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सेवानिवृत मानी जाएंगी झारखंड डीजीपी तदाशा मिश्रा, यूपीएससी ने भेजा सरकार को पत्र; नियुक्ति पर बड़ा टकराव

Published: Thu, 26 Feb 2026 08:05 PM (IST)Updated: Fri, 27 Feb 2026 11:46 AM (IST)

यूपीएससी और झारखंड सरकार के बीच डीजीपी तदाशा मिश्रा की नियुक्ति को लेकर विवाद गहरा गया है। यूपीएससी ने कहा ...और पढ़ें

झारखंड डीजीपी तदाशा मिश्रा के सेवा विस्तार पर यूपीएससी का सवाल, सरकार से मांगा पैनल।

झारखंड डीजीपी तदाशा मिश्रा के सेवा विस्तार पर यूपीएससी का सवाल, सरकार से मांगा पैनल।

HighLights

  1. तदाशा मिश्रा को 31 दिसंबर 2025 को सेवानिवृत्त माना जाएगा।

  2. यूपीएससी ने डीजीपी के सेवा विस्तार को अवैध ठहराया।

राज्य ब्यूरो, रांची। संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) और राज्य सरकार के बीच डीजीपी नियुक्ति को लेकर विवाद गहराता नजर आ रहा है। आयोग ने राज्य सरकार को पत्र लिखकर स्पष्ट किया है कि 1994 बैच की आइपीएस अधिकारी तदाशा मिश्रा 31 दिसंबर 2025 को सेवानिवृत्त हो चुकी हैं।

ऐसे में उन्हें दिया गया सेवा विस्तार नियमों के अनुरूप नहीं है। यूपीएससी ने इस विस्तार को अवैध ठहराते हुए राज्य सरकार की बनाई गई नई नियमावली पर भी सवाल उठाए हैं। आयोग ने अपने पत्र में कहा है कि डीजीपी की नियुक्ति केवल यूपीएससी द्वारा चयनित पैनल के आधार पर ही की जानी चाहिए।

इसके लिए राज्य सरकार को योग्य आइपीएस अधिकारियों की सूची आयोग को भेजनी होगी। इसी सूची में से योग्य अधिकारियों का पैनल तैयार कर अंतिम चयन किया जाएगा। यूपीएससी ने यह भी स्पष्ट किया कि निर्धारित प्रक्रिया से बाहर जाकर की गई नियुक्ति वैध नहीं मानी जाएगी।

मामले की शुरुआत तब हुई जब तदाशा मिश्रा की सेवानिवृत्ति से ठीक दो दिन पहले राज्य सरकार ने डीजीपी नियुक्ति से संबंधित नियमावली में संशोधन कर उन्हें दो वर्षों का सेवा विस्तार दे दिया। इस कदम को लेकर पहले से ही सवाल उठ रहे थे, जिसे अब यूपीएससी ने औपचारिक रूप से चुनौती दी है।

पहले भी उठ चुके हैं ऐसे सवाल

यह पहला मामला नहीं है जब राज्य सरकार के निर्णय पर यूपीएससी ने आपत्ति जताई हो। इससे पहले 1990 बैच के आईपीएस अधिकारी अनुराग गुप्ता को भी सेवानिवृत्ति के बाद सेवा विस्तार दिया गया था।

उस समय भी आयोग ने इस फैसले का विरोध किया था और इसे नियमों के विरुद्ध बताया था। अनुराग गुप्ता को हटाकर तदाशा मिश्रा को पहले प्रभारी डीजीपी बनाया गया। इसके बाद उनकी सेवानिवृत्ति से दो दिन पूर्व ही उन्हें नियमित डीजीपी के पद पर नियुक्त करते हुए अधिसूचना जारी कर दी गई।

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