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झारखंड में क्लिनिकल इस्टैब्लिशमेंट एक्ट में संशोधन के लिए डाॅ. नेहा अरोड़ा की अध्यक्षता में गठित हुई कमेटी

Published: Mon, 05 Oct 2026 07:30 PM (IST)

झारखंड सरकार क्लिनिकल इस्टैब्लिशमेंट रूल्स, 2013 में संशोधन और स्टेट क्लिनिकल इस्टैब्लिशमेंट काउंसिल के गठन संबंधी अधिसूचना में बदलाव करेगी। ...और पढ़ें

कमेटी एक सप्ताह में विभाग को सौंपेगी रिपोर्ट, आनलाइन प्रक्रिया के लिए तैयार करेगी प्रस्ताव।

कमेटी एक सप्ताह में विभाग को सौंपेगी रिपोर्ट, आनलाइन प्रक्रिया के लिए तैयार करेगी प्रस्ताव।

HighLights

  1. डॉ. नेहा अरोड़ा की अध्यक्षता में क्लिनिकल रूल्स संशोधन समिति गठित।

  2. समिति एक सप्ताह में रिपोर्ट सौंपेगी, ऑनलाइन प्रक्रिया पर जोर।

  3. 50 बेड तक के अस्पतालों को एक्ट से छूट पर विचार होगा।

राज्य ब्यूरो, रांची। राज्य सरकार झारखंड राज्य क्लिनिकल इस्टैब्लिशमेंट ( रजिस्ट्रेशन एंड रेगुलेशन) रूल्स, 2013 में संशोधन करेगी। साथ ही स्टेट क्लिनिकल इस्टैब्लिशमेंट काउंसिल के गठन संबंधित अधिसूचना में बदलाव करेगी। स्वास्थ्य विभाग ने इसे लेकर विभाग की विशेष सचिव डा. नेहा अरोड़ा की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय समिति गठित की है।

यह कमेटी एक सप्ताह में विभाग को रिपोर्ट सौंपेगी जिसके आधार पर नियमावली में संशोधन पर निर्णय लिया जाएगा। इस कमेटी में विभाग के अपर सचिव शशि प्रकाश सिंह, निदेशक प्रमुख, स्वास्थ्य सेवाएं डा. सिद्धार्थ सान्याल को सदस्य बनाया गया है। वहीं, विभाग के संयुक्त सचिव अनुज कुमार प्रसाद को सदस्य सचिव नामित किया गया है।

केपीएमजी के प्रतिनिधि विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में शामिल होंगे। स्वास्थ्य विभाग द्वारा कमेटी के गठन संबंधित जारी आदेश में कहा गया है कि कमेटी विभिन्न संगठनों के साथ इस विषय पर विचार-विमर्श कर उनसे सुझाव प्राप्त करेगी।

इसके साथ ही क्लिनिकल संस्थानों के पंजीकरण एवं विनियमन की प्रक्रिया को पूरी तरह आनलाइन करने के लिए विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन तैयार कर विभाग के समक्ष स्वीकृति के लिए प्रस्तुत करेगी।

विभाग का मानना है कि प्रस्तावित संशोधनों और आनलाइन व्यवस्था के लागू होने से राज्य में क्लिनिकल संस्थानों के पंजीकरण, नियमन एवं निगरानी की प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित, पारदर्शी और डिजिटल बनाने में मदद मिलेगी।

50 बेड तक के अस्पताल को एक्ट से मुक्त करने की हो रही मांग

राज्य के चिकित्सक 50 बेड तक के निजी अस्पताल एवं क्लिनिक को क्लिनिकल इस्टैब्लिशमेंट एक्ट से छूट की मांग कर रहे हैं। कमेटी इस मांग पर भी विचार कर सकती है। बताते चलें कि चिकित्सकों ने जिन मांगों को लेकर आंदोलन की घोषणा की है, उनमें एक मांग यह भी है।