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झारखंड में RTE से पहले नियुक्त टीचर भी दे सकेंगे JTET परीक्षा, गाइडलाइन में प्रविधान

Published: Sun, 22 Mar 2026 05:30 AM (IST)

झारखंड में आरटीई लागू होने से पूर्व नियुक्त प्राथमिक शिक्षक आगामी जेटेट में शामिल हो सकेंगे, हालांकि यह उनके लिए ...और पढ़ें

एआई द्वारा जेनरेट ग्राफिक।

एआई द्वारा जेनरेट ग्राफिक।

HighLights

  1. आरटीई पूर्व नियुक्त शिक्षक जेटेट में हो सकेंगे शामिल।

  2. सर्वोच्च न्यायालय के आदेश पर नियमावली में प्रविधान।

  3. विभाग पुनर्विचार याचिकाओं पर फैसले का कर रहा इंतजार।

नीरज अम्बष्ठ, रांची। राज्य में निश्शुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 (आरटीई) लागू होने से पूर्व कार्यरत प्राथमिक शिक्षक भी आगामी झारखंड पात्रता परीक्षा (जेटेट) में सम्मिलित हो सकेंगे।

हालांकि, उनके लिए इस परीक्षा में भाग लेना अनिवार्य नहीं होगा। यह उनके लिए ऐच्छिक होगा। आरटीई लागू होने से पूर्व नियुक्त शिक्षक या अन्य कोई शिक्षक इस पात्रता परीक्षा में भाग लेना चाहे तो वह इसके लिए आवेदन कर सकेगा।

स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग द्वारा प्रस्तावित जेटेट नियमावली में इसका प्रविधान किया गया है। राज्य मंत्रिपरिषद की होने वाली अगली बैठक में इस प्रस्ताव को रखा जा सकता है।

स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के आलोक में जेटेट नियमावली में इस प्रविधान को सम्मिलित किया है, ताकि आरटीई लागू होने से पूर्व नियुक्त प्राथमिक शिक्षक चाहें तो इस परीक्षा में सम्मिलित होकर पात्रता ग्रहण करें।

सर्वोच्च न्यायालय ने पिछले वर्ष पारित अपने एक आदेश में इन शिक्षकों के लिए भी टेट उत्तीर्ण होना अनिवार्य किया है। इसके लिए शिक्षकों को दो वर्ष का समय दिया गया है। इस अवधि में टेट उत्तीर्ण नहीं होने पर उन्हें सेवा से हटाया जा सकेगा।

आरटीई लागू होने से पूर्व नियुक्त वैसे प्राथमिक शिक्षक जिनकी सेवा पांच वर्ष या इससे कम बची है, उन्हें हटाया तो नही जा सकेगा लेकिन उनकी प्रोन्नति बाधित रहेगी। हालांकि, आरटीई लागू होने से पूर्व नियुक्त देश भर के प्राथमिक शिक्षक इसका विरोध कर रहे हैं।

सर्वोच्च न्यायालय के इस आदेश के विरुद्ध कुल 40 पुनर्विचार याचिका दाखिल हुई है, इनमें कई राज्यों की भी याचिका सम्मिलित है।

जिन राज्यों ने याचिका दाखिल की है, उनमें उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, बंगाल, आंध्रप्रदेश, तेलंगाना, केरल, मेघालय तथा ओडिशा सम्मिलित हैं। झारखंड की बात करें तो यहां से एकमात्र याचिका अखिल झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ ने दाखिल की है। इस संघ ने राज्य सरकार की ओर से भी पुनर्विचार याचिका दाखिल करने की मांग की है।

वेट एंड वाच की स्थिति में विभाग

स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग आरटीई लागू होने से पूर्व नियुक्त प्राथमिक शिक्षकों के लिए टेट अनिवार्य किए जाने को लेकर वेट एंड वाच की स्थिति में है। विभाग विभिन्न पुनर्विचार याचिकाओं पर सर्वोच्च न्यायालय के आनेवाले आदेश का इंतजार कर रहा है। शीर्ष कोर्ट के आदेश आने के बाद ही विभाग इसपर कोई निर्णय लेगा।

हालांकि, विभाग ने इस सोच के साथ ऐसे शिक्षकों को जेटेट में शामिल होने का विकल्प रखा है ताकि सर्वोच्च न्यायालय द्वारा टेट की अनिवार्यता लागू करने के अपने आदेश को बरकरार रखने पर शिक्षक इस परीक्षा में शामिल होने से वंचित न हो सकें।

लगभग 25 हजार प्राथमिक शिक्षक नहीं हैं टेट उत्तीर्ण

आरटीई लागू होने से पूर्व नियुक्त लगभग 25 हजार प्राथमिक शिक्षक ऐसे हैं जो टेट उत्तीर्ण नहीं हैं। सर्वोच्च न्यायालय के आदेश आने के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने सभी राज्यों से प्रभावित शिक्षकों की संख्या मांगी थी, जिसे राज्य सरकार ने केंद्र को उपलब्ध करा दिया है।

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