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हजारीबाग: राशन डीलर के दोनों बेटों ने एक साथ पूरी की इंजीनियरिंग, टीसीएस और इंफोसिस में मिली शानदार नौकरी

Published: Mon, 05 Oct 2026 05:05 PM (IST)

हजारीबाग के चौपारण प्रखंड में एक राशन डीलर के दो बेटों ने कड़ी मेहनत से कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग पूरी कर ...और पढ़ें

चौपारण के ग्रामीण परिवेश में पले-बढ़े चंदन और कुंदन ने मेहनत के दम पर हासिल की सफलता। (तस्वीर: एआई जेनरेटेड)

चौपारण के ग्रामीण परिवेश में पले-बढ़े चंदन और कुंदन ने मेहनत के दम पर हासिल की सफलता। (तस्वीर: एआई जेनरेटेड)

HighLights

  1. चौपारण के राशन डीलर के दो बेटों ने इंजीनियरिंग पूरी की।

  2. चंदन को टीसीएस, कुंदन को इंफोसिस में नौकरी मिली।

  3. यह सफलता ग्रामीण युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

शशि शेखर (चौपारण) हजारीबाग। झारखंड के हजारीबाग जिले के चौपारण प्रखंड अंतर्गत भगहर पंचायत के भंडार गांव से एक बेहद प्रेरणादायक सफलता की कहानी सामने आई है। यहां के एक मामूली जन वितरण प्रणाली (पीडीएस) के विक्रेता यानी राशन डीलर के दो सगे बेटों ने अपनी कड़ी मेहनत और असाधारण प्रतिभा के दम पर पूरे जिले का सिर फक्र से ऊंचा कर दिया है।

कठिन परिस्थितियों को मात देकर एक साथ मुकाम हासिल करने वाले इन दोनों भाइयों की सफलता आज ग्रामीण युवाओं के लिए एक मिसाल बन गई है। भंडार गांव निवासी दिनेश यादव पेश से एक डीलर हैं। उन्होंने अपने बच्चों को बेहतर भविष्य और उच्च शिक्षा दिलाने के लिए गांव से उठकर चौपारण में आकर रहने का कठिन फैसला किया था।

संसाधनों की तंगी के बावजूद उन्होंने बच्चों की पढ़ाई में कभी कोई आंच नहीं आने दी। उनकी यही दृढ़ इच्छाशक्ति और बच्चों की लगन रंग लाई, जब उनके दोनों बेटों चंदन कुमार और कुंदन कुमार ने एक साथ कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग की डिग्री पूरी करने के बाद देश की प्रतिष्ठित मल्टीनेशनल आईटी कंपनियों में शानदार नौकरियां हासिल कर लीं।

बड़े भाई चंदन कुमार का चयन देश की दिग्गज आईटी कंपनी टीसीएस, नागपुर में हुआ है, जबकि छोटे भाई कुंदन कुमार को इंफोसिस, बेंगलुरु में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के पद पर नौकरी मिली है।

ऐसी रही दोनों भाइयों की संघर्ष भरी शैक्षणिक यात्रा

चंदन और कुंदन की शुरुआती शिक्षा से लेकर इंजीनियरिंग तक का सफर काफी दिलचस्प और प्रेरणादायक रहा है।

  • शुरुआती शिक्षा: दोनों भाइयों ने अपनी शुरुआती पढ़ाई (पांचवीं कक्षा तक) स्थानीय मुन्अम स्कूल से पूरी की।
  • मैट्रिक तक का सफर: इसके बाद उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा को आगे बढ़ाते हुए डीएवी स्कूल से दसवीं तक की परीक्षा सफलतापूर्वक उत्तीर्ण की।
  • इंटरमीडिएट: बारहवीं (12वीं) कक्षा की उच्चतर शिक्षा के लिए दोनों भाइयों का दाखिला रांची के कांके स्थित प्रतिष्ठित डीएवी गिरजा सहाय विद्यालय में कराया गया।
  • इंजीनियरिंग की मंजिल: स्कूली पढ़ाई पूरी करने के बाद दोनों ने डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी इंजीनियरिंग कॉलेज में कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग में एडमिशन लिया और अपनी मेहनत के बल पर डिग्री हासिल कर अपने सपनों को उड़ान दी।

परिवार में जश्न का माहौल

एक साधारण परिवार से ताल्लुक रखने वाले बेटों की इस बड़ी कामयाबी से पूरे परिवार और भंडार गांव में खुशी का माहौल है। लोग डीलर दिनेश यादव को बधाई देने पहुंच रहे हैं। खास बात यह है कि दिनेश यादव के बड़े भाई यदुनंदन यादव कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हैं, जिनके परिवार में इस सफलता ने दोहरी खुशी ला दी है।

पिता दिनेश यादव का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक या अन्य संसाधनों की भले ही कमी हो सकती है, लेकिन अगर बच्चों में आगे बढ़ने की लगन और अभिभावकों में अटूट दृढ़ इच्छाशक्ति हो, तो किसी भी मुकाम को हासिल किया जा सकता है।

चंदन और कुंदन की यह सफलता साबित करती है कि यदि इरादे मजबूत हों, तो छोटे गांवों की गलियों से निकलकर भी देश के बड़े महानगरों की बड़ी कंपनियों तक का सफर तय किया जा सकता है।