प्रशिक्षित शिक्षक नियुक्ति मामले में झारखंड सरकार रखेगी अपना पक्ष, अगली सुनवाई 30 सितंबर को
झारखंड हाई कोर्ट में स्नातक प्रशिक्षित शिक्षक नियुक्ति मामले में एकल पीठ के आदेश के खिलाफ अपील पर सुनवाई हुई। ...और पढ़ें

30 सितंबर को होगी अगली सुनवाई, एकल पीठ के आदेश के खिलाफ दाखिल की है अपील।
HighLights
झारखंड हाई कोर्ट में प्रशिक्षित शिक्षक नियुक्ति मामले पर सुनवाई हुई।
राज्य सरकार ने अपना पक्ष रखने के लिए समय मांगा, जो मिला।
मामले की अगली सुनवाई अब 30 सितंबर को निर्धारित की गई।
राज्य ब्यूरो, रांची। झारखंड हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस एमएस सोनक और जस्टिस राजेश शंकर की अदालत में स्नातक प्रशिक्षित शिक्षक नियुक्ति मामले में एकल पीठ के आदेश के खिलाफ दाखिल अपील पर बुधवार को सुनवाई हुई।
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता ने पक्ष रखने लिए समय देने का आग्रह किया। जिसे स्वीकार करते हुए अदालत ने मामले में अगली सुनवाई 30 सितंबर को निर्धारित की है। राज्य सरकार और जेएसएससी की ओर से अपील दाखिल कर एकल पीठ के आदेश को निरस्त करने की मांग की गई है।
खंडपीठ ने कहा कि राज्य सरकार और जेएसएससी यदि मामले में कोई अतिरिक्त शपथ पत्र दाखिल करना चाहते हैं, तो 24 सितंबर तक दाखिल कर सकते हैं।
2034 अभ्यर्थियों की नियुक्ति का है मामला
मामले में प्रतिवादियों की ओर से अदालत को बताया गया था कि स्नातक प्रशिक्षित शिक्षक संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा-2016 में सरकार की ओर से निर्धारित 17,786 पदों के विरुद्ध 12,046 पदों पर ही नियुक्तियां की गई हैं।
इसके बाद हाईकोर्ट की एकल पीठ ने प्रार्थियों के प्रतिवेदन पर विचार करते हुए योग्य और निर्धारित अर्हता पूरी करने वाले 2,034 अभ्यर्थियों को नियुक्त करने का निर्देश दिया था।
अदालत ने राज्य स्तरीय मेरिट लिस्ट में त्रुटि की जांच के लिए वन मैन फैक्ट फाइंडिंग कमेटी बनाया था। एकल पीठ के इसी आदेश के खिलाफ राज्य सरकार और जेएसएससी की ओर से अपील दायर की गई है।
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