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झारखंड शराब घोटाला: फर्जी बैंक गारंटी पर 75 लाख की डील, एसीबी जांच में कई खुलासे

Published: Wed, 04 Feb 2026 02:12 AM (IST)

रांची में शराब घोटाला मामले में एसीबी जांच कर रही है। मैनपावर एजेंसी के निदेशक महेश शेडगे ने बताया कि ...और पढ़ें

फर्जी बैंक गारंटी पर मैनपावर आपूर्ति का ठेका लेने के बदले 75 लाख रुपये की हुई थी डील

फर्जी बैंक गारंटी पर मैनपावर आपूर्ति का ठेका लेने के बदले 75 लाख रुपये की हुई थी डील

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राज्य ब्यूरो, रांची। राज्य में शराब घोटाला मामले में भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत जांच कर रही भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने गुजरात के अहमदाबाद से गिरफ्तार मैनपावर आपूर्ति एजेंसी विजन के निदेशक महेश शेडगे के बयान की समीक्षा की है।

महेश शेडगे ने अपने बयान में बताया है कि राज्य में फर्जी बैंक गारंटी पर मैनपावर आपूर्ति का ठेका लेने के बदले 75 लाख रुपये की डील हुई थी। उसे उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग के तत्कालीन प्रधान सचिव विनय कुमार चौबे के निर्देश पर उनके सहयोगी विनय सिंह ने वसूली की थी। महेश शेडगे के बयान में विनय चौबे व विनय सिंह की आपसी मिलीभगत उजागर हुई है।

विनय सिंह के नेतृत्व वाली नेक्सजेन आटोमोबाइल के कथित अकाउंटेंट राजीव कुमार झा ने भी अपने बयान में बताया है कि वे नेक्सजेन साल्यूशंस टेक्नोलोजी प्राइवेट लिमिटेड में कभी कार्य नहीं किए, इसके बावजूद उनके नाम पर वेतन दिया गया, जिसकी जानकारी उन्हें स्वयं नहीं है।

इतना ही नहीं, विनय चौबे की पत्नी स्वप्ना संचिता को नेक्सजेन कंपनी में कंसलटेंट के रूप में दिखाया गया, लेकिन अब तक उनका नियुक्ति पत्र प्रस्तुत नहीं किया गया। उनके किसी भी तरह के कार्य किए जाने का प्रमाण अब तक कंपनी ने एसीबी को उपलब्ध नहीं कराया है। एसीबी इन सभी बिंदुओं पर छानबीन कर रही है।

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