हड़ताल पर गए तो होगी कार्रवाई, 108 एंबुलेंस कर्मियों को झारखंड सरकार की दो टूक चेतावनी
स्वास्थ्य विभाग ने 108 एंबुलेंस कर्मियों को हड़ताल पर जाने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है, साथ ही नए कर्मियों की बहाली की बात कही है।

एंबुलेंस। फाइल फोटो
HighLights
स्वास्थ्य विभाग ने 108 एंबुलेंस कर्मियों को चेतावनी दी।
हड़ताल पर जाने पर होगी कड़ी कार्रवाई, नए कर्मी बहाल।
सिविल सर्जन संचालन मांग पर वार्ता विफल, हड़ताल जारी।
राज्य ब्यूरो, रांची। स्वास्थ्य विभाग ने आंदोलनरत 108 एंबुलेंस के चालकों एवं कर्मियों से दो टूक कहा है कि वे काम पर लौटें। कर्मी हड़ताल पर गए तो उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
उनकी जगह नए चालक और कर्मी बहाल किए जाएंगे। इससे पहले स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी तथा विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने शुक्रवार को विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलनरत कर्मियों के साथ वार्ता की।
इसमें उनकी अधिसंख्य मांगों पर सहमति तो बनी, लेकिन 108 एंबुलेंस का संचालन सिविल सर्जन स्तर से होने की मांग पर सहमति नहीं बनी, जिस कारण वार्ता विफल हो गई।
वर्तमान में यह सेवा एकीकृत व्यवस्था के तहत संचालित होती है। 21 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल के निर्णय पर कर्मी अड़े हुए हैं।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि कर्मियों की मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए लगभग सभी प्रमुख मांगों को स्वीकार कर लिया गया है।
इसके बावजूद यदि कर्मचारी किसी के इशारे पर हड़ताल जारी रखते हैं और जनता की स्वास्थ्य सेवाओं को बाधित करते हैं, तो सरकार अब सख्त कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगी।
विभाग नारेबाजी और राजनीतिक दबाव के आगे नहीं झुकेगा। उन्होंने कहा कि त्योहार में उनके मानेदय भुगतान का आश्वासन दिया गया है। साथ ही विभाग द्वारा पूर्व में हटाए गए 20 कर्मचारियों को दोबारा रखने की मांग पर भी सहमति दी है।
108 एंबुलेंस सेवा में एजेंसी बदलने की मांग पर मंत्री ने स्पष्ट किया कि छठ पूजा तक नई एजेंसी को बहाल करने की दिशा में कार्रवाई की जाएगी।
108 एंबुलेंस सेवा को सिविल सर्जन के माध्यम से संचालित करने की मांग को स्वीकार करना संभव नहीं है, क्योंकि इसके लिए मौजूदा प्रशासनिक एवं संचालन व्यवस्था में बड़े बदलाव की आवश्यकता होगी।
बैठक में अपर मुख्य सचिव ने भी स्पष्ट किया कि 108 एंबुलेंस सेवा के संचालन में सुधार के लिए नई एजेंसी बहाल की जाएगी। जो कर्मचारी नई व्यवस्था के तहत काम करना चाहते हैं, उन्हें नियमानुसार अवसर दिया जा सकता है।
वहीं, काम के बजाय आंदोलन और नेतागिरी को प्राथमिकता देने वालों के कारण स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित नहीं होने दी जाएगी।
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अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा ने कर्मियों से अपील की कि वे अपनी समस्याओं का समाधान वार्ता के माध्यम से करें, बार-बार हड़ताल का रास्ता न अपनाएं।
वार्ता में झारखंड प्रदेश एम्बुलेंस कर्मचारी संघ की ओर से प्रदेश अध्यक्ष नीरज तिवारी, प्रदेश महामंत्री सूरज साहू, कार्यकारी अध्यक्ष मुकेश कुमार, रवींद्र कुमार सहित सभी जिलों के जिला अध्यक्ष एवं सचिव उपस्थित रहे।
वार्ता के बाद संघ की ओर से कहा गया कि सरकार द्वारा कर्मचारियों की केवल एक मांग माने जाने तथा अन्य दो मांगों पर सहमति नहीं बनने के कारण 21 अक्टूबर से राज्यव्यापी अनिश्चितकालीन हड़ताल के निर्णय को बरकरार रखा गया है। शुक्रवार को राज्य भर से आए कर्मियों ने नामकुम स्थित आरसीएच के समक्ष धरना-प्रदर्शन भी किया।
सम्मान फाउंडेशन ने दिया वेतन देने का प्रमाण
वार्ता के दौरान 108 एंबुलेंस का संचालन कर रही एजेंसी सम्मान फाउंडेशन द्वारा वेतन भुगतान से संबंधित प्रमाण प्रस्तुत किए गए।
संघ ने कंपनी द्वारा प्रस्तुत जुलाई एवं अगस्त माह के वेतन भुगतान के प्रमाणों पर सवाल उठाते हुए उन्हें फर्जी बताया।
संघ के अनुसार, कंपनी द्वारा एक माह में लाखों रुपये के भुगतान का प्रमाण प्रस्तुत किया गया है, जिसकी सत्यता पर सवाल खड़े होते हैं।
