Jharkhand TET: 22 से 27 वर्ष पूर्व हुए थे नियुक्त, अब नियुक्ति पात्रता हासिल करने के लिए देंगे परीक्षा
JTET Exam News: झारखंड में 10 साल बाद हो रही जेटेट परीक्षा में सिर्फ नए अभ्यर्थी ही नहीं, बल्कि 22-27 ...और पढ़ें

JTET Exam 2026: 1 नवंबर को झारखंड में होगी जेटेट परीक्षा।
नीरज अम्बष्ठ, रांची। झारखंड में 10 वर्ष बाद रविवार को आयोजित हो रही झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (जेटेट) में सिर्फ शिक्षक नियुक्ति की तैयारी कर रहे अभ्यर्थी ही सम्मिलित नहीं होंंगे। झारखंड अधिविद्य परिषद (जेटेट) द्वारा आयोजित इस पात्रता परीक्षा में वैसे प्राथमिक शिक्षक भी सम्मिलित होंगे, जो 22 से 27 वर्ष पूर्व सरकारी विद्यालयों में नियुक्त हुए हैं तथा वर्तमान में कार्यरत हैं।
ये भी शिक्षक नियुक्ति की पात्रता हासिल करने के लिए इस परीक्षा में सम्मिलित होंगे। एक अनुमान के मुताबिक पूर्व से कार्यरत लगभग 12 हजार ऐसे शिक्षक हैं, जिन्होंने इस पात्रता परीक्षा में सम्मिलित होने के लिए आवेदन किया है। हालांकि लगभग 20 हजार शिक्षक ऐसे हैं, जिनके पास यह पात्रता नहीं है।
ये सभी प्राथमिक शिक्षक निश्शुल्क एवं अनिवार्य बाल अधिकार शिक्षा के अधिकार अधिनियम, 2009 (आरटीई) के लागू होने से पूर्व वर्ष 2000, 2000 तथा 2004 में नियुक्त हैं। चूंकि इस अधिनियम लागू होने से पूर्व शिक्षक नियुक्ति के लिए यह पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण होना अनिवार्य नहीं था, इसलिए ये सभी शिक्षक पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण नहीं हैं।
सर्वोच्च न्यायालय ने सितंबर 2025 में पारित अपने एक आदेश में सभी शिक्षकों के लिए यह परीक्षा उत्तीर्ण होना अनिवार्य कर दिया है। चाहे उनकी नियुक्ति आरटीई लागू होने से पूर्व ही क्यों न हुई हो। यह पात्रता हासिल नहीं करने पर शिक्षकों को प्रोन्नति नहीं देने के अलावा सेवा से हटाने तक की छूट सरकारों को दी है।
सर्वोच्च न्यायालय के यह आदेश आने के बाद शिक्षक यह पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण होने में ही अपनी भलाई समझ रहे हैं। इससे पहले वर्ष 2012 तथा 2016 में हुई जेटेट परीक्षा में सामान्य अभ्यर्थियों के अलावा पारा शिक्षक ही सम्मिलित हुए थे।
बताते चलें कि राज्य में वर्ष 2004 के बाद वर्ष 2015-16 में प्राथमिक शिक्षकों की नियुक्ति हुई थी, जिसमें टेट उत्तीर्ण होना अनिवार्य था।
नियमावली में किया गया ऐच्छिक
सर्वोच्च न्यायालय के आदेश आने के बाद स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा नियमावली, 2026 में प्रविधान किया कि इसमें कार्यरत शिक्षक भी सम्मिलित हो सकते हैं।
इसे ऐच्छिक रखा गया। कहा गया कि आरटीई लागू होने से पूर्व नियुक्त प्राथमिक शिक्षक चाहें तो इस परीक्षा में सम्मिलित होकर पात्रता ग्रहण कर सकते हैं। सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का असर उनपर न पड़े, इस सोच के साथ अधिसंख्य प्राथमिक शिक्षकों ने इस परीक्षा में सम्मिलित होने का निर्णय लिया।
क्या है सर्वोच्च न्यायालय का आदेश
सर्वोच्च न्यायालय ने एक सितंबर 2025 को शिक्षकों के लिए टेट की अनिवार्यता का फैसला दिया है, जिसमें कक्षा एक से आठ तक को पढ़ाने वाले सभी शिक्षक जिनकी नौकरी पांच साल से ज्यादा बची है, दो वर्ष के भीतर यह परीक्षा पास करना अनिवार्य कर दिया है।
जिनकी नौकरी पांच साल से कम बची है उन्हें टीईटी से छूट दी थी लेकिन उन्हें भी प्रोन्नति पानी है तो टीईटी जरूरी है। जो शिक्षक दो वर्ष के भीतर टीईटी नहीं कर पाएंगे उन्हें अनिवार्य सेवानिवृत कर दिया जाएगा।
हालांकि इस आदेश का विभिन्न शिक्षक संघ यह कहते हुए विरोध कर रहे हैं कि उनकी नियुक्ति आरटीई लागू होने से पूर्व हुई है। टेट की अनिवार्यता उनपर लागू नहीं होती।
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