Jharkhand Weather: झारखंड में बारिश का ‘इंटरवल’, मगर फिल्म अभी बाकी! 4 अक्टूबर तक गरज-चमक के साथ लौट सकते हैं बादल
झारखंड में 28 सितंबर से भारी बारिश कमजोर होने की उम्मीद है, जिससे लोगों को राहत मिलेगी। हालांकि, 4 अक्टूबर ...और पढ़ें

झारखंड में 29 सितंबर से भारी बारिश कमजोर होने की उम्मीद।
HighLights
झारखंड में 29 सितंबर से भारी बारिश कमजोर होने की उम्मीद।
29 और 30 सितंबर को भारी बारिश का कोई अलर्ट नहीं।
डिजिटल डेस्क, रांची। झारखंड में पिछले कई दिनों से जारी बारिश के दौर के बाद अब मौसम में धीरे-धीरे राहत मिलने के संकेत हैं। 29 सितंबर से राज्य में भारी बारिश की स्थिति कमजोर होने की उम्मीद है।
हालांकि, आसमान में बादल छाए रह सकते हैं और कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक की स्थिति बन सकती है। 29 सितंबर से चार अक्टूबर तक राज्य में छिटपुट से कहीं-कहीं बारिश और गरज-चमक का दौर जारी रहने का अनुमान है।
29 और 30 सितंबर को भारी बारिश का अलर्ट नहीं
मौसम पूर्वानुमान के अनुसार, 29 और 30 सितंबर को झारखंड में बड़े बारिश अलर्ट की स्थिति नहीं है। हालांकि, स्थानीय स्तर पर बादल बनने और कहीं-कहीं बारिश होने की संभावना बनी रहेगी। इससे पिछले दिनों की तरह लगातार भारी बारिश से लोगों को राहत मिल सकती है। हालांकि, पूरी तरह बारिश खत्म होने की संभावना नहीं है।
रांची में छाए रहेंगे बादल, हल्की बारिश के आसार
राजधानी रांची में अगले कुछ दिनों तक बादल छाए रहने के साथ हल्की बारिश की संभावना बनी रह सकती है। मौसम में बहुत बड़ी गिरावट की संभावना नहीं है। 2 सितंबर के आसपास रांची का न्यूनतम तापमान करीब 21 से 22 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान करीब 29 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।
लगातार बारिश से प्रभावित हुआ था जनजीवन
पिछले दिनों हुई लगातार बारिश से झारखंड के कई हिस्सों में जनजीवन प्रभावित हुआ था। निचले इलाकों में पानी भरने, सड़कों पर आवागमन प्रभावित होने और कुछ नदियों का जलस्तर बढ़ने की स्थिति सामने आई थी। रांची और जमशेदपुर समेत कुछ जिलों में बारिश के कारण स्कूलों को भी बंद रखने के आदेश दिए गए थे।
अब बारिश की तीव्रता कम होने से लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि, 29 सितंबर से चार अक्टूबर के बीच राज्य के अलग-अलग हिस्सों में बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां जारी रह सकती हैं। ऐसे में बारिश रुकने के बाद भी मौसम में अचानक बदलाव को लेकर सतर्क रहने की जरूरत होगी।
किसानों को भी मिल सकती है राहत
लगातार बारिश के बाद अब बारिश में कमी आने से खेतों में जलजमाव वाले इलाकों को कुछ राहत मिल सकती है। वहीं, जहां बारिश की जरूरत है, वहां छिटपुट बारिश फसलों के लिए उपयोगी हो सकती है। किसानों को स्थानीय मौसम की स्थिति को देखते हुए ही सिंचाई और अन्य कृषि कार्य करने की सलाह दी जाती है।
