Jharkhand Voter List: मैपिंग के लिए माता-पिता का नाम जरूरी, चाचा या भाई के नाम पर नहीं मिलेगी मंजूरी
झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में मैपिंग के लिए 2003 की सूची में माता-पिता का नाम अनिवार्य होगा, चाचा या भाई का नहीं।

झारखंड एसआईआर। (जागरण)
HighLights
एसआईआर में मतदाता मैपिंग के लिए माता-पिता का नाम अनिवार्य।
चाचा या भाई के नाम से सत्यापन स्वीकार्य नहीं होगा।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने 30 एफएक्यू जारी किए।
राज्य ब्यूरो, रांची। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत मतदाताओं की वर्ष 2003 की मतदाता सूची से मैपिंग चाचा या भाई के नाम से नहीं हो सकती है।
उक्त मतदाता सूची में माता-पिता या इनमें से किसी एक का नाम अनिवार्य रूप से होना चाहिए। विभिन्न शंकाओं के समाधान तथा पारदर्शी ढंग से एसआईआर की प्रक्रिया पूरी करने के लिए मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने अक्सर पूछे जानेवाले सवालों (एफएक्यू) के जवाब जारी किए हैं।
पहले चरण में 30 ऐसे सवालों के जवाब हैं, जिनमें यह स्पष्ट किया गया है कि मैपिंग में माता या पिता का नाम होना जरूरी है।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने सभी जिला निर्वाचन पदाधिकारियों को मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण से संबंधित इन सवालों के जवाब जारी किए हैं। इसकी एक प्रति मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी की वेबसाइट सीईओ डाट झारखंड डाट जीओवी डाट इन पर भी उपलब्ध है।
विभिन्न माध्यमों से प्राप्त वांक्षित प्रश्नों/शंकाओं को सम्मिलित करते हुए उनका समाधान किया गया है। यह भी कहा गया है कि जिला निर्वाचन पदाधिकारी एसआईआर प्रक्रिया के दौरान एससी, एसटी, पीवीटीजी और अन्य संवेदनशील मतदाताओं वाले क्षेत्रों में उनकी सहायता के लिए स्वयंसेवकों और जिले के वरिष्ठ अधिकारियों को तैनात करेंगे।
सवालों के जवाब में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के क्रम में बीएलओ, बीएलए, मैप्ड मतदाता/अन–मैप्ड मतदाता को क्या करना है, इसकी विस्तृत जानकारी उपलब्ध है।
इसके साथ साथ मतदाता सूची की विशेष गहन पुनरीक्षण क्यों आवश्यक है, मतदाताओं को इस क्रम में किन किन दस्तावेजों की आवश्यकता पड़ सकती है, गणना प्रपत्र (इन्यूमरेशन फार्म), मतदाता सूची का प्रारूप प्रकाशन, दावा/आपत्ति एवं मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन के संदर्भ में भी विस्तृत रूप से जानकारी उपलब्ध कराई गई है।
किसी मतदाता का नाम बदल गया हो तो...
यदि किसी मतदाता का नाम 2003 की मतदाता सूची में कुछ और था और अब उसका नाम बदल गया हो तो उसका सत्यापन कैसे होगा? इसके जवाब में कहा गया है कि नाम परिवर्तन के संबंध में कानून में विशिष्ट प्रविधान और प्रक्रियाएं हैं।
संबंधित व्यक्ति को निर्धारित 11 दस्तावेज़ में से जन्म तिथि के अनुसार स्वयं किसी एक माता-पिता/दोनों माता-पिता के समर्थक दस्तावेज (जो जरूरी हो) ईआरओ की संतुष्टि तक नागरिकता और जन्म/आयु सिद्ध करनी होगी।
यदि वे गणना प्रपत्र भरकर बीएलओ को लौटाते हैं और ईआरओ के नोटिस का उत्तर देते हैं, तो उन्हें अंतिम मतदाता सूची में शामिल किया जाएगा।
इन सभी मामलों में ईआरओ ऐसा सकारण आदेश पारित करने से पूर्व आवश्यक सावधानी और समुचित निरीक्षण करेगा और लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 के अनुसार साक्ष्य एकत्र करेगा।
नए मतदाताओं को फार्म-6 के साथ कौन सा दस्तावेज देना होगा
नए मतदाताओं को मतदाता सूची में अपना नाम शामिल कराने के लिए फार्म-6, घोषणा प्रपत्र के अलावा निर्धारित 11 दस्तावेज में से कोई एक दस्तावेज देना होगा। साथ ही जन्म तिधि के अनुसार स्वयं किसी एक माता-पिता/दोनों माता-पिता के समर्थक दस्तावेज उपलब्ध कराने होंगे।
