मां छिन्नमस्तिका मंदिर से 254 दुकानदारों को हटाने की जल्दबाजी क्यों? झारखंड हाई कोर्ट ने सरकार से पूछा सवाल
झारखंड हाई कोर्ट ने रामगढ़ स्थित मां छिन्नमस्तिका मंदिर के पुनरुद्धार के लिए 254 दुकानदारों को जल्दबाजी में हटाने पर सरकार से सवाल किया।

झारखंड हाई कोर्ट।
HighLights
हाई कोर्ट ने 254 दुकानदारों को हटाने की जल्दबाजी पर सवाल उठाया।
सरकार मां छिन्नमस्तिका मंदिर पुनरुद्धार हेतु केंद्र से फंड मांगेगी।
अदालत ने राज्य सरकार को स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया।
राज्य ब्यूरो, रांची। हाई कोर्ट में रामगढ़ स्थित मां छिन्नमस्तिका मंदिर के पुनरुद्धार और सौंदर्यीकरण की मांग को लेकर दाखिल जनहित याचिका पर गुरुवार को सुनवाई हुई।
सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से कहा गया कि इसके लिए केंद्र सरकार की तीर्थयात्रा कायाकल्प और आध्यात्मिक संवर्धन अभियान (प्रसाद) योजना से फंड मांगा जाएगा।
इस पर अदालत ने मौखिक रूप से सरकार से पूछा कि जब पुनरुद्धार के लिए केंद्र सरकार से फंड मांगा जाना था, तो मंदिर परिसर के 254 दुकानदारों को इतनी जल्दबाजी में क्यों हटाया गया।
अदालत ने कहा कि पूर्व की सुनवाई में पर्यटन सचिव की ओर से कोर्ट को बताया गया था कि मंदिर के विकास कार्य के लिए फंड की कमी नहीं है। अब सरकार की ओर से अलग बात कही जा रही है।
सुनवाई के दौरान अदालत ने यह भी टिप्पणी की कि डीपीआर तैयार करने में भी काफी समय लगा है। मामले में कोर्ट ने राज्य सरकार को स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है।
मामले की अगली सुनवाई 17 सितंबर को होगी। सुनवाई के दौरान रामगढ़ के उपायुक्त अदालत में उपस्थित रहे। इससे पहले की सुनवाई में सरकार की ओर से कोर्ट को बताया गया था कि रजरप्पा मंदिर के जीर्णोद्धार के लिए 102 करोड़ रुपये की लागत का डीपीआर तैयार किया गया है, जिसकी तकनीकी स्वीकृति राज्य सरकार दे चुकी है।
अब पर्यटन विभाग को प्रशासनिक स्वीकृति देनी है। वहीं, अदालत ने मां छिन्नमस्तिका मंदिर परिसर से हटाए गए 254 वेंडरों को जल्द अस्थायी दुकानें उपलब्ध कराने का निर्देश दिया था।
हाईकोर्ट ने वर्ष 2023 में दायर जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान मां छिन्नमस्तिका मंदिर परिसर के सौंदर्यीकरण और श्रद्धालुओं व पर्यटकों की सुविधाओं को लेकर कई निर्देश दिए थे।
कई लोगों की जा चुकी है जान
अदालत के संज्ञान में यह बात आई थी कि मंदिर के समीप भैरवी नदी तट पर सुरक्षा व्यवस्था के अभाव में कई लोगों की जान जा चुकी है।
इसके बाद कोर्ट ने सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे। प्रार्थी संजीव कुमार सिंह ने हाई कोर्ट में अवमानना याचिका दायर कर 11 अगस्त 2023 को जनहित याचिका में पारित आदेश का अनुपालन कराने का आग्रह किया है।
उस आदेश में हाई कोर्ट ने राज्य सरकार, पर्यटन विभाग, झारखंड पर्यटन विकास निगम और रामगढ़ जिला प्रशासन को मंदिर परिसर का सौंदर्यीकरण, स्थायी स्नान घाटों का निर्माण, कपड़े बदलने के लिए कक्ष, शौचालय, पेयजल और प्रकाश व्यवस्था, चिकित्सीय सुविधाएं उपलब्ध कराना, अतिक्रमण हटाना तथा नदी का चौड़ीकरण समेत अन्य कार्य पूरा करने को कहा था।
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