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सरकारी कर्मचारी की दूसरी पत्नी को अनुकंपा नियुक्ति का लाभ नहीं मिलेगा, झारखंड हाई कोर्ट ने सुनाया फैसला

Published: Wed, 09 Sep 2026 10:00 AM (IST)

झारखंड हाई कोर्ट ने फैसला सुनाया है कि सरकारी कर्मचारी की पहली पत्नी के जीवित रहते बिना विभागीय अनुमति के ...और पढ़ें

अदालत ने कहा- दूसरी शादी के लिए विभागीय अनुमति नहीं ली गई।

अदालत ने कहा- दूसरी शादी के लिए विभागीय अनुमति नहीं ली गई।

HighLights

  1. बिना विभागीय अनुमति दूसरी पत्नी को अनुकंपा नियुक्ति नहीं।

  2. सरकारी सेवा नियमों का पालन प्रथागत कानून से ऊपर।

  3. झारखंड हाई कोर्ट का महत्वपूर्ण फैसला, अपील भी खारिज।

राज्य ब्यूरो, रांची। झारखंड हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस एमएस सोनक और जस्टिस राजेश शंकर की अदालत ने सरकारी कर्मचारियों की दूसरी शादी और अनुकंपा नियुक्ति को लेकर एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई सरकारी कर्मचारी पहली पत्नी के जीवित रहते बिना विभागीय अनुमति के दूसरी शादी करता है, तो कर्मचारी की सेवाकाल में मृत्यु के बाद दूसरी पत्नी अनुकंपा नियुक्ति का दावा नहीं कर सकती।

खंडपीठ ने यह फैसला दिवंगत पंचायत सेवक की कथित दूसरी पत्नी की अपील पर सुनवाई करते हुए दिया। अदालत ने कहा कि सरकारी कर्मचारी को पहली पत्नी के जीवित रहते दूसरी शादी करने से पहले सक्षम अधिकारी से लिखित अनुमति लेना जरूरी है।

इस मामले में कर्मचारी ने दूसरी शादी से पहले विभागीय अनुमति नहीं ली थी। याचिकाकर्ता की ओर से संथाली जनजाति की प्रथा का हवाला देते हुए दूसरी शादी को वैध बताया गया था। हालांकि, हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया कि सरकारी सेवा में लागू नियमों का पालन करना जरूरी है।

अदालत ने कहा कि प्रथागत कानून का तर्क सेवा नियमों की बाध्यता को खत्म नहीं कर सकता। मामला पंचायत सेवक बरनवास मालतु से जुड़ा है, जिनकी सेवाकाल के दौरान 11 जुलाई 2011 को मृत्यु हो गई थी। उनकी मृत्यु के बाद कथित दूसरी पत्नी ने अनुकंपा नियुक्ति और सेवानिवृत्ति लाभ में हिस्सेदारी की मांग की थी।

अनुकंपा नियुक्ति का दावा खारिज होने के बाद मामला हाई कोर्ट पहुंचा। कोर्ट ने सेवानिवृत्ति लाभों में पहली पत्नी और दूसरी पत्नी के नाबालिग बेटे को ग्रेच्युटी का हिस्सा देने का आदेश दिया, लेकिन दूसरी पत्नी को अनुकंपा नियुक्ति देने से इन्कार कर दिया।

इसके खिलाफ खंडपीठ में अपील दाखिल की गई, जिस पर सुनवाई के बाद अपील भी खारिज कर दिया। यानी हाईकोर्ट के इस फैसले में साफ किया गया है कि सरकारी कर्मचारी द्वारा बिना विभागीय अनुमति की गई दूसरी शादी की स्थिति में दूसरी पत्नी को सेवाकाल में मृत्यु के बाद अनुकंपा नियुक्ति का अधिकार नहीं मिलेगा। 

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