झारखंड शिक्षक नियुक्ति मामले में JSSC से मांगा गया जवाब, एक परीक्षा- दो मेरिट लिस्ट पर सवाल; 25 को अंतिम सुनवाई
झारखंड हाई स्कूल शिक्षक नियुक्ति-2016 में कथित गड़बड़ियों पर फैक्ट फाइंडिंग कमेटी ने सुनवाई की। कमेटी ने झारखंड कर्मचारी चयन ...और पढ़ें

फैक्ट फाइंडिंग कमेटी 25 अक्टूबर को करेगी अंतिम सुनवाई।
HighLights
फैक्ट फाइंडिंग कमेटी ने शिक्षक नियुक्ति गड़बड़ी मामले में सुनवाई की।
जेएसएससी को रिक्त पदों और संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करने का निर्देश।
मामले की अंतिम सुनवाई 25 अक्टूबर को निर्धारित की गई।
राज्य ब्यूरो, रांची। वन मैन फैक्ट फाइंडिंग कमेटी के जस्टिस गौतम कुमार चौधरी ने स्नातक प्रशिक्षित शिक्षक संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा-2016 के तहत हाई स्कूल शिक्षक नियुक्ति में कथित गड़बड़ियों के संबंध में बुधवार को सुनवाई की गई। सुनवाई के दौरान कमेटी ने कहा कि इस मामले में अंतिम सुनवाई 25 अक्टूबर को होगी।
कमेटी ने झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की ओर से कुछ बिंदुओं पर जवाब मांगा है। अदालत ने मामले रिक्त पद की जानकारी सहित अन्य संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। सुनवाई के दौरान प्रार्थियों के अधिवक्ताओं को अभ्यर्थियों से संबंधित मांगी गई जानकारी टेबुलर चार्ट में प्रस्तुत करने के लिए 15 अक्टूबर तक का अंतिम मौका दिया गया।
जेएसएससी और राज्य सरकार को कोई अतिरिक्त दस्तावेज दाखिल करने के लिए 24 अक्टूबर तक का समय दिया गया है। मामले की अगली सुनवाई 25 अक्टूबर को होगी। प्रार्थियों की ओर से अधिवक्ता चंचल जैन और अधिवक्ता तान्या सिंह ने पक्ष रखा।
सुनवाई के दौरान कई प्रार्थियों की ओर से टेबुलर चार्ट के माध्यम से अभ्यर्थियों से संबंधित जानकारी आयोग के समक्ष प्रस्तुत की गई। आयोग ने इससे पहले प्रार्थियों से प्रत्येक याचिकाकर्ता का नाम, रोल नंबर, विषय, श्रेणी और प्राप्तांक सहित विस्तृत ब्योरा मांगा था।
दो अगस्त 2022 के बाद नियुक्त ऐसे अभ्यर्थियों की जानकारी देने को कहा गया था, जिन्हें संबंधित याचिकाकर्ताओं के दावे के अनुसार उनसे कम अंक मिलने के बाद नियुक्ति मिल गई। आयोग इन जानकारियों के आधार पर नियुक्ति प्रक्रिया में संभावित विसंगतियों की जांच कर रहा है।
एक परीक्षा, दो मेरिट लिस्ट पर उठे सवाल
वर्ष 2016 में जेएसएससी ने स्नातक प्रशिक्षित शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया शुरू की थी। इसके तहत कुल 17,786 शिक्षकों की नियुक्ति की जानी थी। उपलब्ध विवरण के अनुसार, करीब 10 हजार पदों पर नियुक्ति हुई, जबकि शेष पद रिक्त रह गए। नियुक्ति प्रक्रिया में जिलावार और राज्यस्तरीय मेरिट लिस्ट का इस्तेमाल किया गया।
अभ्यर्थियों का आरोप है कि एक ही प्रतियोगिता परीक्षा के लिए दो तरह की मेरिट लिस्ट तैयार किए जाने के कारण कई योग्य उम्मीदवार नियुक्ति से वंचित रह गए। हाई कोर्ट के आदेश के बाद गठित वन मैन फैक्ट फाइंडिंग कमेटी इन आरोपों और नियुक्ति प्रक्रिया से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है।
