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झारखंड में CISF का दोहरा प्रहार: काेयला माफिया पर छापे, अधिकारियों पर सीबीआई जांच

Published: Sun, 04 Oct 2026 03:48 PM (IST)

झारखंड के कोयला क्षेत्रों में सीआईएसएफ ने अवैध खनन और कोयला चोरी के खिलाफ बड़े पैमाने पर कार्रवाई की है। ...और पढ़ें

झारखंड कोयलांचल में कोयला माफिया पर छापामारी, दो अधिकारियों पर भी कार्रवाई।

झारखंड कोयलांचल में कोयला माफिया पर छापामारी, दो अधिकारियों पर भी कार्रवाई।

HighLights

  1. अवैध खनन और कोयला चोरी के खिलाफ सीआईएसएफ की बड़ी कार्रवाई।

  2. सीबीआई ने सीआईएसएफ के दो पूर्व अधिकारियों पर भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया।

  3. कोयला क्षेत्रों में सुरक्षा बढ़ाने हेतु 500 अतिरिक्त जवान तैनात होंगे।

डिजिटल डेस्क, रांची। झारखंड के कोयला क्षेत्रों में सितंबर माह में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) ने सुरक्षा और कार्रवाई दोनों मोर्चों पर सक्रियता दिखाई। एक ओर जहां अवैध खनन और कोयला चोरी के खिलाफ बड़े पैमाने पर छापेमारी और जब्ती हुई, वहीं दूसरी ओर बीसीसीएल धनबाद यूनिट में कथित भ्रष्टाचार के मामले में सीबीआई ने दो पूर्व अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की।

सीबीआई की एंटी-करप्शन ब्रांच धनबाद ने बीसीसीएल कोयला नगर स्थित सीआईएसएफ यूनिट में वित्तीय अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोप में तत्कालीन उप कमांडेंट ओम कुमार तनवर और तत्कालीन इंस्पेक्टर (एग्जीक्यूटिव) राज लक्ष्मी वर्मा के खिलाफ एफआईआर दर्ज की।

मामला सीआईएसएफ मुख्यालय के मुख्य सतर्कता अधिकारी जोस मोहन की शिकायत पर आधारित है। शिकायत में दस्तावेज और तीन ऑडियो क्लिप वाले पेन ड्राइव का जिक्र है, जिनमें कथित तौर पर अवैध लेन-देन की बातें दर्ज हैं। दोनों अधिकारियों को मार्च 2026 में आंतरिक जांच के बाद निलंबित कर दिया गया था। वे फिलहाल अन्य इकाइयों में पदस्थ हैं।

जांच में सीआईएसएफ के दो दर्जन से अधिक अधिकारी-जवान रडार पर बताए जा रहे हैं। इससे पहले जांच प्रभावित न हो, इसके लिए कई संदिग्ध कर्मियों का तबादला भी किया जा चुका था।

कोयला चोरी के खिलाफ अभियान

सीआईएसएफ महानिदेशक प्रवीर रंजन ने 16 से 18 सितंबर के दौरान झारखंड और पश्चिम बंगाल के कोयला क्षेत्रों का तीन दिवसीय दौरा किया। उन्होंने बीसीसीएल धनबाद और बोकारो स्टील प्लांट (बीएसएल) की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की।

बैठक में बीसीसीएल और स्थानीय प्रशासन के साथ ‘जीरो कोल लीकेज’ नीति को प्रभावी बनाने का रोडमैप तैयार किया गया। इस दौरान कोयला और इस्पात क्षेत्रों में सुरक्षा मजबूत करने के लिए 500 अतिरिक्त सीआईएसएफ जवान तैनात करने की योजना बनाई गई।

ड्रोन निगरानी और जीपीएस तकनीक का इस्तेमाल बढ़ाने पर जोर दिया गया। सीसीएल के संवेदनशील मगध और आम्रपाली खदानों की सुरक्षा भी सीआईएसएफ को सौंपी गई। इसके लिए डीआईजी सहित कुल 1,676 पद सृजित किए गए हैं।

बड़ी जब्ती और छापे

  • फुलबसिया साइडिंग के पास करीब 250 टन अवैध कोयला जब्त।  
  • बेनीडीह (बीसीसीएल ब्लॉक-2) में 70 टन कोयला बरामद।  
  • धमधमिया जंगल और अन्य क्षेत्रों से भी टन भर कोयला तथा खनन उपकरण जब्त।  
  • दर्जनों वाहनों की जांच, अवैध खनन मुहानों की भराई और एमएमडीआर एक्ट के तहत कार्रवाई जारी।

झारखंड-पश्चिम बंगाल कोयला बेल्ट में लगभग 12,000 सीआईएसएफ कर्मी तैनात हैं, जो माफिया के खिलाफ लगातार अभियान चला रहे हैं।सीआईएसएफ अधिकारियों का कहना है कि राष्ट्रीय संपत्ति की सुरक्षा के लिए निगरानी और संयुक्त कार्रवाई आगे भी तेज रहेगी।

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