदामडीह, धनबाद), राजेश प्रसाद यादव व संदीप कुमार (डोमचांच, कोडरमा) व सुधाकर यादव (रिखिया, देवघर)।

अन्य गिरफ्तारियां बिहार-यूपी से भी

सफल अभ्यर्थी कुंदन कुमार (नौडीहा बाजार, पलामू), परीक्षा संचालन कराने वाली एजेंसी आइसीएन के दो कर्मी सोमांश प्रकाश (रोहतास बिहार) व राहुल कुमार (बैशाली बिहार), दलाल राजन कुमार (पटना, बिहार), दिलीप कुमार पासवान (खैरा, जमुई, बिहार), एजेंट मनु कुमार सिंह (सारण, बिहार)। सिपाही कुंदन कुमार उर्फ मंटू (ओबरा, औरंगाबाद, बिहार), सिपाही अखिलेश कुमार (सतगांवा, कोडरमा), सिपाही गौरव कुमार (हंटरगंज, चतरा), सिपाही रामनिवास राय (जम्होर, औरंगाबाद, बिहार), सिपाही निवास कुमार राय (जम्होर, औरंगाबाद, बिहार), कविराज उर्फ मोटू (जम्होर, औरंगाबाद, बिहार), विनय साह उर्फ हरिहर सिंह (गोरखपुर, उत्तर प्रदेश) व संतोष कुमार (कर्मचारी, वित्त विभाग)।

इनसे पूछताछ कर चुकी है CID

  • विकास पांडेय : ये गिरिडीह के बेंगाबाद के हथबोर निवासी हैं। परीक्षा पास करने वाले व परीक्षा संचालन कराने वाली एजेंसी टीडीपीएल के मार्केटिंग मैनेजर अभय कुमार तिवारी के ससुर हैं। अभय कुमार तिवारी व उसकी पत्नी तथा भाई वर्तमान में जेल में हैं। ये पेशे से सह अध्यापक हैं। इनसे सीआइडी पूछताछ कर चुकी है।
  • संजय कुमार : ये जमशेदपुर के फूड इंस्पेक्टर हैं। ये मूल रूप से गिरिडीह के गांवा थाना क्षेत्र के पिहरा गांव के निवासी हैं। सीआइडी इनसे तीन दिनों तक पूछताछ कर चुकी है।

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