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झारखंड में सत्ता में रहकर भी जन आंदोलनों से जुड़ेगी कांग्रेस, विस्थापितों से SIR तक मुद्दों पर बढ़ाएगी सक्रियता

Published: Sat, 17 Oct 2026 04:03 PM (IST)

कांग्रेस पार्टी सत्ता में रहते हुए भी जन आंदोलनों से जुड़ी रहेगी, खासकर विस्थापितों के मुद्दों और एसआईआर, एमएमडीआर के ...और पढ़ें

कांग्रेस सत्ता में रहकर भी जन आंदोलनों में सक्रिय रहेगी।

कांग्रेस सत्ता में रहकर भी जन आंदोलनों में सक्रिय रहेगी।

HighLights

  1. कांग्रेस सत्ता में रहकर भी जन आंदोलनों में सक्रिय रहेगी।

  2. विस्थापितों के मुद्दे, एसआईआर, एमएमडीआर का विरोध जारी।

राज्य ब्यूरो, रांची। सत्ता में रहने के बावजूद कांग्रेस प्रशासन का मोह त्यागते हुए आंदोलनों को ही अपनाएगी और यही कारण है कि पार्टी ने विस्थापितों के मुद्दे को हाथों-हाथ लिया है। पूर्व में भी प्रदेश कांग्रेस प्रभारी के. राजू ने हजारीबाग में विस्थापितों के आंदोलन को साथ देते हुए वहां पूर्व मंत्री योगेंद्र प्रसाद और उनकी पुत्री पूर्व विधायक अम्बा प्रसाद की ओर से एनटीपीसी के खिलाफ जारी आंदोलन को नैतिक समर्थन दिया था।

इसी क्रम में विस्थापितों के मुद्दे को भी कांग्रेस ने अपनी ओर से शह देने का काम किया। अब इस मसले को दूसरे जिलों में लेकर पहुंचने की भी कांग्रेस ने योजना बना ली है। इसी कड़ी में शनिवार को प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर के साथ बोकारो पहुंचे हैं। बीएसएल के खिलाफ बोकारो में विस्थापिताें के पक्ष में चल रहे आंदोलन में कांग्रेस की स्थानीय विधायक श्वेता सिंह भूख हड़ताल कर रही हैं।

हेमंत सोरेन सरकार में शामिल होने के बाद भी कांग्रेस आंदोलन के मुद्दों को पीछे नहीं छोड़ेगी। यही कारण है कि हजारीबाग, गोड्डा, बोकारो, धनबाद आदि जिलों में कांग्रेस की गतिविधियां बढ़ी हैं। आनेवाले दिनों में भी इन जिलों में जन आंदोलन में कांग्रेस की भूमिका रहेगी।

पार्टी इन आंदोलनों में अपनी भागीदारी को जारी रखते हुए आंदोलन करती रहेगी। इसके साथ ही पार्टी का एक और मकसद है कि वह इन आंदोलनों का राजनैतिक लाभ किसी दूसरी पार्टी को नहीं उठाने देगी। इसके अलावा भी कांग्रेस तमाम आंदोलनों को लेकर आगे बढ़ ही रही है।

एसआईआर और एमएमडीआर के खिलाफ चलता रहेगा आंदोलन

राज्यों में चल रही एसआईआर की प्रक्रिया के खिलाफ कांग्रेस आंदोलन कर रही है और केंद्र एवं चुनाव आयोग पर इस कार्यक्रम के माध्यम से वोट चोरी का आरोप भी लगा रही है। दूसरी ओर केंद्र से पारित एमएमडीआर विधेयक को कांग्रेस राज्य के लिए नुकसानदेह मानकर चल रही है। इस आंदोलन में कांग्रेस को झारखंड मुक्ति मोर्चा का भी साथ मिल रहा है। 

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