विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

झारखं‍ड हाई कोर्ट ने बदला मुआवजे का फैसला, धनबाद के इंजीनियरिंग छात्र के परिवार को मिलेंगे ₹16.22 लाख, 6% ब्याज भी

Published: Fri, 28 Aug 2026 09:38 PM (IST)

Jharkhand High Court Order: झारखंड हाई कोर्ट ने सड़क हादसे में जान गंवाने वाले 22 वर्षीय इंजीनियर छात्र के परिजनों ...और पढ़ें

झारखंड हाई कोर्ट में New India Assurance की अपील खारिज। (प्रतीकात्मक फोटो)

झारखंड हाई कोर्ट में New India Assurance की अपील खारिज। (प्रतीकात्मक फोटो)

HighLights

  1. मुआवजा 10.30 लाख से बढ़ाकर 16.22 लाख रुपये किया गया।

  2. हाई कोर्ट ने बीमा कंपनी की अपील खारिज की।

  3. मृतक 22 वर्षीय इंजीनियरिंग छात्र धनबाद का था।

राज्य ब्यूरो, रांची। झारखंड हाई कोर्ट ने सड़क हादसे में जान गंवाने वाले 22 वर्षीय इंजीनियरिंग छात्र के परिजनों को बड़ी राहत देते हुए मुआवजा 10.30 लाख रुपये से बढ़ाकर 16.22 लाख रुपये कर दिया है। चीफ जस्टिस एमएस सोनक की अदालत ने न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी की अपील खारिज करते हुए बढ़ी राशि पर दावा याचिका दाखिल करने की तिथि से भुगतान तक छह प्रतिशत सालाना ब्याज देने का आदेश दिया है।

मामला धनबाद का है। हादसे में 22 वर्षीय एलिंद कुमार सिन्हा की मौत हो गई थी। वह इलेक्ट्रानिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहा था और उसका शैक्षणिक रिकार्ड अच्छा था। दुर्घटना के बाद उसकी मां पुष्पा सिन्हा और बहन पायल प्रिया ने मुआवजे के लिए दावा किया था।

धनबाद मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण ने 27 मार्च 2015 को 10.30 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया था। इसके खिलाफ न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी ने हाई कोर्ट में अपील दाखिल की। कंपनी का तर्क था कि दुर्घटना में शामिल ट्रक के चालक के पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस नहीं था।

यह भी पढ़ें- Dhanbad News: भाई ने दोस्त पर किया भरोसा, वही बना बहन का गुनहगार; घर छोड़ने के बजाय तीन दोस्तों संग किया गंदा काम

हाई कोर्ट ने कहा कि इस दावे को साबित करने की जिम्मेदारी बीमा कंपनी की थी, लेकिन उसने कोई ठोस साक्ष्य पेश नहीं किया। अदालत ने इंजीनियर की आय में भविष्य की संभावनाओं के लिए 40 प्रतिशत जोड़ते हुए आश्रितों का मुआवजा 15.12 लाख रुपये तय किया।

यह भी पढ़ें- धनबाद में दर्दनाक हादसा: तालाब में नहाने गए तीन मासूम डूबे, एक ही परिवार के बच्चों की मौत से कोहराम

इसके अलावा दोनों दावेदारों को 40-40 हजार रुपये कंसोर्टियम, 15 हजार अंतिम संस्कार और 15 हजार रुपये संपत्ति के नुकसान के लिए दिए। बीमा कंपनी को छह सप्ताह में बढ़ी राशि जमा करने का निर्देश दिया गया है।

यह भी पढ़ें- Coal India पर BSE-NSE की बड़ी कार्रवाई, बोर्ड में सदस्यों की कमी पर लगा 25.32 लाख रुपये का जुर्माना