Jharkhand Weather: झारखंड में बारिश ने बदली चाल! 4 अक्टूबर तक कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ बरसेंगे बादल
झारखंड में भारी बारिश का दौर कमजोर पड़ गया है, हालांकि 4 अक्टूबर तक राज्य में छिटपुट बारिश और गरज-चमक ...और पढ़ें

झारखंड में 4 अक्टूबर तक छिटपुट बारिश, गरज-चमक की संभावना।
HighLights
बारिश की तीव्रता कम हुई, भारी बारिश का दौर कमजोर पड़ा।
4 अक्टूबर तक छिटपुट बारिश, गरज-चमक की संभावना बनी रहेगी।
डिजिटल डेस्क, रांची। झारखंड में पिछले दिनों हुई बारिश के बाद अब मौसम का मिजाज बदलने लगा है। बारिश की तीव्रता में कमी आने लगी है और राज्य में भारी बारिश का दौर कमजोर पड़ गया है।
हालांकि, 4 अक्टूबर तक राज्य के अलग-अलग हिस्सों में छिटपुट से कहीं-कहीं बारिश और गरज-चमक की स्थिति बन सकती है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के 30 सितंबर के पूर्वानुमान में 30 सितंबर से 4 अक्टूबर तक झारखंड के लिए कोई राज्यस्तरीय चेतावनी नहीं है।
30 सितंबर से भारी बारिश का बड़ा अलर्ट नहीं
30 सितंबर को झारखंड में भारी बारिश का कोई बड़ा अलर्ट नहीं है। हालांकि, स्थानीय मौसम परिस्थितियों के कारण कुछ स्थानों पर बादल बनने और हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक हो सकती है। ऐसे में पिछले दिनों की तरह लगातार तेज बारिश से राहत मिलने की उम्मीद है।
4 अक्टूबर तक बना रहेगा बारिश का दौर
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 30 सितंबर से 4 अक्टूबर के बीच राज्य के अलग-अलग हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बनी रह सकती हैं। इस दौरान कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। यानी बारिश पूरी तरह खत्म नहीं होगी, लेकिन इसकी तीव्रता पहले की तुलना में कम रहने की उम्मीद है।
रांची में कैसा रहेगा मौसम
राजधानी रांची में अगले कुछ दिनों तक मौसम सामान्यतः बादल छाए रहने और कहीं-कहीं बारिश की संभावना वाला रह सकता है। आईएमडी के रांची पूर्वानुमान में 30 सितंबर को अधिकतम तापमान करीब 29 डिग्री और न्यूनतम करीब 20 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान दर्ज था।
पिछले दिनों बारिश से प्रभावित हुआ जनजीवन
झारखंड में पिछले दिनों हुई लगातार बारिश के कारण कई इलाकों में जनजीवन प्रभावित हुआ था। निचले इलाकों में जलजमाव, सड़कों पर आवागमन में परेशानी और कुछ नदियों के जलस्तर में वृद्धि जैसी स्थिति सामने आई थी। रांची समेत कई क्षेत्रों में बारिश का असर देखने को मिला।
अब बारिश की तीव्रता कम होने से लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि, कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना को देखते हुए लोगों को मौसम के ताजा अपडेट पर नजर रखने की जरूरत होगी।
किसानों को भी मिलेगी राहत
बारिश की तीव्रता कम होने से खेतों में जलजमाव वाले इलाकों में किसानों को राहत मिल सकती है। जिन क्षेत्रों में पर्याप्त बारिश हो चुकी है, वहां खेतों की स्थिति देखकर ही आगे के कृषि कार्य करने की जरूरत होगी। स्थानीय मौसम की स्थिति के अनुसार ही सिंचाई और अन्य कृषि कार्य करने की सलाह दी जाती है।
