विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

झारखंड हाई कोर्ट ने सिपाही से दारोगा प्रोन्नति पर लगी रोक हटाने से किया इन्कार

Published: Wed, 02 Sep 2026 07:52 PM (IST)

झारखंड हाई कोर्ट ने सिपाही से दारोगा पद पर प्रोन्नति के लिए जारी वरीयता सूची पर लगी रोक हटाने से ...और पढ़ें

सरकार की ओर से रोक हटाने की गई मांग।

सरकार की ओर से रोक हटाने की गई मांग।

HighLights

  1. हाई कोर्ट ने सिपाही से दारोगा प्रोन्नति पर रोक बरकरार रखी।

  2. राज्य सरकार का रोक हटाने का आग्रह अदालत ने अस्वीकृत किया।

  3. मामले की अगली सुनवाई अब 14 सितंबर को होगी।

राज्य ब्यूरो, रांची। हाई कोर्ट के जस्टिस दीपक रोशन की अदालत में सिपाही से दारोगा पद पर प्रोन्नति के लिए नौ सितंबर 2024 को जारी पुलिस विभाग की वरीयता सूची को चुनौती देने वाली याचिका पर बुधवार को सुनवाई हुई।

सुनवाई के बाद अदालत ने सिपाही से दारोगा की प्रोन्नति पर पूर्व में लगाई गई रोक हटाने के राज्य सरकार के आग्रह को फिलहाल अस्वीकृत कर दिया। मामले में अगली सुनवाई 14 सितंबर को होगी। इस संबंध में उत्तम तिवारी की ओर से हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की गई है।

प्रार्थी की ओर से अधिवक्ता मनोज टंडन ने पक्ष रखा। याचिका में कहा गया है कि उत्तम तिवारी की वर्ष 2018 में के तहत दारोगा पद पर सीधी नियुक्ति हुई थी। पुलिस विभाग की ओर से नौ सितंबर 2024 को जारी वरीयता सूची में सीमित विभागीय प्रतियोगिता परीक्षा के माध्यम से सिपाही से दारोगा बने कर्मियों को उनसे ऊपर रखा गया है।

प्रार्थी का कहना है कि उनकी नियुक्ति सीधी भर्ती के माध्यम से हुई है, इसलिए वरीयता सूची में उन्हें विभागीय परीक्षा के माध्यम से दारोगा बने कर्मियों से ऊपर रखा जाना चाहिए। इसी आधार पर उन्होंने नौ सितंबर 2024 की वरीयता सूची को हाई कोर्ट में चुनौती दी है।

इस मामले में पूर्व में 12 मई को हाई कोर्ट ने उक्त वरीयता सूची के आधार पर होने वाली प्रोन्नति पर रोक लगा दी थी। इसके बाद राज्य सरकार की ओर से हस्तक्षेप याचिका दायर कर प्रोन्नति पर लगी रोक हटाने का आग्रह किया गया था।

बुधवार को सुनवाई के दौरान अदालत ने सरकार के इस आग्रह को स्वीकार नहीं किया और मामले की अगली सुनवाई के लिए 14 सितंबर की तिथि निर्धारित की है।