रामगढ़ में बाघ देखे जाने की अफवाह से वन विभाग हलकान, पहचान में लकडबधा मिला
रामगढ़ के बरलंगा में बाघ देखे जाने की अफवाह से वन विभाग दिनभर परेशान रहा। एक ग्रामीण महिला की सूचना ...और पढ़ें
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सर्च अभियान चलाते वन विभाग के लोग। फोटो जागरण

समय कम है?
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संवाद सूत्र, बरलंगा (रामगढ़)। गोला वन क्षेत्र अंतर्गत बरलंगा के हेठबरगा गांव में मंगलवार को बाघ देखे जाने की झूठी अफवाह से वन विभाग दिनभर हलकान रहा। सूचना मिलते ही सुरक्षा की दृष्टि से वन विभाग की टीम ने बरलंगा सहित आसपास के जंगलों में व्यापक सर्च अभियान चलाया।
बताया गया कि एक ग्रामीण महिला द्वारा बाघ के विचरण की सूचना वन विभाग को दी गई थी। सूचना के आलोक में संबंधित क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ाते हुए गहन जांच की गई। हालांकि,दिनभर चले सर्च अभियान के दौरान किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि अथवा बाघ की मौजूदगी के कोई संकेत नहीं मिले।
वनरक्षी मनीष शर्मा ने बताया कि बाघ देखे जाने की खबर पूरी तरह अफवाह साबित हुई।सर्च के दौरान न तो बाघ के पंजों के निशान मिले और न ही किसी प्रकार की आवाज़ या अन्य प्रमाण सामने आया। जांच के क्रम में जब संबंधित महिला को बाघ एवं लकड़बग्घा के फोटो दिखाए गए, तो यह स्पष्ट हुआ कि महिला ने लकड़बग्घा को ही बाघ समझ लिया था।
वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि बिना पुष्टि किसी भी प्रकार की सूचना या अफवाह न फैलाएं, क्योंकि इससे विभागीय कार्य प्रभावित होते हैं। और आमजन में अनावश्यक भय का माहौल बनता है।
तीन माह पूर्व मिले थे चीता के शावक
तीन माह पूर्व बरलंगा झालदा सीमावर्ती क्षेत्र पर तीन चीते के शावक मिले थे। शावक मिलने की सूचना झालदा वन विभाग को दी गई थी।वन विभाग ने चीता को देखने के लिए पेडो पर कई सीसीटीवी कैमरे भी लगाए थे, लेकिन चीत सीसीटीवी कैमरे की नजर मे नही आया।
