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JPSC-JSSC Scam: 30 अभ्यर्थियों को रटवाया पेपर, पिता-पुत्र के खातों में पहुंचे 19 लाख; कोर्ट ने मांगी केस डायरी

Published: Sun, 08 Nov 2026 07:44 AM (IST)

रांची कोर्ट ने जेपीएससी 14वीं सिविल सेवा पीटी और जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा गड़बड़ी मामलों में सुनवाई के दौरान केस डायरी की मांग की है।

एआई द्वारा जेनरेट इमेज।

एआई द्वारा जेनरेट इमेज।

HighLights

  1. जेपीएससी फर्जीवाड़ा: आरोपियों की जमानत याचिका पर कोर्ट ने मांगी केस डायरी।

  2. जेएसएससी-सीजीएल गड़बड़ी: सुरेश राय समेत अन्य की जमानत पर सुनवाई।

  3. रांची कोर्ट ने दोनों मामलों में अगली सुनवाई की तारीखें तय कीं।

राज्य ब्यूरो, रांची। रांची के अपर न्यायायुक्त योगेश कुमार की अदालत में शनिवार को जेपीएससी की 14वीं सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में फर्जीवाड़ा मामले में जेल में बंद कृष्णा कुमार, मुकेश साहू, दिलीप कुमार राणा और ओमप्रकाश राणा की जमानत याचिका पर सुनवाई हुई।

अदालत ने मामले में केस डायरी की मांग की है। साथ ही तीन आरोपितों की याचिका पर सुनवाई के लिए 10 नवंबर और कृष्णा कुमार की याचिका पर सुनवाई के लिए 21 नवंबर की तिथि निर्धारित की गई है।

दोनों की जमानत याचिकाओं पर अगली सुनवाई के लिए सात नवंबर की तिथि निर्धारित की गई है। जांच के अनुसार, इन लोगों का संबंध कथित तौर पर परीक्षा फर्जीवाड़े के मास्टरमाइंड अभय तिवारी के सिंडिकेट से जुड़े एजेंट बुद्धेश्वर भगत से बताया गया है।

बता दें कि सीआडी ने चारों को पिछले महीने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। तब से जेल में है। इधर, इसी अदालत में जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा गड़बड़ी मामले के आरोपित सुरेश राय और सुधाकर कुमार की जमानत याचिका पर भी सुनवाई हुई।

इसमें अदालत ने मामले में सीआईडी से केस डायरी की मांग की है। याचिका पर अगली सुनवाई के लिए 10 और 25 नवंबर की तिथि निर्धारित की गई है।

सुरेश राय पर बोकारो जिले के दुग्धा स्थित अपने क्वार्टर में 30 से अधिक अभ्यर्थियों को प्रश्न और उत्तर रटवाने का आरोप है। जांच के दौरान सीआईडी को उसके बैंक खाते में 22 जनवरी 2026 को 14 लाख रुपये आने के साक्ष्य मिला है।

वहीं, उसके बेटे उमेश राय के खाते में भी उसी दिन पांच लाख रुपये आने की जानकारी सामने आई है। सीआइडी ने सुरेश राय को 10 अक्टूबर को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। इस मामले में उसके बेटे उमेश राय और दामाद दीपक कुमार को भी गिरफ्तार किया गया है।

जेपीएससी परीक्षा फर्जीवाड़ा के आरोपित की जमानत पर 10 को निर्णय

रांची के अपर न्यायायुक्त योगेश कुमार की अदालत में 14वें जेपीएससी परीक्षा फर्जीवाड़ा मामले में जेल में बंद मो. उस्मान की जमानत याचिका पर भी शनिवार को सुनवाई हुई।

सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने आदेश सुरक्षित रख लिया। सुरक्षित आदेश 10 नवंबर को सुनाई जाएगी। मामले में उसे सीआईडी ने 22 जुलाई को गिरफ्तार किया था।

इनका संबंध कथित तौर पर परीक्षा फर्जीवाड़े के मास्टरमाइंड अभय तिवारी के सिंडिकेट से जुड़ा है। प्रार्थी के अधिवक्ता सोनल तिवारी ने कहा कि धोखाधड़ी के लिए छल एवं प्रलोभन, जालसाजी के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार करने में भूमिका तथा आपराधिक षड्यंत्र के लिए साझा अवैध उद्देश्य के संबंध में सहमति या समझौते का आधार स्थापित करना आवश्यक है।

केवल किसी अन्य आरोपित से संपर्क या परिचय होना अपने आप में आपराधिक षड्यंत्र का प्रमाण नहीं हो सकता। बताते चलें कि सीआईडी की ओर से अनुसंधान पूरा कर आरोपपत्र दाखिल किया जा चुका है।

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