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JAC बोर्ड परीक्षा 2027 के लिए बदला नियम, मैट्रिक-इंटर का फॉर्म भरने में अब ये जानकारी जरूरी

Published: Wed, 14 Oct 2026 12:17 PM (IST)

जैक द्वारा वर्ष 2027 की मैट्रिक और इंटरमीडिएट परीक्षाओं के फॉर्म दुर्गापूजा के बाद भरे जाएंगे, जिसमें लगभग आठ लाख ...और पढ़ें

झारखंड अकादमिक परिषद की फाइल फोटो। जागरण

झारखंड अकादमिक परिषद की फाइल फोटो। जागरण

HighLights

  1. जैक मैट्रिक-इंटर परीक्षा 2027 के फॉर्म दुर्गापूजा के बाद भरने की उम्मीद।

  2. पंजीयन और परीक्षा फॉर्म के लिए PEN व यू-डाइस कोड अनिवार्य।

  3. नए नियम से डुप्लीकेट पंजीयन पर रोक लगाने की तैयारी।

जागरण संवाददाता, रांची। झारखंड एकेडमिक काउंसिल (जैक) की वर्ष 2027 में होने वाली मैट्रिक और इंटरमीडिएट परीक्षाओं के लिए दुर्गापूजा के बाद परीक्षा फार्म भरने की प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है। इसके लिए तैयारियां की जा रही हैं और स्कूलों से विद्यार्थियों से संबंधित जानकारी जुटाई जा रही है।

इस बार मैट्रिक और इंटर की परीक्षा में करीब आठ लाख परीक्षार्थियों के शामिल होने की संभावना है। पिछले वर्ष इन परीक्षाओं में लगभग 7.44 लाख विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया था। इस बार परीक्षार्थियों की संख्या में बढ़ोतरी की उम्मीद के पीछे स्कूलों में ड्रापआउट कम होना, अभिभावकों में शिक्षा के प्रति बढ़ती जागरूकता और मध्याह्न भोजन योजना जैसे प्रयासों को अहम माना जा रहा है।

वर्ष 2027 की मैट्रिक, इंटर, मध्यमा और मदरसा परीक्षाओं के लिए परीक्षा फार्म भरने की प्रक्रिया में इस बार एक महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। विद्यार्थियों का पंजीयन और परीक्षा फार्म भरने के लिए परमानेंट एजुकेशन नंबर (पेन) और यू-डाइस कोड अनिवार्य होगा। जैक ने इस संबंध में राज्य के सभी स्कूलों को पहले ही निर्देश जारी किया है। निर्धारित पहचान संबंधी जानकारी के बिना विद्यार्थियों का पंजीयन और परीक्षा फार्म स्वीकार नहीं किया जाएगा।

डुप्लीकेट पंजीयन पर लगेगी रोक

पेन और यू-डाइस कोड अनिवार्य करने का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों के डुप्लीकेट पंजीयन पर रोक लगाना और उनका एकीकृत शैक्षणिक डाटाबेस तैयार करना है। इससे विद्यार्थियों की पहचान और शैक्षणिक रिकार्ड का मिलान करना आसान होगा।

साथ ही, स्कूलों में नामांकित विद्यार्थियों की संख्या और परीक्षा में शामिल होने वाले परीक्षार्थियों से संबंधित आंकड़ों को अधिक सटीक बनाया जा सकेगा। स्कूलों को परीक्षा फार्म भरने से पहले विद्यार्थियों की पहचान और संबंधित जानकारी की जांच करनी होगी। इससे पंजीयन प्रक्रिया में होने वाली गड़बड़ियों को कम करने में मदद मिलेगी।

ड्रापआउट कम होने से बढ़ रही परीक्षार्थियों की संख्या

पिछले वर्ष मैट्रिक और इंटर की परीक्षा में करीब 7.44 लाख विद्यार्थी शामिल हुए थे। इस बार यह संख्या बढ़कर लगभग आठ लाख तक पहुंचने की उम्मीद है। विद्यार्थियों की संख्या में संभावित बढ़ोतरी के पीछे स्कूल छोड़ने वाले बच्चों की संख्या में कमी और अभिभावकों में शिक्षा को लेकर बढ़ती जागरूकता को प्रमुख वजह माना जा रहा है।

इसके अलावा, मध्याह्न भोजन योजना भी बच्चों को स्कूल से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। नियमित रूप से स्कूल आने के प्रति बच्चों और अभिभावकों का रुझान बढ़ने से शिक्षा व्यवस्था को मजबूती मिल रही है। 

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