दिशा-निर्देश में समग्र शिक्षा अभियान की राशि की निकासी की प्रक्रिया को व्यवस्थित करने के लिए प्रखंड से लेकर राज्य स्तर तक निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी नामित करने को कहा गया है। इसके तहत अलग-अलग स्तर पर राशि की निकासी और उसके व्यय से संबंधित जिम्मेदारी निर्धारित करने की व्यवस्था की जानी है।
समग्र शिक्षा अभियान के तहत जिलों में विभिन्न कार्यक्रमों के लिए राशि उपलब्ध कराई जाती है। ऐसे में राशि की निकासी को लेकर जारी नए दिशा-निर्देश में वित्तीय प्रक्रिया को लेकर स्पष्ट व्यवस्था करने पर जोर दिया गया है। 25 लाख रुपये से अधिक की निकासी के लिए उपायुक्त की स्वीकृति अनिवार्य किए जाने से बड़ी राशि की निकासी उच्च स्तर की मंजूरी के बाद ही हो सकेगी।
वहीं, इससे कम राशि की निकासी के लिए जिला शिक्षा पदाधिकारी या जिला शिक्षा अधीक्षक को जिम्मेदारी दी गई है। दिशा-निर्देश में प्रखंड से लेकर राज्य स्तर तक निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी नामित करने का प्रावधान भी इसी प्रक्रिया का हिस्सा है।
इस दिशा-निर्देश का उद्देश्य केंद्र समग्र शिक्षा अभियान के कार्यक्रमों में वित्तीय अनुशासन और पारदर्शिता सुनिश्चित करना है। राशि की निकासी के लिए निर्धारित इस व्यवस्था से अभियान के तहत होने वाली वित्तीय प्रक्रिया को स्पष्ट रूप से संचालित करने पर जोर दिया गया है।