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Jharkhand SIR: अब नहीं बढ़ेगी दावा-आपत्ति की तारीख, 30 सितंबर तक ही मौका; राजनीतिक दलों को मिला नो-मैपिंग डेटा  

Published: Tue, 29 Sep 2026 08:21 PM (IST)

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने राजनीतिक दलों के साथ बैठक कर मतदाता सूची में नो-मैपिंग और विसंगतियों से ...और पढ़ें

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने राजनीतिक दलों के साथ बैठक की।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने राजनीतिक दलों के साथ बैठक की।

राज्य ब्यूरो, रांची। राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने मंगलवार को निर्वाचन सदन में सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ एसआईआर के संबंध में बैठक की। बैठक के दौरान राज्य के सभी मतदान केंद्रों के नो मैपिंग एवं विसंगतियों से संबंधित बूथवार डेटा पेनड्राइव के माध्यम से सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को उपलब्ध कराया गया।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल इस सूची को अपने बीएलए एवं बीएलए-2 को समय पर साझा करते हुए उनकी सहभागिता सुनिश्चित करें जिससे मतदाता सूची में किसी तरह की विसंगतियां न रहे।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने बताया कि सभी मतदान केंद्रों के वैसे मतदाताओं की बूथवार सूची साझा की गई है, जिन्हें विभिन्न विसंगतियों अथवा विगत एसआईआर से संबंधित नो-मैपिंग के कारण नोटिस जारी किए गए थे। इनमें कई मतदाताओं ने ईआरओ स्तर पर आयोजित सुनवाई के दौरान आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत कर दिए हैं।

वहीं, कुछ ऐसे मतदाता भी हैं, जिनका नाम वर्ष 2024 की मतदाता सूची में था और जिन्होंने इन्यूमरेशन फार्म भी भरा है, लेकिन नोटिस की सुनवाई के दौरान किसी कारणवश उपस्थित नहीं हो सके। उन्होंने कहा कि ऐसे मतदाताओं को चिन्हित कर आउटरीच कार्यक्रम एवं विशेष कैंप आयोजित किए जाएंगे।

संबंधित ईआरओ एवं अन्य पदाधिकारियों द्वारा आवश्यकतानुसार उनके वास्तविक स्थिति का सत्यापन/निरीक्षण किया जाएगा तथा उपलब्ध तथ्यों एवं दस्तावेजों के आधार पर नियमानुसार निर्णय पारित किया जाएगा।

एसआईआर के तहत मतदाता सूची में नाम को लेकर दावा-आपत्ति दर्ज कराने की अंतिम तारीख 30 सितंबर है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार के अनुसार, निर्वाचन आयोग पहले ही दावा-आपत्ति की समय सीमा दो बार बढ़ा चुका है और अब इसे आगे बढ़ाने का कोई विचार नहीं है। Form-6, Form-7 और Form-8 के आवेदन भी 30 सितंबर तक ही लिए जाएंगे।

बैठक में अपर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सुबोध कुमार, उप निर्वाचन पदाधिकारी धीरज कुमार ठाकुर, अवर निर्वाचन पदाधिकारी सुनील कुमार सहित सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

पीवीटीजी, दिव्यांगजन, जनजातीय समूह पर विशेष ध्यान देने पर जोर

सोमवार तक झारखंड में Form-6 के करीब 6.32 लाख, Form-7 के 11,732 और Form-8 के करीब 4.27 लाख आवेदन प्राप्त हुए हैं। पांच अगस्त को प्रकाशित ड्राफ्ट मतदाता सूची में एसआइआर के तहत 43.61 लाख नाम हटाए गए थे। एसआइआर से पहले राज्य में 2.64 करोड़ मतदाता थे, जबकि ड्राफ्ट सूची में 2.21 करोड़ मतदाता हैं। संशोधित मतदाता सूची का प्रकाशन 19 अक्टूबर को किया जाना है।

उन्होंने दलों के प्रतिनिधियों से कहा कि पीवीटीजी, दिव्यांगजन, जनजातीय समूह, वृद्ध मतदाता तथा वैसे मतदाता जिनके माता-पिता से संबंधित विवरण उपलब्ध नहीं हैं, जैसे विशेष परिस्थितियों वाले मतदाताओं पर विशेष ध्यान दिया जाए, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि किसी भी पात्र भारतीय नागरिक का नाम मतदाता सूची से वंचित न रहे।

उन्होंने सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों से अपील की कि वे अपने स्तर से भी ऐसे पात्र मतदाताओं की पहचान करने तथा उन्हें आवश्यक प्रक्रिया की जानकारी उपलब्ध कराने में सहयोग करें, ताकि एसआईआर के माध्यम से मतदाता सूची को अधिक त्रुटिरहित एवं अद्यतन बनाया जा सके। 

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