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राशि नहीं मिली तो 9 नवंबर से झारखंड में ठप होगा मिड-डे मिल, शिक्षक बोले- अब जेब से या उधार लेकर कैसे खिलाएं?

Published: Thu, 29 Oct 2026 06:43 PM (IST)

अखिल झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ ने पीएम पोषण शक्ति योजना के तहत राशि न मिलने पर 9 नवंबर से मध्याह्न ...और पढ़ें

अखिल झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ ने दी चेतावनी, अपने खर्च पर क्यों चलाएं योजना। (तस्वीर: सांकेतिक)

अखिल झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ ने दी चेतावनी, अपने खर्च पर क्यों चलाएं योजना। (तस्वीर: सांकेतिक)

HighLights

  1. 9 नवंबर से मध्याह्न भोजन योजना बंद करने की चेतावनी।

  2. 7 महीने से कुकिंग कॉस्ट की राशि नहीं मिली।

  3. शिक्षक अपने खर्च पर योजना नहीं चला सकते।

जागरण नेटवर्क, रांची। पीएम पोषण शक्ति (मध्याह्न भोजन) योजना के तहत राशि नहीं मिलने के कारण शिक्षकों ने योजना बंद करने की चेतावनी दी है। अखिल झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ ने गुरुवार को प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि इस योजना के तहत बकाया सहित योजना की राशि आठ नवंबर तक विद्यालयों को नहीं मिलने पर नौ नवंबर से योजना बंद करने की बात कही है।

संघ ने स्पष्ट रूप से कहा कि शिक्षक अब अपने खर्च से योजना नहीं चला सकते। संघ ने कहा कि चालू वित्तीय वर्ष के सात महीने बीत जाने के बाद भी कुकिंग कास्ट मद में एक रुपया भी स्कूलों को अभी तक नहीं दिया गया है।

शिक्षक अभी तक दुकानदारों से उधार तेल, मसाला आदि लेकर योजना चला रहे हैं। संघ के अनुसार, इस वित्तीय वर्ष के शुरू के महीने में कुछ दिन तक पूरक पोषाहार (अंडा/फल) मद से उपलब्ध राशि से स्कूलों में सरस्वती वाहिनी संचालन समिति द्वारा योजना संचालित की गई, लेकिन वह राशि भी बहुत कम थी।

विभिन्न विद्यालयों में मई माह से मध्याह्न भोजन बनाना शिक्षकों के लिए मुश्किल हो गया। दूसरी तरफ, जिला और प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों द्वारा विद्यालय के प्रधानाध्यापकों पर विभागीय कार्रवाई की धमकी देकर उन्हें अपने जोखिम और खर्च पर मध्याह्न भोजन बनवाते रहने के लिए मजबूर किया गया।

जिन विद्यालयों ने अपने खर्च से मध्याह्न भोजन बनाने में असहमति जताई, उनके विरुद्ध कार्रवाई की जा रही है। उनका वेतन स्थगित किया जा रहा है। सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का भय भी दिखाया जाता है कि किसी भी हाल में योजना ए बंद नहीं होनी चाहिए।

संघ प्रदेश अध्यक्ष अनूप केशरी, महासचिव राममूर्ति ठाकुर, संगठन महामंत्री असादुल्लाह, प्रवक्ता नसीम अहमद ने संयुक्त रूप से कहा कि राज्य सरकार से योजना के लिए बकाया सहित आगे की राशि आठ नवंबर तक आवंटित करे। नहीं तो नौ नवंबर से शिक्षक अपने खर्च से मध्याह्न भोजन नहीं बनाएंगे। 

(नोट- अखिल झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति पर आधारित खबर)

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