काले बादल-बूंदाबांदी और ठंडी हवा से दिल्ली का मौसम बना सुहाना, फिर सताएगी गर्मी; 35 डिग्री तक पहुंच सकता है पारा
राजधानी दिल्ली में हाल के दिनों का सुहाना मौसम अस्थायी है और अक्टूबर से तापमान फिर बढ़कर 35 डिग्री सेल्सियस ...और पढ़ें

सोमवार की शाम को सुहावने में लाल किला भ्रमण करने पहुंचे पर्यटक। चंद्र प्रकाश मिश्र
HighLights
दिल्ली में सुहाना मौसम अस्थायी, अक्टूबर से बढ़ेगा तापमान।
अक्टूबर में दिल्ली का अधिकतम तापमान 35 डिग्री तक।
अल-नीनो से सर्दियों में भी अधिक गर्मी की आशंका।
राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। राजधानी में पिछले कुछ दिनों से बना सुहाना मौसम अब ज्यादा दिन रहने वाला नहीं है। सोमवार को घने बादलों और कई इलाकों में हुई बूंदाबांदी से तापमान सामान्य से काफी नीचे रहा और दिन में भी हल्की ठंडक महसूस हुई। हालांकि, मौसम विभाग के अनुसार यह राहत अस्थायी है।
पश्चिमी विक्षोभ और उत्तर-पश्चिमी उत्तर प्रदेश के ऊपर बने ऊपरी हवा के चक्रवाती परिसंचरण के कमजोर पड़ने के साथ ही तापमान फिर बढ़ने लगेगा। एक अक्टूबर से दिल्ली में अधिकतम तापमान 33 से 35 डिग्री और न्यूनतम 23 से 25 डिग्री सेल्सियस के बीच पहुंच सकता है।
एक्यूआइ अभी संतोषजनक श्रेणी में
सोमवार को दिल्ली का अधिकतम तापमान 28.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जो सामान्य से छह डिग्री कम था। पालम में 27.7 और रिज में 27.2 डिग्री तापमान रहा। कई इलाकों में हल्की वर्षा और बूंदाबांदी दर्ज की गई। वर्षा के कारण दिल्ली की हवा भी साफ रही और केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार सोमवार को औसत एक्यूआई 56 रहा, जो संतोषजनक श्रेणी में है।

मंगलवार तक वर्षा के आसार
मौसम विभाग के अनुसार 28 और 29 सितंबर को दिल्ली समेत हरियाणा, चंडीगढ़, पंजाब और पूर्वी राजस्थान के कुछ हिस्सों में वर्षा और गरज-चमक हो सकती है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 28 से 30 सितंबर तक वर्षा की संभावना है। दिल्ली से दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई 23 सितंबर को हो चुकी है। मौसम प्रणालियों के कमजोर पड़ने के बाद अक्टूबर की शुरुआत में तापमान सामान्य स्तर पर पहुंचने की संभावना है।

सर्दियों में भी गर्मी की चुनौती
मौसम की चुनौती केवल अक्टूबर तक सीमित रहने की आशंका नहीं है। भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर में सक्रिय अल-नीनो की स्थिति आने वाले महीनों में मजबूत होने का अनुमान है। विश्व मौसम विज्ञान संगठन समेत वैश्विक मौसम एजेंसियों ने इसके फरवरी 2027 तक बने रहने की संभावना जताई है। इसका असर भारत में सर्दियों के दौरान सामान्य से अधिक तापमान के रूप में सामने आ सकता है।
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सामान्य से अधिक तापमान का जोखिम
शिकागो विश्वविद्यालय के एनर्जी पाॅलिसी इंस्टीट्यूट की हालिया रिपोर्ट ने भी अल-नीनो के कारण अगले छह महीनों में भारत में गर्मी से होने वाली अतिरिक्त मौतों का अनुमान जताया है। ऐसे में दिल्ली के लिए इस बार मौसम की चुनौती सर्दियों के प्रदूषण के साथ-साथ सामान्य से अधिक तापमान का जोखिम भी हो सकती है।
